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'54 साल के युवा नेता…' : संविधान पर चर्चा के दौरान अमित शाह का राहुल गांधी पर तंज


नई दिल्‍ली:

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने संविधान पर चर्चा के दौरान कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) पर जमकर तंज कसे. उन्‍होंने कहा कि 54 साल के युवा नेता संविधान घूमते रहते हैं और कहते रहते हैं कि हम संविधान बदल देंगे. साथ ही राहुल गांधी के ‘मोहब्‍बत की दुकान’ को लेकर भी केंद्रीय मंत्री ने तंज कसा और कहा कि हर गांव में मोहब्‍बत की दुकान खोलने वालों के भाषण हमने बहुत सुने हैं. 

केंद्रीय गृह मंत्री ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी का नाम लिये बिना उनकी ओर संकेत करते कहा, ‘‘अभी कुछ राजनेता आये हैं, 54 साल की आयु में अपने को युवा कहते हैं. घूमते रहते हैं और (कहते हैं कि सत्तारूढ़ दल वाले) संविधान बदल देंगे, संविधान बदल देंगे. मैं उनसे कहना चाहता हूं कि संविधान बदलने का प्रावधान संविधान के अनुच्छेद 368 में ही है.”

16 साल के शासन में 22 बार संशोधन : शाह 

उन्होंने कहा कि भाजपा ने 16 साल के शासन में 22 बार संविधान में संशोधन किया है. साथ ही कहा कि कांग्रेस ने 55 साल शासन किया और इस दौरान उसने संविधान में 77 बार परिवर्तन (संविधान संशोधन) किए. 

गृह मंत्री ने दावा किया कि संविधान संशोधन में यह देखने वाली बात है कि किसने देश के नागरिकों की भलाई के लिए संशोधन किए और किसने अपनी सत्ता को बचाये रखने के लिए इसमें परिवर्तन किए।

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मोहब्‍बत दुकान से बेचने की चीज नहीं :शाह 

इसके साथ ही उन्‍होंने राहुल गांधी के ‘मोहब्‍बत की दुकान’ वाले बयान को लेकर कहा, ” हमने मोहब्‍बत की दुकान के बहुत नारे सुने हैं. मोहब्बत की दुकान हर गांव में खोलने की महत्वाकांक्षा रखने वाले लोगों के भाषण भी हमने बहुत सुने हैं. मेरा उनको कहना है कि मोहब्बत दुकान से बेचने की चीज नहीं है भैया, मोहब्बत प्रचार की चीज नहीं है. मोहब्बत दिल में बसाने का जज्बा है, मोहब्बत दूसरों को महसूस कराने का लम्हा है.” 

झूठ बोलकर जनादेश लेने का कुत्सित प्रयास : शाह 

अमित शाह ने कहा, “संविधान का सम्मान सिर्फ बातों में नहीं, कृति में भी होना चाहिए. इस चुनाव में अजीबोगरीब नजारा देखा. किसी ने आम सभा में संविधान को लहराया नहीं. संविधान लहराकर, झूठ बोलकर जनादेश लेने का कुत्सित प्रयास कांग्रेस के नेताओं ने किया. संविधान लहराने का विषय नहीं है, संविधान तो विश्वास का विषय है, श्रद्धा का विषय है. संविधान की प्रति फर्जी लेकर घूमते हो तो लोगों ने हरा दिया.” 



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