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कांग्रेस, उद्धव, शरद vs बीजेपी, शिंदे, अजितः सीटों का फॉर्म्युला हो गया फाइनल? जानें कितने पर लड़ सकता है कौन


नई दिल्ली:

महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव (Maharashtra Assembly Elections) के लिए 20 नवंबर को एक ही चरण में वोट डाले जाएंगे. मतों की गणना 23 नवंबर को होगी. इस बीच महाविकास अघाड़ी और महायुति में सीटों के बंटवारे को लेकर बातचीत जारी है. सूत्रों के अनुसार सीट बंटवारे को लेकर दोनों ही गुटों में लगभग सहमति बन गयी है. कांग्रेस, शिवसेना यूबीटी और शरद पवार की एनसीपी के बीच सीट शेयरिंग को लेकर बातचीत तय हो गयी है. वहीं बीजेपी, एकनाथ शिंदे की शिवसेना और अजित पवार की एनसीपी ने भी  फॉर्म्युला तय कर लिया है. किसी भी दिन इसकी आधिकारिक घोषणा हो सकती है. 

महाविकास अघाड़ी में किसे मिल सकती है कितनी सीटें?

सूत्रों के अनुसार विपक्षी गठबंधन में सीटों को लेकर चल रहे विवाद का अंत हो गया है. महाराष्ट्र विधानसभा की 288 सीटों में से 105 सीटों पर कांग्रेस, 95 सीटों पर उद्धव ठाकरे की पार्टी शिवसेना यूबीटी और 84 सीटों पर शरद पवार की पार्टी चुनाव में उतरेगी. मुंबई क्षेत्र की आधी सीटों पर उद्धव ठाकरे की पार्टी के उम्मीदवार होंगे. 

एनडीए में भी सीटों पर बात लगभग फाइनल
महाराष्ट्र में एनडीए में भी सीटों का बंटवारा लगभग तय हो गया है. भारतीय जनता पार्टी 150 से 155 सीटों पर अपने उम्मीदवारों को उतार सकती है. वहीं एकनाथ शिंदे की शिवसेना को 78 सीटें मिलने की संभावना है. साथ ही अजित पवार की पार्टी को 52 से 54 सीटें मिल सकती है. एनडीए में सीट बंटवारे को लेकर कई दौर की वार्ता हो चुकी है. किसी भी समय इसकी आधिकारिक घोषणा की जा सकती है. 

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शिवसेना ने 45 उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी की
एकनाथ शिंदे की पार्टी ने महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के लिए मंगलवार देर रात 45 उम्मीदवारों की अपनी पहली सूची जारी कर दी, जिसमें मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को ठाणे शहर के कोपरी-पाचपाखाडी से तथा आधा दर्जन से अधिक कैबिनेट सदस्यों को उनकी संबंधित सीटों से उम्मीदवार बनाया गया है. सत्तारूढ़ दल ने लगभग उन सभी विधायकों को फिर से टिकट दिया है, जिन्होंने जून 2022 में तत्कालीन मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के खिलाफ विद्रोह का नेतृत्व करते समय शिंदे का समर्थन किया था.

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एकनाथ शिंदे ठाणे शहर से सटे कोपरी-पाचपाखाडी से फिर से चुनाव लड़ेंगे. पार्टी ने जलगांव ग्रामीण, सावंतवाड़ी, सिल्लोड और पाटन से क्रमश: गुलाबराव पाटिल, दीपक केसरकर, अब्दुल सत्तार और शंभुराज देसाई को मैदान में उतारा है. एक अन्य कैबिनेट सदस्य दादा भुसे नासिक जिले के मालेगांव आउटर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ेंगे. मंत्री उदय सामंत और तानाजी सावंत को क्रमशः रत्नागिरी और परांदा से मैदान में उतारा गया है.

अखिलेश यादव ने MVA से मांगी 12 सीटें 
इस बीच समाजवादी पार्टी (सपा) ने महाराष्ट्र में महाविकास अघाड़ी (MVA) से 12 सीटें मांगी हैं. पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने 19 अक्टूबर को धुले विधानसभा सिटी सीट से उम्मीदवार की घोषणा की. अखिलेश यादव ने कहा, “हमने MVA से 12 सीटें मांगी हैं. सीटों की डीटेल्स भी उन्हें भेज दी गई हैं.” समाजवादी पार्टी ने 18 अक्टूबर को भिवंडी पूर्व से मौजूदा विधायक रईस शेख, भिवंडी पश्चिम से रियाज आजमी और मालेगांव मध्य से शान-ए-हिंद को प्रत्याशी बनाने का ऐलान किया था.

शरद पवार फिर बने संकट मोचक
विपक्षी दलों में सीटों को लेकर विवाद बढ़ता देख कांग्रेस और शिवसेना (यूबीटी) ने शरद पवार की शरण ली थी. पवार को एमवीए का संस्थापक माना जाता है. शिवसेना यूबीटी नेता अनिल परब और आदित्य ठाकरे ने मुंबई के वाईबी चव्हाण सेंटर में शरद पवार से मुलाकात की थी. कांग्रेस ने शरद पवार से बातचीत के लिए नसीम खान को लगाया था. पवार से बातचीत के बाद खान ने विवाद के जल्द ही सुलझ जाने की उम्मीद जताई थी. शरद पवार ने दिल्ली में कांग्रेस नेताओं से भी बात की थी. 

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 किन सीटों पर कांग्रेस और शिवसेना में था विवाद
अरमोरी, गढ़चिरौली,गोंदिया, भंडारा, चिमूर, बल्लारपुर, चंद्रपुर, रामटेक, कामठी, दक्षिण नागपुर, अहेरी और  भद्रावती वरोरा सीट को लेकर पेच फंसा हुआ था. इनमें से अरमोरी,गढ़चिरौली,  चिमूर, बल्लारपुर, कामठी और दक्षिण नागपुर सीट पर पिछले चुनाव में बीजेपी ने जीत दर्ज की थी. वहीं गोंदिया, चंद्रपुर, रामटेक विधानसभा सीटें निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीती थीं. इनमें से केवल भद्रावती सीट है कांग्रेस के पास है. वहां की विधायक प्रतिभा धानोरकर लोकसभा सांसद हैं. अब सीट बंटवारे की बातचीत के दौरान इन सीटों पर शिवसेना (यूबीटी) और कांग्रेस, दोनों ने दावा किया है. विवाद इसी बात पर बना हुआ है. इनके अलावा उद्धव ठाकरे की शिवसेना मुंबई की उन सीटों की भी मांग कर रही थी, जिन्हें कांग्रेस कभी जीत नहीं पाई थी. हालांकि चर्चा है कि अब तमाम मुद्दों को सुलझा लिया गया है. 

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