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प्रयागराज में छात्रों और पुलिस में टकराव, बैरिकेडिंग तोड़ आयोग के गेट पर पहुंचे


नई दिल्ली:

प्रयागराज में उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के बाहर प्रतियोगी छात्रों का विरोध प्रदर्शन चौथे दिन और तेज हो गया है. छात्रों में पुलिस के खिलाफ आक्रोश देखा जा रहा है. जिस वजह से प्रदर्शन स्थल पर टकराव बढ़ गया. छात्र पुलिस की बैरिकेडिंग तोड़कर लोक सेवा आयोग के गेट पर पहुंच चुके हैं. कुछ छात्रों को हिरासत में लिए जाने के बाद प्रदर्शन करने वाले छात्र उग्र हो गए. पुलिस ने दो लेयर की बैरिकेडिंग की थी, लेकिन इसे प्रदर्शनकारी छात्रों ने तोड़ दिया और वो आगे बढ़ गए. छात्रों का कहना है कि वो धरना आयोग के दरवाजे पर ही देंगे. हालांकि पुलिस ने किसी तरह का बलप्रयोग नहीं किया. सुबह पुलिस ने जिन छात्रों को हिरासत में लिया था, उनको लेकर पुलिस का दावा है कि वो माहौल बिगाड़ने वाले हैं, इसलिए ये कार्रवाई की गई. पुलिस ने ये भी कहा कि किसी भी महिला को हिरासत में नहीं लिया गया. ये महज अफवाह है. राजनैतिक संगठन से जुड़े छात्रों को ही पुलिस ने हिरासत में लिया.

पुलिस के अधिकारी माइक से लगातार अनाउंसमेंट कर रहे थे कि आप लोग अपना प्रतिनिधि तय करिए, जिन्हें अंदर आयोग में भेज दिया जाए और वह बातचीत करें. सोमवार सुबह से प्रतियोगी परीक्षाओं के छात्रों ने इस विरोध प्रदर्शन को शुरू किया था. प्रतियोगी परीक्षा के छात्रों द्वारा पीसीएस प्री 2024 (PCS Exam) और आरओ/एआरओ 2023 प्री परीक्षा को लेकर विरोध प्रदर्शन हो रहा है. छात्रों की मांगों को लेकर प्रशासन और आयोग के अफसरों के साथ बातचीत बेनतीजा रही है. फिलहाल जो हालात बने हुए हैं, उससे ये विरोध प्रदर्शन जल्द खत्म होता हुआ नहीं दिख रहा है.

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प्रयागराज में तनाव जैसी स्थिति

सुबह आयोग के बाहर छात्र कम काफी कम थे. लेकिन छात्र धीरे-धीरे प्रदर्शन स्थल पर जुट गए. हालांकि पुलिस उनको धरनास्थल तक आने नहीं दे रही है. लेकिन इसके बावजूद छात्र बड़ी संख्या में जुट गए. छात्र अलग अलग चौराहों पर इकट्ठा हुए. पूरे शहर में छात्रों की गतिविधियों पर नज़र रखी जा रही है. आज अखिलेश यादव भी फूलपुर विधानसभा सीट पर हो रहे उपचुनाव को लेकर सपा प्रत्याशी मुज्तबा सिद्दीकी के समर्थन में एक रैली करेंगे. ऐसे में अब पुलिस और सतर्क हो गई है कि कहीं कुछ छात्र अखिलेश से मुलाकात करने न जाए.

विरोध प्रदर्शन पर प्रयागराज के DM रविंद्र कुमार मंदर ने कहा, “हमने प्रदर्शनकारी छात्रों से बात करने की कोशिश की. हमने उनसे एक प्रतिनिधिमंडल बनाने का अनुरोध किया और हम उन्हें आयोग से बात करने के लिए कहेंगे ताकि हम कोई समाधान निकाल सकें. छात्र सुनने को तैयार नहीं हैं और उन्होंने इसे अस्वीकार कर दिया.”

लोकसेवा आयोग के आसपास संभालने के लिए रैपिड एक्शन फ़ोर्स को बुलाया गया है. हालांकि पहले दिन से आरएएफ की तैनाती आयोग के पास थी. आज भी आरएएफ़ को स्थिति नियंत्रित करने के लिए लगाया गया है. 

छात्रों को समझाने के प्रयास जारी

छात्रों को हिरासत में लिए जाने के बाद डीसीपी सिटी अभिषेक भारती का कहना है कि कुछ छात्रों को हिरासत में लिया गया है. जिन लोगों हिरासत में लिया गया उनमें कुछ अराजकतत्व है जो धरने की आड़ में माहौल खराब कर रहे थे. किसी भी महिला छात्र को हिरासत में नहीं लिया गया है. फिलहाल स्थिति कंट्रोल में है और छात्रों को समझाने का प्रयास किया जा रहा है. प्रदर्शन के तीसरे दिन भारी संख्या में अर्धसैनिक बल के जवान प्रदर्शन स्थल पर पहुंच थे, जिन्हें देख अंदाजा लगाया जा रहा था कि छात्रों को प्रदर्शन स्थल से हटाया जा सकता है. लेकिन फिलहाल ऐसी कोई कार्रवाई नहीं हुई.

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ड्रम, ढोल-ताशे बजाकर प्रदर्शन

लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) के ‘पीसीएस-प्री’ और ‘आरओ-एआरओ’ की परीक्षा दो दिन में संपन्न कराने के निर्णय के विरोध में मंगलवार के दिन आंदोलन के दूसरे दिन छात्रों ने ड्रम, ढोल-ताशे आदि बजाकर अपनी आवाज बुलंद की. जिससे आयोग के भीतर बैठे अधिकारियों तक उनकी आवाज पहुंच सके. आंदोलनकारी छात्रों ने रात खुले आसमान के नीचे गुजारी और मंगलवार की सुबह से फिर से धरना प्रदर्शन में जुट गए और आयोग के अध्यक्ष संजय श्रीनेत के खिलाफ नारेबाजी की.



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