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वीडियो कॉल पर रची राम मंदिर को उड़ाने की साजिश, कैसे आतंकी संगठन के संपर्क में आया अब्दुल


फरीदाबाद:

गुजरात एटीएस और फरीदाबाद स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने संयुक्त ऑपरेशन में फरीदाबाद से आतंकी कनेक्शन के संदेह में गिरफ्तार शख्स ने कई खुलासे किए हैं. पूछताछ में पता चला कि वो 10 महीने पहले आईएसआई के इस्लामिक स्टेट खुरासान प्रोविंस (ISKP) मॉड्यूल से जुड़ा था. अब्दुल रहमान को ऑनलाइन वीडियो कॉल पर ट्रेनिंग दी गई. अब्दुल रहमान मिल्कीपुर में अपनी दुकान पर ही बैठकर वीडियो कॉल पर ट्रेनिंग लेता था. ट्रेनिंग के दौरान अब्दुल रहमान को कई टास्क भी दिए गए.

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वीडियो कॉल पर रची गई मंदिर उड़ाने की साजिश

राम मंदिर को उड़ाने की साजिश वीडियो कॉल पर ही रची गई. अब्दुल रहमान के मोबाइल में कई धार्मिकस्थलों के फोटो और वीडियो मिले हैं. अब्दुल रहमान 5 दिन पहले ही अपने घर से फरीदाबाद के लिए निकला था. वो घर पर दिल्ली में मरकज जाने के लिए कह कर निकला. जिसके बाद से वो फरीदाबाद में नाम बदल कर रह रहा था. अब्दुल ने 10वीं तक की पढ़ाई कर रखी है. करीब 20 साल के अब्दुल ने मनीराम यादव इंटर कॉलेज, मंजनाई में ही 10वीं तक की पढ़ाई पूरी की.

कैसे आतंकी संगठनों के संपर्क में आया अब्दुल

अब्दुल पांचों वक्त नमाज पढ़ता है, बचपन में उसके दिल में छेद हो गया था. अहमदाबाद में उसका ऑपरेशन कराया गया था. अब्दुल अपनी तीन बहनों में अकेला भाई है और सबसे बड़ा है. वह ई-रिक्शा भी चलाता था. इस बीच घर पर रहकर इलेक्ट्रॉनिक्स से सम्बंधित कुछ न कुछ चीज बनाता रहता था लेकिन घरवालों को कुछ नहीं बताता था. बताया गया कि कुछ महीने पहले वो अपने गांव से अयोध्या शहर पहुंचा. वहां अयोध्या कैंट के पुरानी सब्जी मंडी निवासी एक शख्स के संपर्क में आया. इसी बीच वह दिल्ली के रास्ते विशाखापट्टनम पहुंचा वहां उसने जमात का दामन थामा. इसी बीच वह आतंकी संगठनों के संपर्क में आ गया. अब्दुल के पिता अबु बकर पहले सूरत में रहते थे अब वह गांव में ही रहकर चिकन शॉप चलाते हैं. अबु बकर के भाई जावेद, उम्मर, उस्मान और साद अभी भी सूरत में रहते हैं.

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भागने की फिराक में था अब्दुल, कैसे दबोचा गया 

अब्दुल रहमान के मोबाइल और अन्य बरामद सामग्रियों की भी जांच की जा रही है. सूत्रों के अनुसार, अब्दुल रहमान कई दिनों से फरीदाबाद के पाली गांव में फर्जी पहचान के साथ रह रहा था. जब अधिकारियों ने उससे संपर्क किया तो उसने भागने की कोशिश की, लेकिन उसे पकड़ लिया गया. गुजरात एटीएस ने फरीदाबाद एसटीएफ की मदद से इस ऑपरेशन का नेतृत्व किया. जांच एजेंसियां ​​अब अब्दुल रहमान के संपर्कों का पता लगाने और उसके इरादों का पता लगाने में जुटी हैं. घंटों पूछताछ के बाद आरोपी को आगे की पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया गया.

सुरक्षा एजेंसियों के सूत्रों के मुताबिक, अब्दुल रहमान आईएसआई के आईएसकेपी (इस्लामिक स्टेट खुरासान प्रोविंस) मॉड्यूल से जुड़ा है. ऐसा माना जा रहा है कि इस मॉड्यूल में अब्दुल रहमान के अलावा और लोग भी शामिल हो सकते हैं, जिनकी तलाश की जा रही है. अयोध्या में राम जन्मभूमि पर राम मंदिर का निर्माण एक लंबी कानूनी लड़ाई के बाद किया गया था. 22 जनवरी, 2024 को प्राण प्रतिष्ठा की रस्म अदा की थी, तब से मंदिर में राम भक्तों की भारी भीड़ उमड़ रही है.



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