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यमन में फांसी से बचेगी केरल की बेटी? नर्स निमिषा प्रिया के परिवार की आखिरी उम्मीद जानिए


केरल:

केरल की नर्स निमिषा प्रिया की यमन में फांसी की सजा (Yemen Nimisha Priya Death Sentence) करीब आती जा रही है. हर गुजरता दिन उसके परिवार के लिए किसी खौफ से कम नहीं है. राष्ट्रपति के फांसी की सजा पर मुहर लगाए जाने के बाद माफी की उम्मीद मुश्किल सी नजर आ रही है. लेकिन परिवार के मन में उम्मीद की एक छोटी सी किरण अब भी कहीं बाकी बची है. निमिषा के पति टॉमी थॉमस को अब भी उम्मीद है कि उनकी पत्नी अंतिम समय पर फांसी से शायद बच जाए. टीओआई से बातचीत में उन्होंने कहा कि जब से राष्ट्रपति ने आदेश दिया है तब से वह सोए नहीं हैं. वह प्रार्थना कर रहे हैं. 

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क्या फांसी से बचेगी केरल की बेटी?

निमिषा प्रिया के पति का कहना है कि उनको बताया गया है कि राष्ट्रपति की मंज़ूरी के एक महीने के भीतर मौत की सज़ा दी जाएगी. निमिषा के बिना वह जीने की कल्पना भी नहीं कर सकते. निमिषा के पति टॉमी थॉमस इडुक्की के थोडुपुझा में ऑटो रिक्शा चलाते हैं. जब से राष्ट्रपति ने सजा पर मुहर लगाई है वह काफी दुखी हैं. लेकिन उनको आखिरी समय पर माफी मिलने की उम्मीद है. 

निमिशा की मां प्रेमा कुमारी ने अपनी बेटी को बचाने के लिए हर संभव कोशिश की भावुक अपील भारत सरकार से की थी.वहीं विदेश मंत्रालय ने भी बयान जारी कर कहा था कि वह मामले से अवगत हैं और हर संभव मदद करेंगे. 

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फांसी टलने पर उम्मीदें क्या हैं?

  • पीड़ित तलाल अब्दो महदी के परिवार से माफी 
  • ब्लड मनी स्वाीकर हो जाए तो भी निमिषा बच सकती है

निमिषा के पति टॉमी का कहना हैं कि गलतियां हुई होंगी. लेकिन इसके लिए उन्होंने पीड़ित तलाल अब्दो महदी के परिवार से अपनी पत्नी के लिए माफी की मांग की है. अगर महदी का परिवार और यमन में कम्युनिटी लीडर्स माफी के बदले  ब्लड मनी स्वीकार कर लेते हैं तो निमिषा को अभी भी बचाया जा सकता है. 

ईरान कैसे मदद कर सकता है?

 ईरान के एक वरिष्ठ अधिकारी ने गुरुवार को नर्स निमिषा प्रिया के मामले में ईरान की तरफ से हरसंभव मदद दिए जाने का भरोसा दिया. ईरानी अधिकारी ने पत्रकारों से कहा, ‘‘हम इस मुद्दे को उठाएंगे. ऐसा लगता है कि उस पर गैर इरादतन हत्या का आरोप लगाया गया है. मानवीय आधार पर हम इस मामले में जो भी कर सकते हैं, करेंगे.”

क्या अंतिम समय पर माफी का कोई रास्ता है?

निमिषा को फांसी से बचाने का आखिरी रास्ता ब्लड मनी है. अगर मृतक अब्दो महदी का परिवार ब्लड मनी की रकम को स्वीकार कर लेता है तो नर्स प्रिया को बचाया जा सकता है. यही आखिरी विकल्प बचा है. दरअसल यमन के कानून के मुताबिक ब्लड मनी देने का प्रावधान है. अगर महदी का परिवार व्बड मनी पर राजी हो जाए तो निमिषा की फांसी की सजा टल सकती है ब्लड मनी एक तरह का मुआवजा होता है. यह वह निश्चित रकम होती है तो पीड़ित के परिवार को दोषी की तरफ से दी जाती है. 

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नमिषा प्रिया पर क्या है आरोप?

निमिषा प्रिया साल 2017 से यमन की जेल में बंद है. उस पर यमन के एक नागरिक की हत्या का आरोप है. परिवार अभी भी ये उम्मीद लगाए बैठा है कि शायद बेटी फांसी के तख्त पर जाने से बच जाए. निमिषा पैसे कमाने के लिए केरल से यमन गई थी. वहां पर प्राइवेट क्लिनिक में काम करने के बाद उसकी इच्छा अपना क्लीनिक खोलने की थी.लेकिन यमन के नियम के हिसाब से यह संभव नहीं था. जिसके बाद उसने अपने दोस्त तलाल अब्दो महदी क मदद ली. लेकिन दोनों के बीच साझेदारी सही से नहीं चल सकी.

आरोप है कि महदी ने निमिषा को चीट किया और प्रताड़ित किया. उसका पासपोर्ट छीन लिया. इसी को वापस लेने के लिए निमिषा ने महदी को बेहोशी का इंजेक्शन लगा दिया. लेकिन ओवर डोज की वजह से उसकी मौत हो गई. इसी केस में नर्स निमिषा को फांसी की सजा सुनाई गई है.


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