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गंडक बैराज से पानी छोड़े जाने और राप्ती का जलस्तर बढ़ने से यूपी के कई हिस्सों में आई बाढ़, राहत बचाव में जुटा प्रशासन


कुशीनगर:

उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में गंडक नदी एक बार फिर तबाही मचा रही है. नेपाल के गंडक बैराज से 5 लाख 65 हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद खड्डा तहसील के आधा दर्जन गांव बाढ़ के पानी से घिर गए हैं. सडकों पर पानी भर जाने की वजह से इन गांव का संपर्क अन्य जगहों से कट गया है. गांव में पानी भर जाने के कारण लोग अपने घरों की छप शरण लेने के लिए मजबूर हो गए हैं. घर की छतों पर ही वो अपना भोजन बना रहे हैं और छत पर ही सो रहे हैं. 

कुशीनगर के हिस्सों में भरा पानी

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचने के लिए डीएम, एसपी और क्षेत्रीय विधायक स्टीमर, ट्रैक्टर ट्रॉली आदि का इस्तेमाल कर रहे हैं और गांव के लोगों तक राहत सामग्री पहुंचा रहे है. प्रशासनिक अधिकारियों ने प्रभावित हिस्सों में रह रहे लोगों का खाना भी कम्यूनिटी किचन में कराया. बता दें कि नेपाल के गंडक बैराज से पानी छोड़े जाने के बाद ही रेता इलाके के शिवपुर, मरिचहवा, हरिहरपुर, बसंतपुर, बालगोविंद छपरा, नारायणपुर सहित आधा दर्जन घर बाढ़ के पानी से घिर गए हैं. 

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एसपी संतोष कुमार ने बाढ़ ग्रस्त पीड़ितों से की मुलाकात

प्रदेश सरकार के निर्देश पर क्षेत्रीय विधायक विवेकानंद पाण्डेय, जिलाधिकारी विशाल भारद्वाज, एसपी संतोष कुमार मिश्र बाढ़ ग्रस्त क्षेत्र में पहुंचे और बाढ़ पीड़ितों से मुलाकात की. इस दौरान अधिकारियों ने बाढ़ पीड़ितों में राहत सामग्री का वितरण किया. डीएम ने कहा कि सरकार बाढ़ पीड़ितों की हर संभव मदद के लिए प्रयासरत है. क्षेत्रीय विधायक विवेकानंद पाण्डेय ने कहा कि बाढ़ पीड़ितों के साथ सरकार खड़ी है. सरकार पीड़ितों के खाने पीने का इंतजाम कर रही है. एसपी संतोष कुमार मिश्र ने कहा की बाढ़ग्रस्त इलाके में सुरक्षा के इंतजाम भी किए जा रहे हैं.

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श्रावस्ती के कई हिस्सों में भी बाढ़

वहीं यूपी के श्रावस्ती में भले ही राप्ती नदी का जलस्तर घटना शुरू हो गया है लेकिन अभी भी श्रावस्ती के कई गांव बाढ़ के पानी की चपेट में हैं. भले ही राप्ती अपने खतरे की निशान से 7 सेंटीमीटर नीचे पहुंच गई है,लेकिन अभी भी इकौना सेमगढ़ा कोलाभार कंचनी, चमारन मोहल्ला जैसे दर्जनों गांव में बाढ़ का पानी घुसा हुआ है. जिससे आवागमन पूरे तरीके से बाधित हो गया. इटवारिया गिलौला सम्पर्क मार्ग पर तेज धार में पानी बह रहा है. वंही इकौना के मोहम्मदपुर दोन्द्रा में बना 50 मीटर तटबंध राप्ती की आगोश में समा चुका है. ऐसे में प्रशासन पूरी कोशिश कर रहा है कि किसी तरह इन गांवों को सुरक्षित किया जाए. 

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हरदोई में फटी शारदा नहर

हरदोई के भी मल्लावां इलाके के सलेमपुर में शारदा नहर के फटने से सलेमपुर गांव में पानी घुस गया है. पानी के कारण सैकड़ों बीघा फसलें भी जलमग्न हो गई हैं. गांव में पानी से बाढ़ जैसे हालात हैं. एसडीएम तहसीलदार मौके पर पहुंचे और हालातों का जायजा लिया. नहर जहां फटी है उस स्थान पर जेसीबी मशीन लगाकर बांधने का काम ग्रामीणों की मदद से कर्मचारी कर रहे हैं. मामले की सूचना ग्रामीणों ने सम्बन्धित अधिकारियों को दी. सूचना पाकर एसडीएम व तहसीलदार बिलग्राम भी हालातों का जायजा लेने पहुंचे. फिलहाल जहां पर नहर फटी हुई है उस स्थान को जेसीबी मशीन लगाकर कर्मचारी ग्रामीणों की मदद से बांधने में लगे हुए हैं.



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