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ज्योतिरादित्य सिंधिया एक बार फिर बने मोदी कैबिनेट में मंत्री, जानिए कैसा रहा है उनका राजनीतिक करियर?

18 वीं लोकसभा के लिए हुए चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (Bharatiya Janata Party) की नेतृत्व वाली गठबंधन एनडीए को पूर्ण बहुमत मिला है. नरेंद्र मोदी लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री बने हैं. ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) एक बार फिर कैबिनेट मंत्री के तौर पर मंत्रिमंडल में शामिल हुए हैं.  4 साल पहले सिंधिया ने कांग्रेस पार्टी में विद्रोह कर दिया था और बीजेपी में शामिल हो गए थे. हाल ही में हुए चुनाव में उन्होंने गुना सीट से जीत हासिल की है. पीएम मोदी के पिछले कार्यकाल में भी सिंधिया केंद्रीय मंत्री थे उस दौरान उन्हें बीजेपी कोटे से राज्यसभा भेजा गया था. 

सिंधिया राजवंश की विरासत को बढ़ा रहे हैं ज्योतिरादित्य 
ज्योतिरादित्य सिंधिया  मध्यप्रदेश के सिंधिया राजवंश से आते हैं. उनकी तीन पीढ़ी राजनीति में रही है. ज्योतिरादित्य सिंधिया की दादी राजमाता विजयाराजे सिंधिया, उनके बेटे माधव राव सिंधिया,  भी लंबे समय तक राजनीति में रह चुके हैं. साल 2001 में माधव राव सिंधिया की मौत के बाद ज्योतिरादित्य सिंधिया की राजनीति में एंट्री हुई थी. साल 2004 में मनमोहन सिंह की सरकार में ज्योतिरादित्य सिंधिया राज्य मंत्री बने थे. 

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हार्वर्ड से पढ़ाई कर चुके हैं ज्योतिरादित्य
मोदी सरकार के मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अमेरिका के हार्वर्ड कॉलेज से ग्रेजुएशन, स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय में ग्रेजुएट स्कूल ऑफ बिजनेस से एमबीए डिग्री हासिल कर रखी है. उनकी गिनती तेजतर्रार नेता के तौर पर होती रही है. 

2019 के लोकसभा चुनाव में मिली थी हार
ज्योतिरादित्य सिंधिया 2019 के चुनाव में अपने परंपरागत गुना लोकसभा सीट से चुनाव हार गए थे.  चुनाव में हार के कुछ ही दिनों के बाद कांग्रेस पार्टी में उनके समर्थक विधायकों ने विद्रोह कर दिया. बाद में सिंधिया बीजेपी में शामिल हो गए थे. बीजेपी की तरफ से 2020 में उन्हें राज्यसभा भेजा गया था.

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