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Exclusive: "घटना दुखद और भयावह…", वरिष्ठ वकील एपी सिंह ने हाथरस की घटना पर बाबा भोले का रखा पक्ष


नई दिल्ली:

उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh)  के हाथरस में हुए हादसे में 121 लोगों की मौत हो गयी. इस हादसे के बाद से हर तरफ नारायण साकार हरि या साकार विश्व हरि उर्फ भोले बाबा पर सवाल उठ रहे हैं. बाबा भोले के सत्संग में हुए इस हादसे के बाद से वो स्वयं फरार हैं. हालांकि अब उनके वकील सामने आए हैं. ए.पी.सिंह ने The Hindkeshariके साथ बात करते हुए बाबा भोले का पक्ष रखा है. उन्होंने कहा कि बाबा भोले ने सबसे पहले दुखद घटना पर संवेदना व्यक्त की है. उन्होंने अपने तमाम भक्तों से अपील की है कि घायलों को किसी भी तरह की परेशानी न हो. कोई लाश लावारिस न रहे इसकी व्यवस्था करने की अपील की है.

एपी सिंह ने कहा कि कुछ असमाजिक तत्व वहां पर मौजूद थे जिन्होंने बाबा के प्रस्थान के बाद वहां ऐसा माहौल बना दिया कि जिसके कारण यह घटना हुई. घटना बेहद दुखद है.  हम उत्तर प्रदेश सरकार पर, उत्तर प्रदेश सरकार की जांच पर और इलाहाबाद हाईकोर्ट के रिटार्यड जज की जांच पर पूरा विश्वास करते हैं. हम चाहते हैं कि इस घटना के कोई भी दोषी बच नहीं पाए. 

बाबा सूचिता का जीवन जीते हैं: एपी सिंह
24 घंटे बाद आए संवेदना को लेकर उन्होंने कहा कि बाबा के पास न कोई मोबाइल फोन है, न ही वो यूट्यूब चैनल चलाते हैं. सोशल मीडिया से भी वो पूरी तरह से दूर हैं. वो पूरी तरह से सूचिता का जीवन जीते हैं. इस कारण इसमें देर हुआ. वकील ने कहा कि हम भी अपने सूत्रों से इस मामले की जांच करवाएंगे कि कौन लोग हैं जिन्होंने इस घटना को अंजाम दिया. बाबा का पक्ष रखते हुए वकील ने कहा कि उनके पास इस दुखद घटना के लिए कोई शब्द नहीं है.  घटना दुखद है, भयावह है. जैसी जरूरत होगी बाबा सबके सामने आएंगे. अभी हम घटना का आकलन कर रहे हैं जो भी जरूरी होगा वो कदम हम उठाएंगे.

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उत्तर प्रदेश के बहादुर नगर गांव के रहने वाले हैं बाबा
भोले बाबा यानि साकार हरि नारायण का जन्म उत्तर प्रदेश के ऐटा में बहादुर नगर गांव में हुआ है और उनका असली नाम सूरज पाल है. उनके दो भाई हैं, जिनमें से एक की मौत हो गई है और उन्होंने अपनी शुरुआती पढ़ाई गांव में ही की थी. इसके बाद उन्होंने उत्तर प्रदेश पुलिस की स्थानीय खुफिया इकाई में हेड कांस्टेबल के तौर पर काम किया था. वहीं उनके तीसरे भाई बीएसपी में नेता हैं और वह गांव बहादुर नगर के 15 साल पूर्व प्रधान भी रहे हैं. 

सफेट सूट और टाई है बाबा की पहचान
बाकि गुरुओं से जो चीज उन्हें अलग बनाती है वो है उनका सफेद सूट और टाई. वह अन्य गुरुओं की तरह भगवा वस्त्र धारण नहीं करते हैं. इसके अलावा वह कई बार कुर्ता पजामा भी पहनते हैं. अपने प्रवचनों के दौरान वे कहते हैं कि उन्हें जो दान मिलता है, उसमें से वे कुछ भी नहीं रखते और उसे अपने भक्तों पर खर्च कर देते हैं. उनकी पत्नी प्रेम बती अक्सर उनके साथ होती हैं.  



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