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अगर बिजली चली गई तो "कुछ ही मिनटों में" बच्चों को खो देंगे: गाजा अस्पताल

अगर बिजली चली गई तो

नई दिल्ली:

Israel Palestine Conflict: इजरायल और हमास के बीच युद्ध जारी है. दोनों ही तरफ से एक दूसरे पर हमले हो रहे हैं. इस बीच रविवार को इजरायली ग्राउंड फोर्सेज ने रातभर गाजा पट्टी में कई जगहों पर हमले किए हैं. इस युद्ध में गाजा में सबसे अधिक प्रभावित बच्चे हो रहे हैं. न्यूज एजेंसी रॉयटर्स की खबर के अनुसार गाजा के एक अस्पातल में बच्चों के आईसीयू में कार्य कर रहे डॉक्टर मरीजों के लिए ईंधन और बुनियादी दवाएं ढूंढने के लिए संघर्ष कर रहे हैं. डॉक्टरों का कहना है कि अगर उनके इनक्यूबेटर की बिजली चली जाती है तो कुछ ही मिनटों में कई बच्चे मर जाएंगे. 

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55 बच्चों की हो जाएगी मौत

गाजा सिटी के अल-शिफा अस्पताल में डॉक्टर नासिर बुलबुल ने कहा कि हम सभी से इस महत्वपूर्ण विभाग के लिए आवश्यक चिकित्सा आपूर्ति भेजने की अपील करते हैं अन्यथा हमें भारी तबाही का सामना करना पड़ेगा. उन्होंने कहा कि अगर बिजली चली गई, तो इन विभागों में, जहां 55 बच्चे भर्ती हैं, हम उन्हें पांच मिनट के भीतर खो देंगे. गाजा स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता अशरफ अल-किद्रा ने कहा कि गाजा पट्टी में इलेक्ट्रिक इनक्यूबेटरों में 130 नवजात शिशु हैं. उन्होंने कहा कि अस्पतालों में जनरेटर – और विशेष रूप से गाजा के 13 सार्वजनिक अस्पतालों में से सबसे बड़े शिफा अस्पताल में – ईंधन खत्म हो रहा है. उन्होंने कहा कि हमने इनक्यूबेटरों सहित ईंधन को सबसे आवश्यक जीवन रक्षक सेवाओं के तौर पर रखा है. लेकिन हम नहीं जानते कि यह कितने समय तक चलेगा.

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गाजा स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता ने क्या कहा? 

गाजा स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि हम पूरी दुनिया से ईंधन के लिए मदद करने की अपील कर रहे हैं.  हमने अपने सार्वजनिक और निजी पेट्रोल स्टेशनों से भी कहा है कि वे अस्पतालों में लोगों की जान बचाने में मदद के लिए जो भी ईंधन बचा सकते हैं उसे दान करें. 

कई बच्चे हो चुके हैं अनाथ

इस अस्पताल में कई ऐसे बच्चे भी हैं जिनके माता पिता और परिवार के अन्य सदस्य इजरायल द्वारा किए गए बमबारी में मारे जा चुके हैं. शिफा अस्पताल के डॉक्टरों का कहना है कि रिश्तेदारों के आगे आने और ऐसे बच्चे का नाम रखने का वो इंतजार कर रहे हैं.  जिसकी मां फातिमा अल-हर्ष के घर पर बमबारी हुई थी.  उन्होंने कहा कि डॉक्टरों ने बच्चे को तो बचा लिया, लेकिन मां या उसके 11 सदस्यीय परिवार को नहीं बचाया जा सका. बच्चे का इलाज कर रहे चिकित्सक ने फेसबुक पर लिखा कि जब बच्चा ठीक हो जाएगा तो हमें नहीं पता कि अनाथ होने के बाद उसकी देखभाल कौन करेगा. 

इज़रायली वायुसेना ने अपने हाई-टेक ‘आयरन स्टिंग’ सिस्टम का जारी किया फुटेज

बताते चलें कि इज़रायली वायुसेना ने अपने हाई-टेक ‘आयरन स्टिंग’ सिस्टम का फुटेज रविवार को जारी किया, क्योंकि यह सिस्टम पहली बार इस्तेमाल में लाया गया. इज़रायली रक्षा सेना (IDF) की मैगलन इकाई ने इस अत्याधुनिक हथियार प्रणाली का इस्तेमाल ग़ाज़ा पट्टी इलाके में हमास के रॉकेट लॉन्चरों को निशाना बनाने और दर्जनों आतंकवादियों को तितर-बितर करने के लिए इस्तेमाल किया.

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इस बीच सोमवार तड़के इज़रायल ने ग़ाज़ा पर हवाई हमले किए, जबकि रात में विमानों ने दक्षिणी लेबनान पर हमला किया था… उधर, इज़रायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने बढ़ते युद्ध का आकलन करने के लिए अपने शीर्ष जनरलों और अपने युद्ध मंत्रिमंडल की बैठक बुलाई. ग़ाज़ा में मौजूद स्वास्थ्य अधिकारियों के मुताबिक, इज़रायल की दो हफ़्ते से जारी बमबारी में अब तक कम से कम 4,600 लोग मारे गए हैं. इज़रायल ने हमास द्वारा 7 अक्टूबर को किए गए हमलों के बाद जवाबी हमले की कार्रवाई शुरू की थी.

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