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इजरायल को भारत पर भरोसा, हमास से जंग के लिए ईरान जिम्मेदार: इजरायली राजदूत नाओर गिलोन

भारत में इजरायल के राजदूत नाओर गिलोन ने मंगलवार को The Hindkeshariसे खास इंटरव्यू में ये बातें कही. क्या भारत इजरायल और फिलिस्तीन के बीच दशकों पुराने मुद्दे को हल करने में भूमिका निभा सकता है? इसके जवाब में गिलोन ने कहा, “मुझे नहीं लगता कि हम दशकों पुराने मुद्दे को हल करने जा रहे हैं. हमें इस मौजूदा संकट को हल करना होगा.” उन्होंने कहा, “मेरा मानना ​​है कि पिछले कुछ साल में भारत ने इजरायल के साथ रिश्तों में काफी विश्वसनीयता हासिल की है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इजरायल में काफी सराहना की जाती है.”

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जंग में अब तक 4 हजार से ज्यादा मौतें

रिपोर्ट के मुताबिक, 7 अक्टूबर से शुरू हुए इस जंग में अब तक 4000 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है. इनमें इजरायल के 1400 लोग, गाजा के 2808 लोग और वेस्ट बैंक के 57 लोग शामिल हैं. हमास की कैद में 200 से 250 नागरिक हैं. बंधकों में विदेशी नागरिक भी शामिल हैं. 

The Hindkeshariसे इजरायली राजदूत ने कहा कि उन्होंने हाल के कुछ सर्वे देखे हैं. इन सर्वे में शामिल देशों में इजरायलियों का भारत के प्रति दृष्टिकोण सबसे सकारात्मक है. गिलोन ने कहा, “हमने भारत का इजरायल के लिए अविश्वसनीय भावनात्मक समर्थन देखा. मुझे लगता है कि पीएम मोदी और भारत स्थिति को समझते हैं. उन्होंने सबसे पहले इस आतंकी हमले की आतंकी हमले के तौर पर निंदा की. बाकी देशों ने शुरुआत में ऐसा नहीं किया था. 

भारत को अपने मुद्दों में शामिल करने में इजरायल को दिक्कत नहीं

भारत में इजरायल के राजदूत नाओर गिलोन ने कहा, “अमेरिकी वहां हैं. भारत भी इन दिनों अमेरिका के बहुत करीब है. हां… मुझे समस्या के बड़े समाधान के बारे में पता नहीं है. लेकिन इजरायल निश्चित रूप से भारत पर भरोसा करता है और हमें उन्हें अपने मुद्दों में शामिल होते देखने में कोई दिक्कत नहीं है. हमें भारत पर भरोसा है.”

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इजरायली राजदूत ने कहा कि करीब 1000 भारतीयों को इजरायल से निकाला गया है. 20000 अभी भी वहां फंसे हैं. इनमें से ज्यादातर लोग इजरायल नहीं छोड़ना चाहते.

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मानवीय पहलू क्या है?

जब नाओर गिलोन से पूछा गया कि क्या मौजूदा संकट का कोई राजनयिक समाधान हो सकता है? इस पर गिलोन ने कहा कि उन्हें ऐसा नहीं लगता. उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि जंग का मानवीय पहलू जैसे कि अगवा किए गए इजरायली बंधकों को रिहा करना एक समाधान हो सकता है. लेकिन जब हमास, ISIS और आतंकवादी संगठनों की बात आती है, तो कोई समाधान नहीं है. हमें बस ये सुनिश्चित करना है कि ये लोग पिछले शनिवार की तरह भयावह और बर्बर हमलों को अंजाम न दे पाए. इसके लिए हमें उनके पीछे जाना है और उन्हें मारना है. इसके अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं दिखता.”

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गाजा में मदद की अनुमति पर नाओर गिलोन ने कहा, “संघर्ष के बड़े मानवीय पहलू के हिस्से के रूप में बातचीत जारी थी. दावा किया कि लोग गाजा में मानवीय मुद्दों के बारे में बात कर रहे हैं, लेकिन बातचीत इजरायल के उन 200 परिवारों के बारे में नहीं हो रही, जिनके किसी न किसी सदस्य को हमास ने बंधक बना रखा है.”

गिलोन ने कहा कि लोग गाजा में सप्लाई बंद पर चर्चा कर रहे हैं. वो भूल रहे हैं कि इजरायल में क्या हुआ था. 7 अक्टूबर के हमले में हमारे 1400 लोग मारे गए थे. गाजा की बात करें, तो वहां पानी की सप्लाई चालू कर दी गई है. उन्होंने दावा किया कि इजरायल को हमास की तुलना में गाज़ावासियों की ज्यादा परवाह है. हमने जंग को देखते हुए उन्हें उत्तर गाजा से दक्षिण में जाने को कहा था. हमास उन्हें ऐसा करने से रोक रहा है. क्योंकि हमास उनलोगों को मानव ढाल (ह्यूमन शिल्ड) के तौर पर इस्तेमाल कर रहा है.

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हमास की धार्मिक कट्टरता इंसानियत के लिए खतरा : The Hindkeshariसे बोले इजरायली लेखक युवल नूह हरारी

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