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श्रीकांत शिंदे, सुकांत मजूमदार सहित पांच सांसदों को संसद रत्न पुरस्कार के लिए चुना गया

संसद रत्न पुरस्कार प्रतिवर्ष उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले सांसदों को, जबकि संसद महारत्न पुरस्कार लोकसभा के कार्यकाल के दौरान प्रदर्शन में निरंतरता के लिए पांच साल में एक बार प्रदान किए जाते हैं.

चेन्नई स्थित गैर-लाभकारी धर्मार्थ न्यास ‘प्राइम प्वाइंट फाउंडेशन’ ने पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम के कहने पर इस सम्मान की शुरुआत की थी, जिन्होंने 2010 में चेन्नई में पहले पुरस्कार समारोह का उद्घाटन किया था.

‘प्राइम प्वाइंट फाउंडेशन’ के संस्थापक और अध्यक्ष के. श्रीनिवासन ने कहा कि ये पुरस्कार व्यापक प्रदर्शन पर आधारित हैं, जिसके लिए नामांकित व्यक्तियों का चयन कानून मंत्री और संसदीय मामलों के राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल एवं पूर्व मुख्य निर्वाचन आयुक्त टीएस कृष्णमूर्ति की अध्यक्षता वाली एक प्रतिष्ठित निर्णायक समिति ने किया.

कामकाज के प्रदर्शन के आंकड़े लोकसभा और राज्यसभा की वेबसाइट तथा पीआरएस लेजिस्लेटिव रिसर्च से प्राप्त किया गया है. यह भारत में प्रदर्शन करने वाले सांसदों को सम्मानित करने के लिए किसी सामाजिक संगठन द्वारा दिया जाने वाला एकमात्र पुरस्कार है.

संसद रत्न पुरस्कार समिति की अध्यक्ष और प्राइम प्वाइंट फाउंडेशन की न्यासी सचिव प्रियदर्शनी राहुल ने कहा कि एन. के. प्रेमचंद्रन (आरएसपी, केरल), अधीर रंजन चौधरी (कांग्रेस, पश्चिम बंगाल), विद्युत बरन महतो (भाजपा, झारखंड) और हीना विजयकुमार गावित (भाजपा, महाराष्ट्र) को 17वीं लोकसभा के लिए संसद महारत्न पुरस्कार के लिए चुना गया है.

उन्होंने बताया, ‘‘पिछली 16वीं लोकसभा के संसद महारत्न पुरस्कार विजेताओं- सुप्रिया सुले (राकांपा, महाराष्ट्र), श्रीरंग अप्पा बर्णे (शिवसेना, महाराष्ट्र) और भर्तृहरि महताब (बीजू जनता दल, ओडिशा) के निरंतर सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन को मान्यता देते हुए जूरी समिति ने उन्हें 17वीं लोकसभा में भी उनके अनुकरणीय प्रदर्शन के लिए सम्मानित करने का निर्णय लिया है और इन तीनों सांसदों को संसद उत्कृष्ट मान रत्न पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा.”

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उन्होंने कहा कि सभी पुरस्कार विजेताओं का चयन उनके सदन में चर्चा शुरू करने, गैर-सरकारी विधेयक लाने और निचले सदन में उनके द्वारा उठाए गए सवालों के आधार पर जूरी समिति द्वारा पारदर्शी तरीके से किया गया है.

संसदीय समितियों के महत्व को ध्यान में रखते हुए वर्तमान 17वीं लोकसभा से संसद महारत्न पुरस्कारों के लिए तीन स्थायी समितियों का भी चयन किया गया है.

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(इस खबर को The Hindkeshariटीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)

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