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'INDIA' के लिए AAP ने बड़ी 'कुर्बानी' देकर कांग्रेस को दे डाली चुनौती

लोकसभा चुनाव में बीजेपी को हराने के मकसद से विपक्ष के 28 दलों ने INDIA गठबंधन बनाया था. गठबंधन की दो प्रमुख पार्टी कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के बीच दिल्ली, गुजरात, गोवा, हरियाणा, चंडीगढ़ में सीटों के बंटवारे को लेकर समझौता हुआ है. असम की 14 लोकसभा सीटों में से कुछ सीटों पर उम्मीदवार खड़े करने को लेकर दोनों पार्टियों में खींचतान चल रही थी.

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कांग्रेस ने 13 सीटों पर फाइनल किए थे उम्मीदवार

असम की 14 में से 13 सीटों पर कांग्रेस ने कैंडिडेट्स फाइनल कर दिए थे. जबकि आम आदमी पार्टी (AAP) ने यहां पहले से ही तीन उम्मीदवारों के नाम की घोषणा कर दी थी. AAP ने गुवाहाटी, सोनितपुर और डिब्रूगढ़ के लिए उम्मीदवारों के नाम घोषित किए थे. कांग्रेस ने ऐलान किया था कि वो 13 सीटों पर चुनाव लड़ेगी. पार्टी ने उम्मीद जताई थी कि वह डिब्रूगढ़ के लिए अपने क्षेत्रीय सहयोगी असम जातीय परिषद (AJP) के साथ सीट-बंटवारे पर समझौता कर लेगी. जबकि AAP ने डिब्रूगढ़ से मनोज धनोवार को मैदान में उतारा है. AJP ने इस सीट से लुरिनज्योति गोगोई को अपना उम्मीदवार घोषित किया है. अब AAP ने गुवाहाटी से कैंडिडेट वापस लेकर कांग्रेस पर भी बड़ा कदम उठाने का अप्रत्यक्ष रूप से दबाव बना दिया है.

बीजेपी ने सर्बानंद सोनोवाल को डिब्रूगढ़ से दिया टिकट

दूसरी तरफ, बीजेपी ने पूर्व मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल को डिब्रूगढ़ से अपना उम्मीदवार बनाया है. जबकि ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने भी कोकराझार (ST), बारपेटा, लखीमपुर और सिलचर (SC) सीटों पर अपने उम्मीदवारों के नामों का ऐलान काफी पहले कर दिया था. 

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आम आदमी पार्टी ने कहा कि उसने असम और देश के अन्य हिस्सों में विपक्षी एकता बनाए रखने की पूरी कोशिश की है. AAP ने कांग्रेस पर सीट बंटवारे को लेकर जारी बातचीत के दौरान उम्मीदवारों की घोषणा करने का आरोप लगाया है.

वोट बांटकर बीजेपी की मदद नहीं करेगी कांग्रेस?

AAP ने कहा, “कांग्रेस के इस रवैये से हम पूरी तरह से सदमे में हैं. क्या वह वोट बांटकर बीजेपी की मदद नहीं करेगी? क्या इससे बीजेपी को मदद नहीं मिलेगी? असम के लोग चाहते हैं कि विपक्ष एकजुट रहे, तभी हम बीजेपी को हरा पाएंगे.” AAP ने कहा कि उसने विपक्षी एकता में वोटों के बंटवारे से बचने के लिए गुवाहाटी लोकसभा सीट से अपना उम्मीदवार वापस लेकर सर्वोच्च बलिदान देने का फैसला किया है.

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AAP ने कहा, “हम कांग्रेस और INDIA अलायंस के दूसरे दलों को भी चुनौती देते हैं कि वे सोनितपुर और डिब्रूगढ़ लोकसभा सीटों से अपने उम्मीदवार को वापस लेकर हमारे इशारे का जवाब दें. वरना यह साफ हो जाएगा कि कांग्रेस की बीजेपी के साथ सेटिंग है और वह सिर्फ बीजेपी की जीत सुनिश्चित करने के लिए चुनाव लड़ रही है.”

CPM ने भी की अपील

AAP का यह कदम असम कांग्रेस प्रमुख भूपेन बोरा की अपील के बाद आया है. बोरा ने राजनीतिक परिदृश्य में संभावित बदलाव का संकेत देते हुए 2026 के राज्य चुनावों के लिए AAP, CPI और CPM से एकजुट होने का आग्रह किया था. इस बीच CPM ने भी एक उम्मीदवार को नॉमिनेट किया और कांग्रेस से अपने दावेदार को वापस लेने की अपील की.

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