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Google का नया कदम, AI-पावर्ड सर्च इंजन पर कर रहा शुल्क वसूलने की तैयारी: रिपोर्ट

Google की AI-पावर्ड सर्च इंजन पर शुल्क वसूलने की तैयारी

नई दिल्ली:

जमाना अब AI का है. शायद ही एसा कोई क्षेत्र हो, जो आज के समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (Artificial Intelligence) से अछूता है.गूगल ने साल 2023, अगस्त में भारत में अपना AI पावर्ड सर्च इंजन (Google AI-Powered Search Engine) शुरू किया था, जिसके उपयोग पर अब तक कोई भी शुल्क नहीं लिया जा रहा था. लेकिन अब खबर सामने आई है कि इस सुविधा के लिए गूगल शुल्क वसूलने पर विचार कर रहा है. रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, फाइनेंशियल टाइम्स ने गूगल की प्लानिंग से परिचित लोगों का हवाला देते हुए बुधवार को बताया कि अल्फाबेट का Google अपने जेनेरिक AI पावर्ड सर्च इंजन पर प्रीमियम सुविधाओं के लिए शुल्क लेने पर विचार कर रहा है.

अल्फाबेट के शेयरों में करीब 1% की गिरावट

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रिपोर्ट में कहा गया है कि दिग्गज टेक कंपनी गूगल कई विकल्पों पर विचार कर रही है, जिसमें प्रीमियम मेंबरशिप सर्विसेज में एआई-पावर्ड सर्च सुविधाएं भी शामिल हैं. गूगल के एआई टूल जेमिनी का एक्सेस पहले से ही जीमेल और डॉक्स में मौजूद है. जानकारी के मुताबिक, एक्सटेंडेड बिजनेस में अल्फाबेट के शेयरों में करीब 1% की गिरावट आई है. अब गूगल अपने AI पावर्ड सर्च इंजन की प्रीमियम सेवाओं के लिए चार्ज वसूलने की तैयारी कर रहा है. दरअसल गूगल तेजी से आगे बढ़ रहे AI क्षेत्र में अपनी पकड़ बनाना चाहता है, जब दिग्गज टेक कंपनी के इस कदम से उसके किसी मेन प्रॉडक्ट  को पेवॉल के पीछे रखने का पहला अवसर होगा. 

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Google ट्रेडिशनल सर्च इंजन पर नहीं लेगा कोई शुल्क 

रिपोर्ट के मुताबिक, गूगल का ट्रेडिशनल सर्च इंजन पहले की तरह ही नि:शुल्क रहेगा. इसके लिए ग्राहकों से कोई शुल्क नहीं वसूला जाएगा. इस पर सर्च के रिजल्ट के साथ ही सब्सक्राइबर्स को भी एड देखने को मिलते रहेंगे. गूगल ने न्यूज एजेंसी रॉयटर्स को एक ईमेल में बताया, “हम विज्ञापन-मुक्त सर्च एक्सपीरिएंस पर  काम नहीं कर रहे हैं और न ही उस पर कोई विचार किया जा रहा है. जैसा कि हमने पहले भी कई बार किया है, हम Google पर अपने सब्सक्रिप्शन पेशकश को बढ़ाने के लिए नई प्रीमियम क्षमताओं और सेवाओं का निर्माण जारी रखेंगे.” 

AI क्षेत्र में बूम के चलते गूगल ने भी इस टेक्नोलॉजी का निर्माण किया है. इस क्षेत्र में उसका मुकाबला  ChatGPT बनाने वाले OpenAI और इसके समर्थक Microsoft के साथ है. 

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