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"झूठ, धोखा…": ट्रंप को लेकर आपसे में भिड़े भारतीय मूल के अरबपति विनोद खोसला और मस्क

अमेरिका में इस साल नवंबर में राष्ट्रपति चुनाव होने वाले हैं और राष्ट्रपति चुनाव को लेकर अमेरिका के दो बड़े कारोबारी, भारतीय मूल के अमेरिकी अरबपति विनोद खोसला और टेस्ला, एक्स और स्पेसएक्स के सीईओ एलन मस्क आमने-सामने आ गए. दरअसल अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन के राष्ट्रपति चुनाव की रेस से हटने के ऐलान के बाद अमेरिकी अरबपति विनोद खोसला ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट लिखा, अब ओपन कन्वेंशन का समय आ गया है, एक अधिक उदारवादी उम्मीदवार ढूंढें जो आसानी से @realDonaldTrump को हरा सके. इस पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए, एलन मस्क ने पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और उनके साथी जेडी वेंस का पक्ष लिया.

जवाब में, खोसला ने एलन मस्क से पूछा कि क्या वह चाहेंगे कि उनके बच्चे रिपब्लिकन राष्ट्रपति पद के दावेदार की तरह बनें और कहा कि वह किसी ऐसे व्यक्ति (डोनाल्ड ट्रम्प) का समर्थन नहीं कर सकते जो “झूठ बोलता है, धोखा देता है और महिलाओं का अपमान करता है”. इसपर एलन मस्क ने कहा कि ट्रंप उनसे नफरत नहीं करते हैं “वास्तव में, मुझे लगता है कि वह आपको पसंद करते हैं. उनसे मिलें और खुद ही पता लगा लें. मैं यह नहीं कह रहा कि ट्रंप में कोई खामी नहीं है, हालांकि हमें एक ऐसे प्रशासन की जरूरत है जो योग्यता पर आधारित हो और सरकार के सख्त हाथों के बजाय व्यक्तिगत स्वतंत्रता को बढ़ावा दे.

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वेंचर कैपिटलिस्ट विनोद खोसला सन माइक्रोसिस्टम्स के सह-संस्थापक हैं. खोसला डेमोक्रेटिक पार्टी के सर्मथक हैं और उन्होंने वर्तमान में 1.4 मिलियन डॉलर से अधिक का दान इस पार्टी को दिया है.

अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने रविवार को घोषणा की है कि वह राष्ट्रपति पद का आगामी चुनाव नहीं लड़ेंगे. इसके साथ ही, उन्होंने राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी के लिए उपराष्ट्रपति कमला हैरिस के नाम का अनुमोदन किया है. बाइडन ने भारतीय-अफ्रीकी मूल की कमला हैरिस (59) के नाम की ऐसे वक्त सिफारिश की है जब जून के अंत में अपने रिपब्लिकन प्रतिद्वंद्वी एवं देश के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से बहस में खराब प्रदर्शन के बाद डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता पिछले कई हफ्तों से बाइडन पर मुकाबले से हटने का दबाव बना रहे थे.


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