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जी एंटरटेनमेंट ऑडिट मामले में गड़बड़ी को लेकर डेलॉयट हैसकिन्स पर 2 करोड़ रुपये का जुर्माना


नई दिल्ली:

नेशनल फाइनेंशियल रिपोर्टिंग अथॉरिटी यानी NFRA ने मंगलवार को वित्तीय वर्ष 2019 और 2020 के लिए जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज (ZEEL) के ऑडिट के बारे में कथित पेशेवर अनुशासनहीनता के लिए डेलॉयट हैसकिन्स एंड सेल्स LLP पर 2 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है. इसके साथ ही 2 चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) पर कुल 15 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है.

NFRA ने डीबी रियल्टी की ऑडिटिंग ( Statutory Audit) के मामले में 2 चार्टर्ड अकाउंटेंट पर 8 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है. इनमें से पहले CA को 5 और दूसरे CA को 3 साल के लिए बैन भी कर दिया गया है. 

वित्त वर्ष 2018-19 और 2019-20 के ऑडिट से जुड़े मामले में चार्टर्ड अकाउटेंट एबी जानी पर 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाने के साथ 5 साल के लिए कोई भी ऑडिट करने पर रोक लगाई गई है. वहीं, राकेश शर्मा पर 5 लाख रुपये का जुर्माना और 3 साल की पाबंदी लगाई गई है. वित्त वर्ष 2018-19 और 2019- 20 के लिए कंपनी के ऑडिट को लेकर जानी भागीदार और शर्मा क्वालिटी कंट्रोल रिव्यू ऑफिसर थे.

ZEEL के मामले में  NFRA ने पाया कि ऑडिटर्स ने कई खतरे के संकेतों को नजरअंदाज कर दिया था. इसके तहत प्रमोटरों की भूमिका, फिक्स्ड डिपॉजिट के विनियोजन का आधार और इस ग्रुप की अन्य कंपनियों के बीच लेनदेन जैसे महत्वपूर्ण कारकों को ध्यान में नहीं रखा गया था.

NFRA ने ये भी पाया कि ZEEL ने अपने पैसे का गलत इस्तेमाल किया. संबंधित पक्षों के साथ अनधिकृत लेनदेन किया. यह ऑडिट कमिटी, बोर्ड और शेयर होल्डरों की मंजूरी के बिना किया गया था.

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NFRA ने अपने आदेश में कहा, “हमारे पास यह मानने के कारण हैं कि ऑडिटरों ने एक पब्लिक इंट्रेस्ट यूनिट के ऑडिट में अपेक्षित ऑडिट क्वालिटी सुनिश्चित नहीं की. पेशेवर कर्तव्यों के संचालन में घोर लापरवाही की गई.”

डेलॉयट हैसकिन्स के प्रवक्ता ने NFRA के आदेश पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “हमें फर्म और 2 रिटायर्ड भागीदारों के खिलाफ NFRA के आदेश मिले हैं. फिलहाल हम अपनी अगली कार्रवाई तय करने के लिए आदेश की समीक्षा कर रहे हैं. हम ऑडिट क्वालिटी के हाई पैरामीटर्स को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं.”



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