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'घोटाले छिपाने के लिए भाषा को रक्षा कवच बना रहे कुछ लोग', अमित शाह का DMK पर तीखा तंज

शुक्रवार को राज्यसभा में अपने संबोधन में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आतंकवाद, नक्सल के साथ-साथ भाषा विवाद पर भी बात की. तमिलनाडु में भाषा को लेकर चल रहे तनातनी पर अमित शाह ने कहा कि कुछ लोग घोटाले और भष्टाचार को छिपाने के लिए भाषा को रक्षा कवच बना रहे हैं. DMK के सांसद और तमिलनाडु में भाषा को लेकर जारी विरोध पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह राज्यसभा में उनपर जमकर बरसे.

राज्यसभा में गृह मंत्रालय के कामकाज पर चर्चा का जवाब देते हुए अमित शाह ने कहा कि देश की हर भाषा भारतीय संस्कृति का गहना है. प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में सरकार ने स्थानीय भाषाओं के लिए लगातार निस्वार्थ भाव से काम किया है और महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए मेडिकल तथा इंजियनियरिंग की शिक्षा को लगभग भारत की सभी भाषाओं में शुरू किया है. 

केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि भाषा के नाम पर देश को बांटने को छोड़ अब केवल विकास की बात होनी चाहिए.

अमित शाह ने कहा कि नरेन्द्र मोदी सरकार ने राजभाषा विभाग के अंतर्गत भारतीय भाषा अनुभाग की स्थापना की है, जो सभी भारतीय भाषाओं का प्रचलन बढ़ाने और मजबूत करने का काम करेगा. उन्होंने कहा कि हिंदी की किसी भी भारतीय भाषा से कोई स्पर्धा नहीं है, हिन्दी सभी भारतीय भाषाओं की सखी है.

हिन्दी से ही सभी भारतीय भाषाएं मजबूत होती है और सभी भारतीय भाषाओं से हिन्दी मजबूत होती है. अमित शाह ने यह भी कहा कि कुछ लोग अपने घोटाले और भष्टाचार को छिपाने के लिए भाषा को रक्षा कवच की तरह इस्तेमाल कर  रहे हैं. 

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उन्होंने कहा कि तमिलनाडु में जब एनडीए की सरकार आएगी तो हम निश्चित रूप से मेडिकल और इंजियनियरिंग की पढ़ाई तमिल भाषा में शुरू करेंगे.


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