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Exclusive : "डुप्लिकेट OBC बनाना कांग्रेस का काम, कभी खत्म नहीं होगा आरक्षण" – हिमंत बिस्वा सरमा

The Hindkeshariके साथ एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में हिमंत बिस्वा सरमा कहते हैं, “विपक्ष विहीन राज्य की शुरुआत असम से होकर चुकी है. यहां बीजेपी को जो समर्थन मिल रहा है, उसे कमजोर नहीं किया जा सकता. असम में आज के दिन किसी में इतनी ताकत नहीं है, जो बीजेपी का सामना कर सके.”

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लोकसभा चुनाव में कम वोटिंग की वजह गर्मी

हिमंत बिस्वा सरमा ने इस दौरान लोकसभा चुनाव के दो फेज में हुए कम वोटिंग टर्न आउट की वजह गर्मी को बताया है. उन्होंने कहा, “दोनों फेज की वोटिंग को लेकर तमाम तरह की बातें फैलाई जा रही हैं. कहा जा रहा है कि कांग्रेस के वोटर्स बूथ तक तो आ रहे हैं, लेकिन बीजेपी के मतदाताओं में उदासीनता है. मैं बता दूं कि अगर कांग्रेस के वोटर्स ही बूथ तक आ रहे हैं, तो कांग्रेस और राहुल गांधी को किस बात की चिंता है.” राहुल गांधी को लेकर सरमा कहते हैं, “एक दल के नेता पोलिंग स्टेशन में वोटर आए या नहीं आए… इसपर बहस कर रहे हैं. इसके आधार पर अपनी पार्टी की जीत का दावा भी करते हैं. इससे ज्यादा हास्यास्पद और क्या होगा.”

 

हिमंत बिस्वा सरमा कहते हैं, “लोकसभा चुनावों के पहले और दूसरे फेज में वोटिंग कम होने के कई कारणों में गर्मी अहम है. कहीं, कांग्रेस के उम्मीदवार ही नहीं हैं. कहीं, कांग्रेस का वर्कर ही पोलिंग स्टेशन में वोटरों को लाने में नाकाम हो रहा है. बीजेपी के साथ ऐसा नहीं है.”

मेरी रैलियों में मुस्लिमों की भी होती है भीड़

मुस्लिम विरोधी नेता की छवि पर हिमंत बिस्वा सरमा कहते हैं, “मुसलमान समाज में अगर मैं आज एक रैली करने जाता हूं, तो वहां हिंदुओं की तुलना में ज्यादा भीड़ होगी. हिंदुओं की रैली में अगर 5 हजार लोग होंगे, तो मुस्लिम समाज की रैली में 10 हजार लोग आएंगे. इससे साफ है कि मेरी छवि मुस्लिम विरोधी नहीं है.”   

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असम में कोई सरकार की नीतियों को नहीं कर सकता चैलेंज

उन्होंने कहा, “किसी पार्टी के उम्मीदवार का चुनावी रैली में बयान देना अलग बात है और उसपर अमल करना या करवाना दूसरी बात होती है. असम में अभी कोई ऐसा शख्स नहीं है, जो सरकार की नीतियों को चैलेंज कर सकते हैं. कोर्ट से कुछ लेकर आए, ये अलग बात है. लेकिन कोई सीधे तौर पर सरकार की नीतियों को चैलेंज नहीं कर सकता. कोई ताकत या पैसे से खेलने की सोच रहा है तो ये सिस्टम अभी असम में नहीं है.”

डीप फेक मामलों पर सख्त एक्शन जरूरी

गृहमंत्री अमित शाह के डीपफेक वीडियो पर हिमंत सरमा ने कहा, “डीपफेक का मामला हमारे समाज में है. गृहमंत्री अमित शाह ने 7 महीने पहले ही इसे लेकर चिंता जाहिर की थी. ये एक खतरनाक ट्रेंड है. लेकिन अगर डीपफेक के मामले में देश की कोई उत्तरदायी राजनीतिक पार्टी भी शामिल हो जाए, तो ये और बड़ी चिंता की बात है. ये देश के लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं है. अभी इस मामले को लेकर जांच शुरू हुई है, इसे हमें डीप (गहराई) तक लेकर जाना है. डीपफेक के मामलों में सख्त एक्शन की जरूरत है.”

14 में से 11 सीटों पर चुनाव लड़ रही बीजेपी

बीजेपी इस बार लोकसभा चुनाव में असम की 14 में से 11 सीटों पर चुनाव लड़ रही है. शेष 3 सीटों में से 2 सीटें सहयोगी असम गण परिषद (एजीपी) और एस सीट यूनाइटेड पीपुल्स पार्टी लिबरल (यूपीपीएल) के साथ शेयर की गई है. यहां 3 फेज में वोटिंग कराए जा रहे हैं. पहले और दूसरे फेज की वोटिंग हो चुकी है. तीसरे फेज के लिए 7 मई को वोट डाले जाएंगे.

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