दुनिया

डीपफेक को रोकना होगा, AI दूसरी टेक्नोलॉजी से अलग है, एआई एक्शन समिट में PM मोदी की 10 बड़ी बातें

  • प्रधानमंत्री ने कहा, ‘एआई एक ऐसी दुनिया बनाने में मदद कर सकता है जिसमें विकास लक्ष्यों की यात्रा आसान और तेज हो जाए. ऐसा करने के लिए, हमें संसाधनों और प्रतिभाओं को एक साथ लाना होगा. हमें ओपन-सोर्स सिस्टम विकसित करना होगा जो विश्वास और पारदर्शिता को बढ़ाए. हमें पूर्वाग्रहों से मुक्त गुणवत्तापूर्ण डाटा सेट बनाना होगा…”

  • प्रधानमंत्री मोदी ने भारत के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मिशन को लेकर कहा कि भारत अपना अनुभव और विशेषज्ञता साझा करने के लिए तैयार है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि एआई का भविष्य सबके लिए अच्छा हो. 

  • हमें AI से संबंधित मुद्दों से निपटने के लिए वैश्विक मानकों की जरूरत है. भारत ने अपने 1.4 अरब से अधिक लोगों के लिए बहुत कम लागत पर डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे को सफलतापूर्वक तैयार किया है. भारत एआई को अपनाने के साथ डेटा गोपनीयता का प्रौद्योगिकी-कानूनी आधार तैयार करने में भी अग्रणी है.

  • प्रधानमंत्री ने कहा, ‘एआई एक ऐसी दुनिया बनाने में मदद कर सकता है जिसमें विकास लक्ष्यों की यात्रा आसान और तेज हो जाए. ऐसा करने के लिए, हमें संसाधनों और प्रतिभाओं को एक साथ लाना होगा. हमें ओपन-सोर्स सिस्टम विकसित करना होगा जो विश्वास और पारदर्शिता को बढ़ाए. हमें पूर्वाग्रहों से मुक्त गुणवत्तापूर्ण डाटा सेट बनाना होगा…”

  • पीएम मोदी ने कहा कि भारत एआई को अपनाने के साथ डेटा गोपनीयता का प्रौद्योगिकी-कानूनी आधार तैयार करने में भी अग्रणी है.

  • प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “हमें ओपन सोर्स सिस्टम विकसित करना चाहिए जो विश्वास और पारदर्शिता को बढ़ाए. हमें पक्षपात रहित गुणवत्तापूर्ण डेटा सेंटर बनाने चाहिए, हमें प्रौद्योगिकी का लोकतंत्रीकरण करना चाहिए और लोगों को केन्द्रित करने वाले एप्लिकेशन बनाने चाहिए. हमें साइबर सुरक्षा, गलत सूचना और डीपफेक से संबंधित चिंताओं को दूर करना चाहिए. हमें यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि प्रौद्योगिकी स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र में निहित हो ताकि यह प्रभावी और उपयोगी हो…”

    यह भी पढ़ें :-  आपके पास 30 दिन का समय है... गाजा को लेकर इजरायल को अमेरिका का अल्टीमेटम
  • प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “AI पहले से ही हमारी अर्थव्यवस्था, सुरक्षा और यहां तक ​​कि हमारे समाज को नया आकार दे रहा है. AI इस सदी में मानवता के लिए कोड लिख रहा है…”

  • AI एक्शन शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा, “मैं एक सरल प्रयोग से शुरू करता हूं. यदि आप अपनी मेडिकल रिपोर्ट किसी AI ऐप पर अपलोड करते हैं तो यह सरल भाषा में बता सकता है कि इसका क्या मतलब है, लेकिन यदि आप उसी ऐप से किसी व्यक्ति की बाएं हाथ से लिखने की छवि बनाने के लिए कहते हैं, तो सबसे अधिक संभावना है कि ऐप किसी व्यक्ति को उसके दाएं हाथ से लिखते हुए दिखाएगा क्योंकि प्रशिक्षण डेटा में यही बात हावी है. यह दर्शाता है कि AI की सकारात्मक क्षमता बिल्कुल अद्भुत है, इसमें कई पूर्वाग्रह हैं जिनके बारे में हमें सावधानी से सोचने की आवश्यकता है. इसीलिए मैं अपने मित्र राष्ट्रपति मैक्रों का इस शिखर सम्मेलन की मेजबानी करने तथा मुझे इसमें शामिल होने के लिए आमंत्रित करने के लिए आभारी हूं.”

  • पीएम मोदी ने कहा कि AI की ऊर्जा खपत पर ध्यान देने की जरूरत है. इसके जरिए रोजगार संकट पर भी ध्यान देना होगा. एआई से नई नौकरियां पैदा होंगी. यह मानव सभ्यता का नया कोड बना रहा है. हमें गलत सूचना और डीपफेक को रोकना होगा. पीएम ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि एआई को लेकर गहराई से चर्चा करने की जरूरत है.

  • प्रधानमंत्री मोदी, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ एआई एक्शन शिखर सम्मेलन की सह-अध्यक्षता कर रहे हैं. इससे पहले पीएम मोदी सोमवार को पेरिस पहुंचे.ओर्ली एयरपोर्ट पर उतरने के बाद वह राष्ट्रपति मैक्रों की ओर से आयोजित रात्रिभोज के लिए एलिसी पैलेस रवाना हुए.

    यह भी पढ़ें :-  अपहृत श्रीलंकाई जहाज को बचाने में मदद कर रही भारतीय नौसेना
  • Show More

    संबंधित खबरें

    Back to top button