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लेबनान के साथ इजरायल के शांति समझौते के बाद अब गाजा में हमास भी पड़ा नरम


तेल अवीन:

इजरायल ने लेबनान के साथ शांति समझौता कर लिया है. हिजबुल्लाह पर अब हमले बंद कर दिए हैं. ऐसे में जैसा माना जा रहा था कि लेबनान में शांति के बाद हमास पर भी शांति स्थापित करने का दबाव बन जाएगा. अब ऐसा लग रहा है. हमास के एक अधिकारी के हवाले से बुधवार सुबह एएफपी ने रिपोर्ट दी है कि इजरायल द्वारा लेबनान के साथ युद्धविराम पर हस्ताक्षर करने के बाद हमास ने गाजा पट्टी में युद्धविराम के लिए संकेत दिया है.

येरुसेलम पोस्ट के मुताबिक अधिकारी ने एएफपी को बताया हमास का क्या कहना है. हमास की ओर से कहा गया है, “हमने मिस्र, कतर और तुर्की में मध्यस्थों को सूचित किया है कि हमास युद्धविराम समझौते और कैदियों की अदला-बदली के लिए एक गंभीर समझौते के लिए तैयार है.”

बाइडेन का दबाव

हालांकि, अधिकारी ने कथित तौर पर इजरायल पर समझौते में बाधा डालने का आरोप लगाया. मंगलवार को अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने लेबनान में युद्धविराम और गाजा में समझौते के बीच संबंध स्थापित करते हुए कहा कि फिलिस्तीनियों को लेबनानी लोगों की तरह ही एक सुरक्षित और समृद्ध भविष्य मिलना चाहिए.

लेबनान के बाद हमास दबाव में

इसके अलावा, विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने लेबनान के साथ युद्ध विराम पर बात करते हुए कहा कि मुझे लगता है समझौता होने के बड़े परिणाम हैं. इसमें मेरा मानना ​​है कि गाजा में संघर्ष को समाप्त करने पर भी बहुत सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है. 

बंधकों को लेकर होगी सौदेबाजी

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रिपोर्ट के अनुसार इजरायल के सुरक्षा प्रतिष्ठान के सूत्रों ने संकेत दिया है कि लेबनान में इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच युद्ध विराम, जिससे आतंकवादी संगठन अपने दायित्वों को निभाने के लिए बाध्य होगा, गाजा में बंधक सौदे की वार्ता में प्रगति ला सकता है. 

क्या क्या होगा

रिपोर्ट के अनुसार, इस तरह के सौदे में इजरायल दक्षिणी गाजा में फिलाडेल्फिया कॉरिडोर पर नियंत्रण बनाए रख सकता है. 

एक वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी ने इजरायली समाचार आउटलेट को बताया कि हमास पर लगाया गया सैन्य दबाव समझौते के होने की संभावना को और प्रबल बनाता है. 

इज़राइल और लेबनान के बीच युद्ध विराम स्थानीय समयानुसार सुबह 4:00 बजे से लागू हो गया है. इस समझौते में 60 दिन की अवधि शामिल है, जिसके दौरान इज़राइली सेना दक्षिणी लेबनान से हट जाएगी, जहां लेबनानी सेना तैनात होगी, जबकि हिज़्बुल्लाह लिटानी नदी के उत्तर में आगे बढ़ेगा.


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