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गाजा में इजरायली हवाई हमालों को मिल रही US से "कमांड" : ईरान के सुप्रीम लीडर खामनेई का आरोप

तेहरान में एक भाषण के दौरान खामेनेई ने कहा, “अमेरिका जाहिर तौर पर अपराधियों का सहयोगी है. अमेरिका किसी तरह गाजा में होने वाले अपराध को निर्देशित कर रहा है.” खामेनेई ने कहा, “अमेरिकियों के हाथ बच्चों, मरीजों, महिलाओं और अन्य लोगों के खून से रंगे हुए हैं.”

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खामेनेई ने इजरायल का जिक्र करते हुए कहा, “सभी को बता दें कि इस मामले और भविष्य के मामलों में, फिलिस्तीनी राष्ट्र विजयी है. भविष्य की दुनिया फिलिस्तीन की दुनिया है, न कि ज़ायोनी शासन की दुनिया.”

अमेरिका और ईरान के बीच कट्टर दुश्मनी है. इजरायल और हमास के बीच जंग में अमेरिका अपने दोस्त इजरायल की हर तरह से मदद कर रहा है. अमेरिका ने अपने दो एयरक्राफ्ट कैरियर को पूर्वी भूमध्य सागर की तरफ मोड़ दिया है. इसका मकसद ईरान और लेबनान के आतंकी संगठन हिजबुल्लाह को हमास-इजरायल जंग में शामिल होने से रोकना है. दोनों देश हमास के सहयोगी हैं.

ईरान हमास को भारी फंडिंग करता है. उसने इजरायल पर 7 अक्टूबर को हुए हमास के हमले को बड़ी सफलता बताया है. लेकिन इस्लामिक गणराज्य ईरान ने जोर देकर कहा है कि वह इजरायल पर हुए हमले में शामिल नहीं था. इजरायली अधिकारियों के मुताबिक, हमले के दौरान हमास ने 220 से ज्यादा लोगों को बंधक भी बना लिया था. जिसमें विदेशी नागरिक भी शामिल हैं. इनमें से अब तक 22 लोगों की मौत हो चुकी है.

7 अक्टूबर को फिलिस्तीनी संगठन हमास के लड़ाकों ने गाजा पट्टी से इजरायल पर 5000 से ज्यादा रॉकेट दागे. हमास के लड़ाकों ने सीमा पार कर इजरायल में प्रवेश किया और जमीनी हमले भी किए. इसके बाद जवाबी कार्रवाई में इजरायल ने गाजा पट्टी पर भारी बमबारी की है. इजरायली अधिकारियों के मुताबिक, हमास के हमले में अब तक 1,400 से अधिक लोगों की मौत हो गई है. इनमें से ज्यादातर इजरायली नागरिक हैं. वहीं, जंग में दोनों तरफ से अब तक 6500 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है.

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हमास नियंत्रित स्वास्थ्य मंत्रालय ने बुधवार को कहा कि संघर्ष शुरू होने के बाद से गाजा में 6545 लोग मारे गए हैं. इनमें 2704 बच्चे शामिल हैं.

वहीं, मंगलवार को अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने ईरान को चेतावनी दी कि अमेरिका तेहरान के प्रतिनिधियों द्वारा किए गए किसी भी हमले का निर्णायक जवाब देगा, क्योंकि इजरायल-हमास के बीच संघर्ष को लेकर तनाव बढ़ गया है.

ब्लिंकन ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद सत्र में कहा, “अमेरिका ईरान के साथ संघर्ष नहीं चाहता है. हम नहीं चाहते कि यह युद्ध बढ़े. लेकिन अगर ईरान या उसके प्रतिनिधि कहीं भी अमेरिकी कर्मियों पर हमला करते हैं, तो कोई गलती न करें. हम तेजी के साथ और निर्णायक रूप से अपने लोगों की रक्षा करेंगे.”

इस बीच इस्लामिक गणतंत्र ने ब्लिंकन की आलोचना करते हुए कहा कि यह “गलत तरीके से दोष ईरान पर मढ़ने” का उनका प्रयास था. संयुक्त राष्ट्र में ईरान के स्थायी प्रतिनिधि अमीर सईद इरावानी ने कहा, “ईरान इन निराधार आरोपों को स्पष्ट रूप से खारिज करता है.” 

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