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अशोक चव्हाण को लड़ना चाहिए था, लेकिन वह मैदान छोड़ गए: कांग्रेस के महाराष्ट्र प्रभारी

मुंबई:

कांग्रेस के महाराष्ट्र प्रभारी रमेश चेन्निथला ने राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण के पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल होने को लेकर मंगलवार को उन पर निशाना साधा और कहा कि उन्हें लड़ना चाहिए था, लेकिन इसके बजाय वह मैदान छोड़ गये. यहां कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक करने के बाद एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुये चेन्निथला ने कहा कि कोई भी कांग्रेस कार्यकर्ता पार्टी नहीं छोड़ेगा. अटकलें हैं कि कांग्रेस के कुछ विधायक भी पार्टी छोड़ सकते हैं.

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उन्होंने यह भी दावा किया कि भाजपा के कुछ सांसद, विधायक कांग्रेस के संपर्क में हैं. प्रत्येक क्रिया की समान और विपरीत प्रतिक्रिया होती है. भाजपा पर भी तंज कसा कि जिन पर वह (भाजपा) भ्रष्टाचार के आरोप लगाती थी अब उसने उनके लिए दरवाजे खोल दिये हैं.

चेन्निथला ने कहा कि भाजपा महा विकास आघाड़ी (एमवीए) को कमजोर करने की कोशिश कर रही है, लेकिन इस तरह के घटनाक्रम से एमवीए का संकल्प और मजबूत होगा. उन्होंने कहा, ‘‘ वह (चव्हाण) कांग्रेस के नेता और प्रमुख चेहरा थे. उन्हें लड़ना चाहिए था, लेकिन वह मैदान छोड़कर निकल गए.”

दो बार मुख्यमंत्री रहे चव्हाण ने सोमवार को कांग्रेस छोड़ दी और मंगलवार को उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और भाजपा की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष चंद्रकांत बावनकुले की उपस्थिति में पार्टी में शामिल हो गए. कांग्रेस की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष नाना पटोले ने चव्हाण से आग्रह किया कि अभी भी उनके पास समय है और वह भाजपा में शामिल होने के अपने फैसले पर पुनर्विचार करें.

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चेन्निथला ने कहा कि पार्टी ने चव्हाण को दो बार राज्य सरकार, राज्य इकाई का नेतृत्व करने का मौका दिया और उन्हें कांग्रेस कार्य समिति का सदस्य बनाया फिर भी चव्हाण ने पार्टी छोड़ने का फैसला किया. उन्होंने कहा कि चव्हाण दो दिन पहले (रविवार को) दोपहर दो बजे तक कांग्रेस की बैठकों का हिस्सा रहे. इससे पहले उन्होंने दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और अन्य वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात भी की.

चेन्निथला ने कहा, ‘‘ उन्होंने कांग्रेस पार्टी क्यों छोड़ी? उनके (चव्हाण के) पास कोई जवाब नहीं है. लोग इसे स्वीकार नहीं करेंगे. हम सिद्धांतों पर काम करते हैं. क्या उन पर प्रवर्तन निदेशालय, सीबीआई का दबाव था? उनके साथ कैसा अन्याय हुआ है.”

आगामी राज्यसभा चुनावों में क्रॉस वोटिंग की आशंकाओं को लेकर चेन्निथला ने कहा कि अगर विधायक क्रॉस वोटिंग करते हैं तो उन्हें छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया जाएगा.

उन्होंने कहा, ‘‘ हमारे पास पर्याप्त संख्या है. जब राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) और कांग्रेस मिल जाएंगे, तो संख्या बढ़ जाएगी. शरद पवार (राकांपा के) और उद्धव ठाकरे (शिवसेना यूबीटी के) के साथ मिलकर राज्यसभा चुनाव लड़ेंगे.” कांग्रेस के चंद्रकांत हंडोरे वर्ष 2022 में विधान परिषद चुनाव हार गए थे, जबकि पार्टी के पास पर्याप्त संख्या में वोट थे.

(इस खबर को The Hindkeshariटीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)

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