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पहले चुनाव में NDA को नहीं हरा पाया INDIA: चंडीगढ़ में जीता BJP का मेयर

पीठासीन अधिकारी अनिल मसीह ने सुबह दस बज कर करीब 40 मिनट पर मेयर पद के लिए मतदान प्रक्रिया शुरू कराई थी. चंडीगढ़ की सांसद किरण खेर ने सबसे पहले वोट डाला था. उन्होंने सुबह 11 बज कर करीब 15 मिनट पर नगर निकाय भवन में मतदान किया था. उनके पास चंडीगढ़ नगर निगम के पदेन सदस्य के रूप में मतदान का अधिकार है.

 मेयर पद के वोटों की गिनती के बाद अब सीनियर डिप्टी मेयर पद और डिप्टी मेयर पद के लिए चुनाव कराए जाएंगे.

भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने इस जीत पर चंडीगढ़ बीजेपी इकाई को बधाई देते हुए एक्स पर पोस्ट किया, ” प्रधानमंत्री के नेतृत्व में केंद्र शासित प्रदेशों में रिकॉर्ड विकास हुआ है. यह कि INDIA गठबंधन ने अपनी पहली चुनावी लड़ाई लड़ी और फिर भी बीजेपी से हार गया, यह दर्शाता है कि न तो उनका अंकगणित काम कर रहा है और न ही उनकी केमिस्ट्री काम कर रही है”.

“दिन दहाड़े बेईमानी”: अरविंद केजरीवाल

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बीजेपी पर बेईमानी का आरोप लगाते हुए एक्स पर एक पोस्ट किया. जिसमें सीएम ने कहा कि चंडीगढ़ मेयर चुनाव में दिन दहाड़े जिस तरह से बेईमानी की गई है, वो बेहद चिंताजनक है. यदि एक मेयर चुनाव में ये लोग इतना गिर सकते हैं तो देश के चुनाव में तो ये किसी भी हद तक जा सकते हैं. ये बेहद चिंताजनक है.

कड़ी पुलिस व्यवस्था में हुआ चुनाव

मेयर चुनाव के मद्देनजर कड़ी पुलिस व्यवस्था की गई थी, लगभग 800 पुलिसकर्मी और अर्धसैनिक बल के जवानों को तैनात किया गया था.  बता दें मतदान मूल रूप से 18 जनवरी को होना था, लेकिन पीठासीन अधिकारी के बीमार पड़ने के बाद चंडीगढ़ प्रशासन ने इसे छह फरवरी तक के लिए टाल दिया था. चुनाव टालने के प्रशासन के आदेश पर कांग्रेस और आप पार्षदों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया था. महापौर पद के लिए आप के उम्मीदवार कुलदीप कुमार ने चंडीगढ़ के उपायुक्त के चुनाव टालने के आदेश को उच्च न्यायालय में चुनौती दी थी.

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उच्च न्यायालय ने 24 जनवरी के अपने आदेश में चंडीगढ़ प्रशासन को 30 जनवरी को सुबह 10 बजे महापौर पद के लिए चुनाव कराने का निर्देश दिया था. उच्च न्यायालय ने यह भी निर्देश दिया था कि वोट डालने आने वाले पार्षदों के साथ किसी अन्य राज्य का कोई समर्थक या सुरक्षाकर्मी नहीं होगा.

अदालत ने कहा था कि चंडीगढ़ पुलिस पार्षदों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगी.

पुलिस को यह सुनिश्चित करने के लिए भी कहा गया था कि चुनाव प्रक्रिया के दौरान या उसके बाद नगर निकाय परिसर में या उसके आसपास कोई हंगामा या अप्रिय घटना न हो.

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