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गृह मंत्री अमित शाह के 150 DM को कॉल? चुनाव आयोग ने जयराम रमेश से पूछा बड़ा सवाल


नई दिल्ली:

Lok Sabha Elections 2024: कांग्रेस नेता जयराम रमेश (Jairam Ramesh) ने आरोप लगाया है कि गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने मंगलवार को होने वाली मतगणना से पहले जिला अधिकारियों को कॉल किए और उन्हें धमकाया. इसके एक दिन बाद रविवार को चुनाव आयोग (EC) ने कहा कि किसी भी अधिकारी ने किसी भी तरह के “अनुचित दबाव” बनाए जाने की सूचना नहीं दी है. आयोग ने कांग्रेस नेता रमेश से आज शाम 7 बजे तक अपने आरोप के समर्थन में विवरण मांगा है, ताकि कार्रवाई की जा सके.

जयराम रमेश ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा- ”निवर्तमान गृह मंत्री आज सुबह से जिला कलेक्टर्स से फोन पर बात कर रहे हैं. अब तक 150 अफसरों से बात हो चुकी है. अफसरों को इस तरह से खुल्लमखुल्ला धमकाने की कोशिश निहायत ही शर्मनाक है एवं अस्वीकार्य है. याद रखिए कि लोकतंत्र जनादेश से चलता है, धमकियों से नहीं. जून 4 को जनादेश के अनुसार श्री नरेन्द्र मोदी, श्री अमित शाह व भाजपा सत्ता से बाहर होंगे एवं INDIA जनबंधन विजयी होगा. अफसरों को किसी प्रकार के दबाव में नहीं आना चाहिए व संविधान की रक्षा करनी चाहिए. वे निगरानी में हैं.”

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चुनाव आयोग ने कहा कि वरिष्ठ नेता होने के नाते रमेश ने यह सार्वजनिक बयान उन तथ्यों के आधार पर दिया होगा जिन्हें वे सही मानते हैं.

संदेह पैदा कर रहा सार्वजनिक बयान 
चुनाव आयोग ने जयराम रमेश को लिखे गए पत्र में कहा है कि, “इस संबंध में यह ध्यान देने योग्य है कि आदर्श आचार संहिता के लागू होने की अवधि में सभी अधिकारी आयोग की प्रतिनियुक्ति पर माने जाते हैं और वे किसी भी निर्देश के लिए सीधे आयोग को रिपोर्ट करते हैं. हालांकि किसी भी डीएम ने आपके द्वारा लगाए गए किसी भी अनुचित प्रभाव की सूचना नहीं दी है. जैसा कि आप जानते हैं, वोटों की गिनती की प्रक्रिया प्रत्येक आरओ दो सौंपा गया एक पवित्र कर्तव्य है और आपके द्वारा दिए गए ऐसे सार्वजनिक बयान संदेह पैदा करते हैं. इसलिए व्यापक जनहित में इस पर ध्यान दिए जाने की जरूरत है.”

आयोग को दिया जाए 150 डीएम का ब्यौरा
चुनाव आयोग ने कहा है कि, “इसलिए एक राष्ट्रीय पार्टी के जिम्मेदार, अनुभवी और बहुत वरिष्ठ नेता होने के नाते आपको मतगणना के दिन से ठीक पहले तथ्यों/सूचनाओं के आधार पर ऐसा सार्वजनिक बयान देना चाहिए जिसे आप सच मानते हैं. अनुरोध है कि उन 150 डीएम का ब्यौरा, जिन्हें गृह मंत्री की ओर से कथित रूप से इस तरह के कॉल किए गए हैं, आपके द्वारा दी गई जानकारी के तथ्यात्मक मैट्रिक्स/आधार के साथ आज यानी 2 जून, 2024 को शाम 6 बजे तक साझा किया जाएं, ताकि समुचित कार्रवाई की जा सके.”

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एग्जिट पोल में बीजेपी की जीत के अनुमानों के बाद The Hindkeshariसे बात करते हुए केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने इस तरह के आरोपों को खारिज कर दिया. उन्होंने कहा कि, “भारत के गृह मंत्री किसी जिला अधिकारी या उपखंड अधिकारी को फोन नहीं करते. गृह मंत्री राज्य के मुख्यमंत्री से बात करते हैं.”


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