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अमेरिका ने बना लिया 'समंदर का शैतान', राज खुला तो दुनिया हैरान, जानिए क्या है 'मंता रे'

मंता रे को डिफेंस कॉन्‍ट्रेक्‍टर नॉथ्रोप ग्रुम्‍मन ने डिजाइन किया है. यह अमेरिकी नौसेना के पानी के नीचे लंबी दूरी के हथियार बनाने की योजना का अहम हिस्‍सा है. इसके परीक्षण किए जा रहे हैं और इसे सेवा में शामिल किया जाना अभी बाकी है. 

पेंटागन की अनुसंधान शाखा डिफेंस एडवांस्ड रिसर्च प्रोजेक्ट्स एजेंसी (Defense Advanced Research Projects Agency) ने कहा है कि पांच साल पुराने मंता रे कार्यकम का उद्देश्‍य लंबी अवधि, लंबी दूरी और पेलोड-सक्षम यूयूवी की एक नई श्रेणी का निर्माण करना है, जो दुनिया के विभिन्न समुद्री वातावरणों में काम कर सके. 

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पिछले दिनों सामने आई थी मंता रे की तस्‍वीरें 

पिछले दिनों मंता रे की तस्‍वीरें सामने आई थीं, जिसमें उसे एक सपोर्ट बोट के नजदीक दिखाया गया था. वहीं एक अन्‍य तस्‍वीर में इस पर खड़े कुछ लोगों को दिखाया गया था, जिसे देखकर यह अंदाजा लगाना मुश्किल नहीं है कि वास्‍तव में यह ड्रोन कितना बड़ा है. इसे लेकर DARPA की ओर से कहा गया कि बड़े आकार के बावजूद इसे आसानी से दूसरी जगह पर भेजा और निकाला जा सकता है. 

डिफेंस एडवांस्ड रिसर्च प्रोजेक्ट्स एजेंसी (डीएआरपीए) के मंटा रे कार्यक्रम प्रबंधक डॉ. काइल वोर्नर के मुताबिक, यह ड्रोन “पानी के माध्यम से आगे बढ़ने के लिए कुशल, उछाल-संचालित ग्लाइडिंग” का उपयोग करता है. 

अमेरिका ही नहीं, अन्‍य देशों के पास भी ऐसे ड्रोन 

अमेरिका पहला ऐसा देश नहीं है, जिसके पास समुद्री ड्रोन है. उसके दुश्‍मनों और दोस्‍तों के पास ऐसे ड्रोन मौजूद हैं. खासकर चीन और रूस ऐसे ड्रोन न सिर्फ खरीद रहे हैं बल्कि उनके निर्माण में भी जुटे हैं. 

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रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिकी नौसेना का इस तरह की ड्रोन तकनीक विकसित करने के पीछे रूस और चीन के पनडुब्बी अभियानों का मुकाबला करना है. 

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