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'30 साल बाद के लिए क्या मोदी आज गाली खाएगा' : अग्निपथ पर विपक्ष को ऐसा क्यों बोल गए पीएम मोदी


दिल्ली:

करगिल युद्ध की 25वीं सालगिरह पर पीएम मोदी (PM Modi On Agnipath Scheme) ने लद्दाख के द्रास में करगिल के शहीदों को श्रद्धांजलि देने के बाद अग्निपथ योजना पर सरकार को मिल रहे विरोध पर विपक्ष को दो टूक जवाब दिया. पीएम मोदी ने कहा कि जो लोग देश के युवाओं को गुमराह कर रहे हैं, इतिहास साक्षी है कि उन्हें सैनिकों की कोई परवाह नहीं है. ये वही लोग हैं जिन्होंने 500 करोड़ रुपए दिखाकर वन रैंक वन पेंशन पर झूठ बोला था. हमारी सरकार ने वन रैंक वन पेंशन लागू किया, पूर्व सैनिकों को सवा लाख करोड़ रुपए से ज्यादा दिए.

कुछ लोग पेंशन पर भ्रम फैला रहे

पीएम मोदी ने कहा कि देश को गुमराह करने वाले लोग वही हैं  जिन्होंने आजादी के 7 दशक बाद भी शहीदों के लिए वॉर मेमोरियल नहीं बनाया और यहां तक कि सीमा पर तैनात हमारे जवानों को पर्याप्त बुलेटप्रूफ जैकेट्स तक नहीं दिए थे.  पीएम मोदी ने कहा कि कुछ लोग ये भ्रम फैला रहे हैं कि सरकार पेंशन के पैसे बचाने के लिए ये योजना लेकर आई है. ऐसे लोगों से मैं पूछना चाहता हूं, आज की भर्तियों के लिए पेंशन का प्रश्न तो 30 साल बाद उठेगा तो फिर सरकार उसके लिए आज क्यों फैसला लेती. उसे क्या तब की सरकारों के लिए नहीं छोड़ देती. लेकिन, हमने सेनाओं द्वारा लिए गए इस फैसले का सम्मान किया है, क्योंकि हमारे लिए राजनीति नहीं, देश की सुरक्षा सर्वोपरि है.

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सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियों पर नहीं दिया गया ध्यान

सेना की तरफ से किए गए जरूरी सुधार का एक उदाहरण अग्निपथ स्कीम भी है. दशकों तक, संसद से लेकर अनेक कमेटीज तक में सेनाओं को युवा बनाने पर चर्चाएं होती रही हैं. भारत के सैनिकों की औसत आयु ग्लोबल एव्रेज से ज्यादा होना चिंता बढ़ाता रहा है. यही वजह है कि ये मुद्दा सालों तक अनेक कमेटियों में भी उठता रहा है. लेकिन फिर भी किसी ने देश की सुरक्षा से जुड़ी इस चुनौती के समाधान की पहले इच्छाशक्ति नहीं दिखाई. लेकिन अग्निपथ योजना के जरिए देश ने इस चिंता को एड्रेस किया है. 

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अग्निपथ योजना पर क्या बोले पीएम मोदी?

अग्निपथ का लक्ष्य सेनाओं को युवा बनाना और युद्ध के लिए निरंतर योग्य बनाकर रखना है. दुर्भाग्य से, राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े इतने संवेदनशील विषय को कुछ लोगों ने राजनीति का विषय बना दिया. ये लोग सेना के इस रिफॉर्म पर भी अपने व्यक्तिगत स्वार्थ में झूठ की राजनीति कर रहे हैं. इन लोगों ने सेनाओं में हजारों करोड़ के घोटाले करके हमारी सेनाओं को कमजोर किया. ये चाहते थे कि एयरफोर्स को कभी आधुनिक फाइटर जेट न मिल पाएं. इन लोगों ने तो तेजस फाइटर प्लेन को भी डिब्बे में बंद करने की तैयारी कर ली थी. 

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पीएम मोदी ने बताया सेना का मतलब

पीएम मोदी ने कहा कि कुछ लोग सचते थे कि सेना का काम नेताओं को सलामी देना और परेड करना है. लेकिन हमारे लिए सेना का मतलब 140 करोड़ लोगों का विश्वास है और युद्ध के लिए निरंतर तैयार रखना है. दुर्भाग्य से राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े इतने संवेदनशील विषय को कुछ लोगों ने राजनीति का विषय बना दिया है.

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