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हरियाणा विधानसभा चुनाव : …जब चौधरी देवीलाल ने राज्यपाल को जड़ दिया था जोरदार थप्पड़!


नई दिल्ली:

Haryana Assembly Elections 2024: हरियाणा में विधानसभा चुनाव में एक माह और एक सप्ताह का वक्त बाकी है. हरियाणा में कुल 90 विधानसभा सीटें हैं और यहां के चुनावी समर के लिए दलों के बीच जोरआजमाइश शुरू हो गई है. हरियाणा ने सियासत के कई रंग देखे हैं और यहां की सियासत के किस्से भी निराले हैं. जब हरियाणा के स्वभाव में, भाषा में अक्खड़पन है तो यहां के नेता भला इससे कैसे अछूते रह सकते हैं. हरियाणा के राजनीतिक परिदृश्य में एक वाकया ऐसा हो चुका है जैसा कभी, कहीं नहीं हुआ था. यहां एक बार दिग्गज नेता चौधरी देवीलाल ने राज्यपाल को थप्पड़ जड़ दिया था.    

हरियाणा में सन 1982 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने 90 सीटों में से 36 सीटें जीती थीं. वह राज्य विधानसभा में सबसे बड़ी पार्टी बनी थी. दूसरी तरफ प्रमुख विपक्षी दल भारतीय राष्ट्रीय लोक दल था. लोकदल ने बीजेपी से चुनाव पूर्व गठबंधन किया था. चुनाव में इस गठबंधन ने 37 सीटें जीती थीं. लोकदल 31 और भारतीय जनता पार्टी (BJP) छह सीटें जीतने में सफल हुई थी.

किसी को नहीं मिला था स्पष्ट बहुमत

कांग्रेस भले ही सबसे अधिक सीटें जीतने में सफल हुई थी, लेकिन स्पष्ट बहुमत किसी को नहीं मिला था. इस स्थित में सरकार बनाने के लिए किसे आमंत्रित किया जाए? यह फैसला राज्यपाल पर निर्भर था. उस दौर में हरियाणा के राज्यपाल गणपतराव देवजी तपासे (जीडी तपासे) थे. जीडी तपासे कांग्रेस के वरिष्ठ नेता थे और महाराष्ट्र की राजनीति में लंबे समय तक सक्रिय रह चुके थे. उन्होंने पहले चौधरी देवीलाल को सरकार गठित करने के लिए आमंत्रित किया. इसी दौरान कांग्रेस के भजनलाल निर्दलीय विधायकों का समर्थन हासिल करने में सफल हो गए. इससे उन्होंने बहुमत का 52 विधायकों का आंकड़ा हासिल कर लिया. 

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बताया जाता है कि भजनलाल लोकदल के कुछ विधायकों को अपने पाले में लाने में सफल हो गए थे. चौधरी देवीलाल इस स्थिति में अपने कुछ विधायकों को लेकर दिल्ली पहुंचे और एक होटल में ठहर गए. हालांकि इसके बावजूद कुछ विधायक वहां से चले गए थे.

भजनलाल को मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई

राज्यपाल तपासे ने भजनलाल को बुलाकर मुख्यमंत्री पद की शपथ दिला दी. चौधरी देवीलाल को जब इसका पता चला तो वे आगबबूला हो गए. वे अपने सभी विधायकों के साथ चंडीगढ़ में राजभवन पहुंचे. उन्होंने राज्यपाल के सामने लोकदल और बीजेपी के सभी विधायकों को पेश कर दिया. उन्होंने दावा किया कि उनके पास बहुमत है इसलिए उन्हें मुख्यमंत्री बनाया जाए. 

इस मुद्दे पर राजभवन में राज्यपाल तपासे और देवीलाल के बीच विवाद होने लगा. राज्यपाल ने देवीलाल का दावा अस्वीकार कर दिया और उन्हें मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाने से साफ इनकार कर दिया. देवीलाल के साथ वहां मौजूद लोकदल के नेता नारेबाजी कर रहे थे. 

तीखी बहस के बाद जड़ दिया थप्पड़

चौधरी देवीलाल और राज्यपाल तपासे के बीच जोरदार बहस होने लगी. इस दौरान तमतमाते चौधरी देवीलाल ने तपासे की ठुड्डी पकड़ ली और उन्हें चीखते हुए फटकारने लगे. इससे गुस्से में भरकर राज्यपाल ने उनका हाथ झटक दिया. इस पर जो प्रतिक्रिया हुई उसकी किसी ने कल्पना नहीं की थी, चौधरी देवीलाल ने राज्यपाल के गाल पर जोरदार थप्पड़ जड़ दिया. इससे मौके पर मौजूद राज्यपाल का स्टाफ और सभी विधायक सन्न रह गए.  

यह घटना होते ही राज्यपाल तपासे के सुरक्षा गार्ड दौड़कर उनके पास पहुंचे और उन्हें सुरक्षा देते हुए वहां से ले गए. देश भर में चर्चित हुई इस घटना को लेकर देवीलाल की भारी आलोचना हुई थी. हालांकि इस घटना को लेकर बाद में देवीलाल पर कोई कार्रवाई नहीं की गई.

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हरियाणा में 1 अक्टूबर को होगा मतदान

हरियाणा में एक अक्टूबर को विधानसभा चुनाव के लिए मतदान होगा. राज्य की सभी 90 सीटों के लिए एक ही चरण में वोटिंग होगी. विधानसभा चुनाव के नतीजे चार अक्टूबर को मतगणना के बाद घोषित होंगे. हरियाणा की मौजूदा विधानसभा का कार्यकाल तीन नवंबर 2024 को समाप्त होने वाला है. पिछला विधानसभा चुनाव अक्टूबर 2019 में हुआ था. चुनाव के बाद भारतीय जनता पार्टी और जननायक जनता पार्टी की गठबंधन सरकार मनोहर लाल खट्टर के नेतृत्व में बनी थी.

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