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"मोबाइल फोन या OTP से ईवीएम अनलॉक नहीं होता" : हैकिंग के दावों पर EC, राहुल गांधी ने साझा की थी एक अखबार की रिपोर्ट

EVM Controversy : मुंबई की उत्तर पश्चिम लोकसभा सीट पर चल रहे विवाद पर इलेक्शन कमीशन की अधिकारी वंदना सूर्यवंशी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सिलसिलेवार जवाब दिया. उन्होंने बताया कि मुंबई की उत्तर पश्चिम लोकसभा सीट पर रिकाउंटिंग के बाद एकनाथ शिंदे गुट के शिवसेना उम्मीदवार रविंद्र वायकर 48 वोट से जीत गए. इसके बाद उद्धव ठाकरे गुट के उम्मीदवार अमोल कीर्तिकर ने कई सवाल खडे़ किए. इस मामले में मुंबई के वनराई पुलिस स्टेशन में रविंद्र वायकर के रिश्तेदार मंगेश पंडिलकर और (ENCORE) ऑपरेटर दिनेश गुरव पर एफआईआर दर्ज की गई है. आरोप है कि मंगेश पंडिलकर ने काउंटिंग सेंटर पर मोबाइल फोन का इस्तेमाल किया.

इलेक्शन कमीशन की अधिकारी ने बताया कि एक न्यूजपेपर (मिड डे) में खबर आई कि ईवीएम को एक फोन से अनलॉक किया जाता है. यह बिलकुल गलत है. ईवीएम को अनलॉक करने के लिए फोन या OTP की जरूरत नहीं है. यह खबर गलत है. इस न्यूज पेपर को हमने धारा 499 और 505 के तहत नोटिस भेजा है. आपको बता दें कि राहुल गांधी ने भी आज इसी पेपर की रिपोर्ट को साझा कर ईवीएम पर संदेह जताया था.

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वंदना सूर्यवंशी ने कहा कि ENCORE एक ऐसा सिस्टम है, जिस पर डाटा अपलोड करते हैं. इसका ईवीएम से कोई लेना देना नहीं है. हमने ENCORE ऑपरेटर पर भी एफआईआर दर्ज कराई है. हमने मतगणना केंद्र में कुछ लोगों को फोन ले जाने की स्वीकृति दी. हमारे आदमी से गलती हुई. उससे फोन क्यों लिया इसकी जांच हो रही है. पुलिस को भी इसका सीसीटीवी नहीं दिया जाएगा, जब तक कोर्ट का आर्डर नहीं आ जाता. मैने 7:53:30 सेकंड पर उस दिन फैसला दिया. उस वक्त तक किसी ने कोई भी ऑब्जेक्शन नहीं किया. 

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दो लोगों पर एफआईआर

इलेक्शन कमीशन की अधिकारी ने बताया कि ओटीपी का उपयोग ENCORE को लॉगिन करने के लिए किया जाता है, यह ऑनलाइन सिस्टम है. एफआईआर इसलिए किया गया क्योंकि उस व्यक्ति ने फोन का उपयोग किया, जिसको इजाजत नहीं थी. बीते 4 जून को मुंबई के गोरेगांव में स्थित नेस्को वोट काउंटिंग सेंटर के अंदर मोबाइल लेकर जाने में मनाही के बावजूद मोबाइल का इस्तेमाल करने को लेकर पुलिस ने मंगेश पांडिलकर के खिलाफ FIR दर्ज किया है. इस मामले में पांडिलकर को मोबाइल देने के आरोप में एनकोर (ENCORE) ऑपरेटर (POLL Portal) दिनेश गुरव के खिलाफ आईपीसी की धारा 188, 134, जनता के प्रतिनिधि 1950 की धारा 134 (1) के तहत एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है.

उद्धव ठाकरे गुट की नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने इस पर भी ट्वीट किया और लिखा, “रिटर्निंग ऑफिसर मैडम पारदर्शिता लाने के बजाय चुनाव कार्यालय को और फंसा रही हैं. मुंबई उत्तर पश्चिम चुनाव परिणाम की प्रक्रिया के संबंध में उत्तर मिलने के बजाय वंदना सूर्यवंशी जी के सम्मेलन से कई और प्रश्न उठते हैं.” इससे पहले संजय राउत ने कहा था कि इस मामले में उनकी पार्टी हाईकोर्ट जाने पर भी विचार कर रही है. 

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