देश

कुंभ की कुंजी: महाकुंभ में शौचालयों की सफाई का रखा जाएगा विशेष ध्यान, जानें क्या हैं इंतजाम


प्रयागराज:

13 जनवरी से 26 फरवरी तक 45 दिनों तक चलने वाले महाकुंभ में इस बार 40 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं और पर्यटकों के आने की संभावना है. ऐसे में पूरे मेला क्षेत्र में 1.5 लाख टॉयलेट्स और यूरिनल्स स्थापित किए जा रहे हैं. टॉयलेट्स इंस्टॉल किए जाने के साथ-साथ इनको स्वच्छ बनाए रखने के लिए भी व्यापक तैयारी की गई है. इसमें टेक्नोलॉजी का भी इस्तेमाल किया जा रहा है.

साफ-सफाई का रखा जाएगा खासा ध्यान

स्वच्छता के मॉडल के रूप में प्रस्तुत करने के लिए इस बार स्वच्छ महाकुंभ का आह्वान किया गया है. इसको लेकर तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है. 1.5 लाख टॉयलेट्स और यूरिनल्स को पूरे मेला क्षेत्र और पार्किंग स्थलों पर स्थापित किया जाना है. लेकिन सबसे बड़ी चुनौती इन टॉयलेट्स की साफ-सफाई को लेकर है, जिसकी पुख्ता तैयारी की गई है. क्यूआर बेस्ड मॉनीटरिंग सिस्टम के माध्यम से टॉयलेट्स में स्वच्छता का सर्वे किया जाएगा और एप के माध्यम से जिस टॉयलेट में गंदगी की जानकारी मिलेगी, उसे चंद मिनटों में क्लीन कर दिया जाएगा. सफाई के लिए जेट स्प्रे क्लीनिंग सिस्टम अपनाया जाएगा, ताकि मैनुअल सफाई की आवश्यकता न पड़े. वहीं, सेप्टिक टैंक को खाली करने के लिए भी सेसपूल ऑपरेशन प्लान रेडी कर लिया गया है.

Latest and Breaking News on NDTV

महाकुंभ मेला की विशेष कार्याधिकारी आकांक्षा राणा के मुताबिक स्वच्छता को लेकर विशेष कार्ययोजना तैयार की गई है. इस बार क्यूआर कोड से स्वच्छता की मॉनिटरिंग की जा रही है. यह ऐप बेस्ड फीडबैक प्रोवाइड कराएगा, इसके माध्यम से जल्द से जल्द सफाई सुनिश्चित की जाएगी.

यह भी पढ़ें :-  Lok Sabha Elections Exit Poll Live Updates : PM मोदी लगाएंगे हैट-ट्रिक? बस कुछ देर में 543 सीटों का EXIT POLL

ऑनलाइन दे सकेंगे गंदगी का फीडबैक

उन्होंने बताया कि इन सभी टॉयलेट्स की निगरानी का जिम्मा 1500 गंगा सेवा दूतों को सौंपा गया है, जो सुबह-शाम एक-एक टॉयलेट को चेक करेंगे. वह आईसीटी एप के माध्यम से प्रत्येक टॉयलेट पर लगे क्यूआर कोड को स्कैन करेंगे और उस ऐप में दिए गए सवालों के जवाब हां या ना में देंगे. इन सवालों में शौचालय साफ है या नहीं, टॉयलेट का डोर टूटा तो नहीं है, पर्याप्त पानी की मात्रा है या नहीं, जैसे सवाल होंगे, इन सवालों का जवाब सबमिट करते ही यह फीडबैक कंट्रोल रूम पर पहुंच जाएगा. जिन टॉयलेट्स में सफाई मानक के अनुरूप नहीं होगी, उनकी डिटेल संबंधित वेंडर्स को चली जाएगी और फिर चंद मिनटों में वेंडर्स द्वारा टॉयलेट की सफाई संपन्न कराई जाएगी. सिर्फ गंगा सेवा दूत ही नहीं, बल्कि आम लोग भी इस ऑनलाइन व्यवस्था के माध्यम से गंदगी का फीडबैक दे सकेंगे.

Latest and Breaking News on NDTV

आकांक्षा राणा ने बताया कि इस बार सफाई की ऐसी व्यवस्था की गई है कि मैनुअली टॉयलेट साफ करने की आवश्यकता नहीं होगी. जेट स्प्रे क्लीनिंग सिस्टम के माध्यम से चंद सेकेंड में पूरी तरह टॉयलेट्स को साफ कर दिया जाएगा. दरअसल, जेट स्प्रे क्लीनिंग सिस्टम में पानी का हाई प्रेशर मेंटेन होता है, जिससे किसी भी तरह की गंदगी को हटाना आसान है. इसी तरह का क्लीनिंग सिस्टम रेलवे टॉयलेट्स को भी साफ करने में किया जाता है. (IANS इनपुट के साथ)

ये भी पढ़ें- महाकुंभ में होटल बुकिंग के नाम पर साइबर ठगी, UP पुलिस ने वीडियो जारी कर बताया कैसे बचें

यह भी पढ़ें :-  PM Modi Speech live: लोकसभा चुनावों में BJP बहुमत से दूर, रात 8 बजे PM मोदी का संबोधन



Show More

संबंधित खबरें

Back to top button