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मुस्लिम राजा की जमीन, ईसाई आर्किटेक्ट : कुछ ऐसे 700 करोड़ में बना UAE का पहला हिंदू मंदिर; जानें- रोचक तथ्य

कुल 108 फुट ऊंचा यह मंदिर क्षेत्र में विविध समुदायों के सांस्कृतिक एकीकरण का मार्ग प्रशस्त करेगा.

नई दिल्ली:

पीएम मोदी दो दिन के दौरे पर संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की राजधानी अबूधाबी में हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र इस दौरान यूएई के पहले हिंदू मंदिर का उद्घाटन किया. बीएपीएस मंदिर दुबई-अबू धाबी शेख ज़ायद हाईवे पर बनाया गया है. इस मंदिर के निर्माण में करीब 700 करोड़ रुपए ख़र्च किए गए हैं. मंदिर को बनाने में करीब 18 लाख ईंटों का इस्तेमाल किया गया है. मंदिर की भव्यता को और बढ़ाने के लिए इसमें संगमरमर का प्रयोग किया गया है.इस मंदिर में संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के सात अमीरातों का प्रतिनिधित्व करने वाले सात शिखर हैं. ऊंटों की नक्काशी की गयी है और यूएई की राष्ट्रीय पक्षी बाज को भी उकेरा गया है. मंदिर में मूर्तियों की प्राण-प्रतिष्ठा बुधवार सुबह शुरू हुई. प्रधानमंत्री मोदी शाम को भव्य मंदिर के उद्घाटन समारोह में शामिल होंगे. 

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मंदिर की क्या है खासियत? 

मंदिर में 402 खंभे हैं. 25,000 पत्थर के टुकड़ों का उपयोग किया गया है. मंदिर तक जाने वाले रास्ते के चारों ओर 96 घंटियाँ और गौमुख स्थापित किए गए हैं. मंदिर में नैनो टाइल्स का इस्तेमाल किया गया है, जो गर्मी में भी पर्यटकों के लिए चलने में आरामदायक होगी. मंदिर में किसी भी प्रकार की लौह सामग्री का उपयोग नहीं किया गया है. मंदिर में गोलाकार, षटकोणीय जैसे विभिन्न प्रकार के खंभे बनाए गए हैं. 

मुस्लिम राजा ने दी है जमीन

एक मुस्लिम राजा ने एक हिंदू मंदिर के लिए भूमि दान की. इस मंदिर के चीफ आर्किटेक्ट कैथोलिक ईसाई, प्रोजेक्ट मैनेजर एक सिख, फाउंडेशनल डिजाइनर एक बौद्ध, कंस्ट्रक्शन कंपनी एक पारसी ग्रुप है और डायरेक्टर जैन धर्म से ताल्लुक रखते हैं.

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मंदिर में सात शिखर बनाए गए हैं

मंदिर में सात शिखर बनाए गए हैं इन पर भगवान राम, भगवान शिव, भगवान जगन्नाथ, भगवान कृष्ण, भगवान स्वामीनारायण, तिरूपति बालाजी और भगवान अयप्पा की मूर्तियां हैं. सात शिखर संयुक्त अरब अमीरात के सात अमीरात का प्रतिनिधित्व करते हैं. मंदिर में रामायण और महाभारत सहित भारत की 15 कहानियों के अलावा माया, एजटेक, मिस्र, अरबी, यूरोपीय, चीनी और अफ्रीकी सभ्यताओं की कहानियों को भी दर्शाया गया है. मंदिर में ‘शांति का गुंबद’ और ‘सौहार्द का गुंबद’ भी बनाया गया है.

108 फुट ऊंचा है मंदिर

कुल 108 फुट ऊंचा यह मंदिर क्षेत्र में विविध समुदायों के सांस्कृतिक एकीकरण का मार्ग प्रशस्त करेगा. मेजबान देश को समान प्रतिनिधित्व देने के लिए भारतीय पौराणिक कथाओं में हाथी, ऊंट और शेर जैसे महत्वपूर्ण स्थान रखने वाले जानवरों के साथ-साथ यूएई के राष्ट्रीय पक्षी बाज को भी मंदिर के डिजाइन में शामिल किया गया है. प्रतिष्ठित पत्थर का मंदिर दुबई-अबू धाबी शेख जायद राजमार्ग पर अल रहबा के पास अबू मुरीखा में स्थित है.

शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान का मंदिर के निर्माण में है बड़ा योगदान

मंदिर संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान की ओर से डोनेट की गई जमीन पर बनाया गया है. 2015 में उन्होंने संयुक्त अरब अमीरात में पहले मंदिर के निर्माण के लिए 13.5 एकड़ जमीन दान की थी और साल 2019 में, उन्होंने अतिरिक्त 13.5 एकड़ जमीन गिफ्ट की.  BAPS हिंदू मंदिर की नींव अप्रैल 2019 में रखी गई थी और इसका निर्माण उसी साल दिसंबर में शुरू हुआ था. रिपोर्ट्स के मुताबिक, मंदिर के निर्माण की लागत करीब 400 मिलियन संयुक्त अरब अमीरात दिरहम है.

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