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"शादीशुदा होने पर की दूसरी शादी तो मिलेगी सजा…",असम सरकार ने दूसरी शादी करने पर लगाई रोक

दूसरी शादी को लेकर असम सरकार का बड़ा फैसला

असर सरकार ने अपने कर्मचारियों की जीवनसाथी के जीवित रहने पर किसी अन्य से शादी करने पर रोक लगा दी है. ऐसी स्थिति में दूसरी शादी करने पर सरकार ने दंडात्मक कार्रवाई करने की चेतावनी भी दी है.असम सरकार के कार्मिक विभाग की ओर से जारी आदेश में कर्मचारियों को निर्देश दिया है कि यदि पति या पत्नी जीवित है तो किसी अन्य से शादी करने से पहले सरकार की अनुमति लेनी होगी. भले ही उस पर लागू होने वाले पर्सनल लॉ के तहत दूसरी शादी का अनुमति हो. यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है. 

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असम के मुख्यममंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि ये नियम पहले से है. लेकिन इसे कभी लागू नहीं किया गया. अब उनकी सरकार ने इसे लागू करने का फैसला किया है. 

बता दें कि कुछ दिन पहले ही असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने गोलाघाट में हुए ट्रिपल मर्डर केस को लेकर भी बड़ा दावा किया था. उन्होंने कहा था कि गोलाघाट में ट्रिपल मर्डर ‘लव जिहाद’ का नतीजा था. इस शब्द को मुस्लिम पुरुषों द्वारा हिंदू महिलाओं को बहकाकर उनका धर्म परिवर्तन कराने के कथित अभियान के लिए उपयोग किया जाता है. अक्सर दक्षिणपंथी नेता आरोप लगाते हुए इसका इस्तेमाल करते हैं. सरमा ने आश्वासन दिया कि आरोपियो के खिलाफ मुकदमे को तेजी से आगे बढ़ाने के इरादे से 15 दिनों के भीतर आरोप पत्र दायर किया जाएगा.

सरमा ने पीड़ितों के परिवार से मुलाकात के दौरान कहा था कि यह पूरी तरह से लव जिहाद का मामला है. मृतक परिवार हिंदू था और आरोपी मुस्लिम समुदाय से है. उसने पहले फेसबुक पर अपना परिचय हिंदू नाम से दिया था… जब दंपति कोलकाता भाग गए थे तब महिला ने ड्रग्स लेना सीखा.“

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रिपोर्टों के मुताबिक पीड़ितों की पहचान संजीव घोष, जुनू घोष और संघमित्रा घोष के रूप में हुई है. उनके शरीर पर चोटों के कई निशान पाए गए. उन पर सोमवार को धारदार हथियारों से हमला किया गया था.

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