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''उद्धव ठाकरे और उनके बेटे मुंबई का भाग्य तय नहीं कर सकते'' : झुग्गी विवाद पर पीयूष गोयल

पीयूष गोयल ने कहा- हम प्रत्येक झुग्गीवासी को अच्छा घर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

नई दिल्ली :

शिवसेना (यूबीटी) के नेता आदित्य ठाकरे ने शनिवार को बीजेपी पर मुंबई से झुग्गियों को जबरन हटाने और उनमें रहने वाले लोगों को नमक से अटी पड़ी (साल्ट पैन लैंड) तटीय भूमि पर ले जाकर बसाने की योजना बनाने का आरोप लगाया. इस पर केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने तीखा जवाब दिया कि, उद्धव ठाकरे और उनके बेटे मुंबई का भाग्य तय नहीं कर सकते.

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पीयूष गोयल ने झुग्गी-झोपड़ियों के पुनर्वास के लिए मुंबई में नमक से आच्छादित जमीन देने के विचार का स्वागत किया था. इस पर आदित्य ठाकरे ने कहा, ‘‘यह एक बहुत ही खतरनाक योजना है. जो लोग झुग्गियों में रहते हैं, उनकी आजीविका वहीं आसपास चलती है. हम उन्हें (बीजेपी को) झुग्गियों को ऐसे क्षेत्र में ले जाने की उनकी योजना पर आगे नहीं बढ़ने देंगे.’

महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री आदित्य  ठाकरे ने आरोप लगाया, ”बीजेपी की नीति गरीबी को खत्म करने की नहीं, बल्कि गरीब लोगों को मिटाने की है.” उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी की चाल अपने ‘दोस्तों’ को सारे ‘नमक क्षेत्र’ देने की है. ठाकरे ने कहा कि स्थानांतरण पर फैसला मुंबई के लोग करेंगे, केंद्र नहीं.

आदित्य ठाकरे के बयान के बाद पीयूष गोयल ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा- ”उद्धव ठाकरे जी और उनके बेटे मुंबई का भाग्य तय नहीं कर सकते. यह शहर उन सभी के सपनों और आकांक्षाओं को कायम रखता है जो इसे अपना घर कहते हैं. जो लोग शहर की गंदी बस्तियों (Slums) में रहते हैं उन्हें बेहतर जीवन जीने का पूरा अधिकार है. मुंबई को दुनिया के सबसे बेहतरीन शहरों में से एक में तब्दील करने के दृष्टिकोण को लेकर मेरा विरोध करना उनके विकास-विरोधी एजेंडे को दर्शाता है.”

गोयल ने कहा कि, ”हमारे साहसिक विचारों और विकास को हर दरवाजे तक पहुंचाने की प्रतिबद्धता के प्रति उनके अंध विरोध में उनकी लोगों को दबाए रखने और उन्हें वंचित रखने की मानसिकता दिखाई देती है.”

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केंद्रीय मंत्री ने कहा- ”हम प्रत्येक झुग्गीवासी को एक अच्छा घर उपलब्ध कराने और उनका पुनर्वास करने के लिए प्रतिबद्ध हैं. उद्धव जी का बदनाम, निराश, हतोत्साहित और पटरी से उतर चुका नेतृत्व समाधान नहीं दे सकता है बल्कि समाज में कलह ही पैदा करने वाला है.”

इससे पहले एक इंटरव्यू में पीयूष गोयल ने कहा था कि अगर वे निर्वाचित होते हैं, तो वे एक ऐसी परियोजना पर काम करेंगे, जो इस निर्वाचन क्षेत्र को पूरी तरह से स्वच्छ कर देगी. इस क्षेत्र में मलाड, कांदिवली और बोरीवली जैसे उत्तरी उपनगर शामिल हैं.

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