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अभिनेता मोहनलाल मलयालम मूवी आर्टिस्ट एसोसिएशन चीफ के पद से हटे, पूरा पैनल बर्खास्त


नई दिल्ली:

मलयालय फिल्म उद्योग में महिलाओं के वर्किंग कंडीशन पर हेमा समिति (Hema Committee) की विस्फोटक रिपोर्ट आने के बाद से हंगामा मचा हुआ है. एक के बाद एक इस्तीफे हो रहे हैं. अभिनेता मोहनलाल को मलयालम मूवी आर्टिस्ट एसोसिएशन चीफ के पद से हटा दिया गया है. साथ ही पूरे पैनल को बर्खास्त कर दिया गया है. रविवार को मलयालम मूवी आर्टिस्ट एसोसिएशन (एएमएमए) महासचिव सिद्दीकी और केरल राज्य चलचित्र अकादमी के अध्यक्ष और फिल्म आइकन रंजीत ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था.

एक अभिनेत्री ने आरोप लगाया था कि 2008 से 2013 के दौरान उन्हें मुकेश, लोकप्रिय अभिनेता मणियन पिल्लई राजू, जयसूर्या और एएमएमए के पूर्व महासचिव एडावेला बाबू के साथ बुरे अनुभवों का सामना करना पड़ा, जिसके बाद उन्होंने फिल्म उद्योग छोड़ दिया.  अभिनेत्री ने दावा किया था कि 2008 में जब वह शौचालय से बाहर आ रही थीं, तब जयसूर्या ने उन्हें गले लगाया था. अभिनेत्री ने कहा था “ऐसा हुआ और मैं हैरान रह गई और मुकेश ने भी मेरे कमरे में घुसकर मेरे साथ बदतमीजी की थी. राजू और बाबू ने मुझसे ऐसे शब्द बोले थे जिनमें यौन संकेत (सेक्शुअल ओवरटोन्स) थे.”

मुझे इन लोगों के कारण इंडस्ट्री छोड़नी पड़ी: अभिनेत्री ने किया था दावा
अपनी फेसबुक पोस्ट में अभिनेत्री ने लिखा था कि “2013 में, एक प्रोजेक्ट पर काम करते समय इन व्यक्तियों द्वारा मुझे शारीरिक और मौखिक रूप से प्रताड़ित किया गया था. मैंने सहयोग करने और काम जारी रखने की कोशिश की, लेकिन दुर्व्यवहार असहनीय हो गया. अंत में मुझे मलयालम फिल्म इंडस्ट्री छोड़ने और चेन्नई मूव होने के लिए मजबूर होना पड़ा. मैंने एक अखबार के लेख में दुर्व्यवहार के खिलाफ आवाज उठाई थी. अब मैं उस आघात और पीड़ा के लिए न्याय और जवाबदेही की मांग कर रही हूं जो मैंने झेली है. मैं उनके जघन्य कृत्यों के लिए उनके खिलाफ कार्रवाई करने में आपकी सहायता का अनुरोध करती हूं,” 

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बढ़ते हुए प्रेशर को देखते हुए मुख्यमंत्री पिनरयई विजयन ने रविवार को वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ हाई-लेवल मीटिंग बुलाई थी और सात सदस्यीय अधिकारियों की स्पेशल टीम का गठन किया था.  जो महिला एक्टर पर हो रहे अत्याचारों की जांच करेगी. The Hindkeshariसे बात करते हुए  सोनिया मल्हार ने कहा था कि पीड़ितों ने बार-बार जांच एजेंसियों के साथ अपनी आपबीती साझा की है. उन्होंने कहा था, “हमें केंद्र और राज्य सरकार से तुरंत कार्रवाई की जरूरत है. मुझे लगता है कि बार-बार जो हुआ उसे समझाना बहुत मुश्किल है. हर दिन नई समितियां बनाई जा रही हैं.”

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