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ED के रिमांड नोट के मुताबिक- "झारखंड के मंत्री आलमगीर टेंडर देने के बदले लेते थे कमीशन''

ED के रिमांड नोट के मुताबिक-

झारखंड के मंत्री आलमगीर आलम पर ईडी ने कसा शिकंजा

कांग्रेस नेता एवं झारखंड के ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम को लेकर ईडी के रिमांड नोट में बड़ा खुलासा हुआ है. नोट में ये खुलासा हुआ है कि ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम अपने विभाग में टेंडर देने के बदले टेंडर की रकम का 1.5 प्रतिशत हिस्सा खुद लेते थे. उनके पीएस संजीव लाल के घरेलू सहायक जहांगीर आलम के यहां जो पैसा और दस्तावेज बरामद हुए, वो आलमगीर आलम के कहने पर ही रखे गए थे.

 इन लोगों को मिली थी कमीशन इकठ्ठा करने की जिम्मेदारी

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आलमगीर आलम के लिए ग्रामीण विकास विभाग का चीफ इंजीनियर वीरेंद्र राम और असिस्टेंट इंजीनियर कमीशन इकठ्ठा करते थे. इसी क्रम में सितंबर 2022 में एक असिस्टेंट इंजीनियर ने आलमगीर आलम को कमीशन का 3 करोड़ रुपया दिया था. संजीव लाल आलमगीर आलम के लिए कमीशन इकठ्ठा करता था. इस सिंडिकेट में ग्रामीण विकास विभाग के कई अफसर मिले हुए हैं. आलमगीर आलम एक प्रभावशाली आदमी है और वो गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं और सबूतों के साथ छेड़खानी की भी संभावना है.

मनी लॉन्ड्रिंग मामले में हुईं झारखंड के मंत्री की गिरफ्तारी

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कांग्रेस नेता एवं झारखंड के ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम को धन शोधन मामले में हाल ही में गिरफ्तार किया था. आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी. सूत्रों ने बताया कि यहां एजेंसी के क्षेत्रीय कार्यालय में पूछताछ के दूसरे दिन लगभग छह घंटे तक किए गए सवाल-जवाब के बाद उन्हें धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के प्रावधानों के तहत हिरासत में ले लिया गया.

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ईडी ने 32 करोड़ से ज्यादा कैश किया जब्त

केंद्र एजेंसी ने मंगलवार को उनसे नौ घंटे से अधिक समय तक पूछताछ की थी और उनका बयान भी दर्ज किया था. एजेंसी ने पिछले हफ्ते एक फ्लैट से 32 करोड़ से अधिक की नकदी जब्त करने के बाद आलम के निजी सचिव एवं राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारी संजीव कुमार लाल (52) तथा लाल के घरेलू सहायक जहांगीर आलम (42) को गिरफ्तार किया था. धन शोधन जांच राज्य ग्रामीण विकास विभाग में कथित अनियमितताओं और ‘‘रिश्वत” लेने से संबंधित है.

गिरफ्तार दोनों लोगों की रिमांड की मांग करते हुए, ईडी ने यहां एक विशेष पीएमएलए अदालत को बताया था कि लाल ने कुछ प्रभावशाली लोगों की ओर से ‘‘कमीशन” एकत्र किया और ग्रामीण विभाग में ‘‘ऊपर से नीचे” तक के सरकारी अधिकारी कथित तौर पर रिश्वत लेने की सांठगांठ में शामिल हैं.

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