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राजेंद्र नगर के कोचिंग सेंटर में 3 छात्रों की मौत के बाद इलाके में चला बुलडोजर


नई दिल्‍ली:

दिल्ली के राजेंद्र नगर में एक बेसमेंट में पानी भर जाने से तीन आईएएस छात्रों की मौत के 2 दिन बाद, नगर निगम के अधिकारियों ने इलाके में बुलडोजर उतार दिया. यहां अतिक्रमण को हटाने के लिए क्षेत्र में कई इमारतों के हिस्‍सों पर बुलडोजर कार्रवाई की गई. न्‍यूज एजेंसी एएनआई द्वारा जारी वीडियो के मुताबिक, बुलडोजर ने नालियों को अवरुद्ध करने वाले सीमेंट के ब्लॉकों को ड्रिल किया और कुछ अवैध निर्माण को हटाया गया. तीन मौतों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे और लापरवाही के लिए एमसीडी के अधिकारियों की आलोचना करने वाले छात्र इस बुलडोजर कार्रवाई को बहुत कम, बहुत देर से की गई कार्रवाई बता रहे हैं. इन छात्रों में से एक ने कहा, “यह सब दिखावे के लिए है.”

दिल्ली नगर निगम उस दुखद घटना पर आलोचना का सामना कर रही है, जिसमें राजेंद्र नगर में राऊ के आईएएस स्टडी सर्कल की बेसमेंट लाइब्रेरी में फंसने से 25 साल की दो महिलाओं और 28 वर्षीय एक व्यक्ति की मौत हो गई. यह सामने आया है कि लाइब्रेरी नियमों का उल्लंघन कर काम कर रही थी, क्योंकि नगर निकाय ने इसे केवल पार्किंग और स्‍टोर के लिए उपयोग की अनुमति दी थी.

ऐसा पता चला है कि लगभग 35 छात्र शनिवार शाम को लाइब्रेरी में थे, जब भारी बारिश के कारण पानी अंदर घुस गया. बेसमेंट में आने-जाने का केवल एक ही रास्ता था. कुछ रिपोर्टों में कहा गया है कि बाढ़ के कारण बायोमेट्रिक सिस्‍टम खराब हो गया और छात्र फंस गए. इनमें से ज्‍यादा बच्‍चों को समय रहते बचा लिया गया, लेकिन  तीन डूब गए. पीड़ितों की पहचान तान्या सोनी, श्रेया यादव और नवीन डाल्विन के रूप में हुई है. इस घटना से बड़े पैमाने पर आक्रोश फैल गया है, छात्रों ने नागरिक अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाया है, कई चेतावनियों के बावजूद कि नालियों को अवरुद्ध करने और अतिक्रमण करने से त्रासदी हो सकती है. 

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घटना के बाद, नगर निकाय ने भवन निर्माण मानदंडों के कथित उल्लंघन के लिए 13 आईएएस कोचिंग सेंटरों पर कार्रवाई की और उन्हें सील कर दिया. दिल्ली की मेयर शैली ओबेरॉय ने यह पता लगाने के लिए जांच के आदेश दिए हैं कि क्या लापरवाही में कोई एमसीडी अधिकारी शामिल है.



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