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पाकिस्तान के आम चुनाव में इमरान खान और शरीफ की पार्टी ने अपनी-अपनी जीत का दावा किया

पाकिस्तान निर्वाचन आयोग (ईसीपी) ने धांधली और छिटपुट हिंसा के आरोपों के बीच बृहस्पतिवार को मतदान समाप्त होने के 10 घंटे से भी अधिक समय बाद शुक्रवार देर रात चुनावी परिणामों की घोषणा शुरू की. मतगणना अब भी जारी है. पाकिस्तान में इस चुनाव के लिए दर्जनों दल मैदान में उतरे हैं लेकिन मुख्य मुकाबला खान की पीटीआई, तीन बार प्रधानमंत्री रह चुके शरीफ की पाकिस्तान मुस्लिम लीग (एन) और बिलावल जरदारी भुट्टो की ‘पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी’ (पीपीपी) के बीच है.

इमरान खान जेल में हैं

पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान जेल में हैं और उनके चुनाव लड़ने पर प्रतिबंध है. खान (71) की पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी के प्रत्याशी निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ रहे हैं क्योंकि देश के उच्चतम न्यायालय ने उनकी पार्टी को उसके चुनाव चिह्न क्रिकेट का ‘बल्ला’ से वंचित करने के निर्वाचन आयोग के फैसले को बरकरार रखा था.

265 सीट में से 133 सीट जीतनी होंगी

नेशनल असेंबली (एनसी) की 336 सीट में से 266 पर ही मतदान कराया जाता है लेकिन बाजौर में, हमले में एक उम्मीदवार की मौत हो जाने के बाद एक सीट पर मतदान स्थगित कर दिया गया था. अन्य 60 सीट महिलाओं के लिए और 10 अल्पसंख्यकों के लिए आरक्षित हैं और ये जीतने वाले दलों को आनुपातिक प्रतिनिधित्व के आधार पर आवंटित की जाती हैं. नयी सरकार बनाने के लिए किसी भी पार्टी को 265 सीट में से 133 सीट जीतनी होंगी.

पीटीआई का स्पष्ट बहुमत का दावा

पीटीआई ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर दावा किया उसने प्रपत्र 45 से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, 265 में से 150 से अधिक एनए सीट जीत ली हैं. प्रपत्र 45 निम्नतम स्तर पर चुनाव परिणामों का प्राथमिक स्रोत हैं और ये हर मतदान केंद्र में प्रत्येक उम्मीदवार के मतों को दर्शाते हैं. पार्टी ने कहा कि संघीय, पंजाब और खैबर पख्तूनख्वा में भी स्पष्ट बहुमत के साथ सरकार गठन के लिए उसकी स्थिति मजबूत है.

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जनादेश का खुलेआम उल्लंघन

उसने कहा, ‘‘लेकिन देर रात नतीजों में हेरफेर करना पूरी तरह से शर्मनाक है और जनादेश का खुलेआम उल्लंघन है. पाकिस्तान के लोग धांधली वाले नतीजों को पूरी तरह खारिज करते हैं. दुनिया देख रही है.” उसने निर्वाचन अधिकारियों पर परिणामों में हेरफेर करने का आरोप लगाया. पार्टी ने उन कुछ रिपोर्ट का भी हवाला दिया जिनमें दावा किया गया है कि ‘‘पीटीआई के उम्मीदवार अब विभिन्न निर्वाचन क्षेत्रों में अचानक हार रहे हैं, जबकि वे पहले ही (इन क्षेत्रों में) स्पष्ट बहुमत से जीत चुके थे.”

पीटीआई ने एक और बयान जारी कर शरीफ से अपनी हार स्वीकार करने को कहा.

उसने ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘नवाज शरीफ थोड़ी गरिमा दिखाइए, हार स्वीकार कीजिए. पाकिस्तान की जनता आपको कभी स्वीकार नहीं करेगी. लोकतांत्रिक नेता के रूप में विश्वसनीयता हासिल करने का यह एक सुनहरा अवसर है. दिनदहाड़े डकैती को पाकिस्तान बड़े पैमाने पर खारिज कर देगा.” पीएमएल-एन ने पीटीआई के जीत के दावे को खारिज किया और अपनी जीत का दावा किया.

पार्टी नेता इशाक डार के अनुसार, ‘‘पीएमएलएन चुनाव प्रकोष्ठ के संकलित आंकड़ों और सार्वजनिक रूप से पहले से ही उपलब्ध परिणामों के आधार पर, पीएमएलएन नेशनल असेंबली में सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी और पंजाब विधानसभा में स्पष्ट बहुमत वाली पार्टी के रूप में उभरी है.”

उन्होंने कहा कि ‘‘समय से पहले और पक्षपातपूर्ण अटकलों” से बचना चाहिए क्योंकि ईसीपी ने सभी परिणामों की आधिकारिक घोषणा अभी नहीं की है.

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(इस खबर को The Hindkeshariटीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)

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