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नेपाल का चमत्कारी "बुद्ध ब्वॉय" नाबालिग से कथित रेप के आरोप में गिरफ्तार

नेपाल का चमत्कारी

राम बहादुर बोमजन के खिलाफ दुर्व्यवहार और कदाचार के आरोप एक दशक से भी अधिक पुराने हैं (फ़ाइल फोटो).

काठमांडू:

नेपाल पुलिस ने बुधवार को एक ऐसे आध्यात्मिक नेता को गिरफ्तार किया है जिसे उसके अनुयायी बुद्ध का अवतार मानते हैं. उस पर उसके आश्रमों से लोगों को गायब करने और बलात्कार का आरोप है. राम बहादुर बोमजन भक्तों के बीच “बुद्ध ब्वॉय” के नाम से जाना जाता है. उसने किशोर अवस्था से ही काफी प्रसिद्धि हासिल कर ली थी. उसके अनुयायियों का कहना है कि वह पानी, भोजन या नींद के बिना महीनों तक बिना रुके ध्यान कर सकता है.

नेपाल पुलिस के केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने कहा कि उसने 33 साल के राम बहादुर बोमजन को मंगलवार को काठमांडू के बाहरी इलाके में एक घर से गिरफ्तार किया. इस गुरू के बड़ी संख्या में अनुयायी हैं. उस पर लंबे समय से अपने अनुयायियों का शारीरिक और यौन उत्पीड़न करने का आरोप है. वह कई वर्षों से अधिकारियों से छिप रहा था.

पुलिस के प्रवक्ता कुबेर कदायत ने एएफपी को बताया, “कई वर्षों तक फरार रहने के बाद उसे गिरफ्तार किया गया.” राजधानी के दक्षिण जिले सरलाही में एक आश्रम में एक नाबालिग के साथ कथित रेप के आरोप में जारी वारंट पर पुलिस ने काठमांडू में बोमजन को गिरफ्तार किया.

पुलिस ने कहा कि उसे तीन करोड़ नेपाली रुपये (225,000 डॉलर) नकद और 22,500 डॉलर की विदेशी मुद्रा के साथ पकड़ा गया.

बोमजन के खिलाफ दुर्व्यवहार और कदाचार के आरोप एक दशक से भी अधिक पुराने हैं. सन 2010 में बोमजन के खिलाफ दर्जनों हमले की शिकायतें दर्ज की गईं. पुलिस ने कहा कि उसने लोगों को पीटा क्योंकि उन्होंने उसके ध्यान में बाधा डाली. एक 18 साल की नन ने गुरू पर 2018 में एक मठ में उसके साथ बलात्कार करने का आरोप लगाया था.

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पुलिस ने अगले वर्ष उसके खिलाफ एक और जांच शुरू की थी जब उसके एक आश्रम से उसके चार भक्तों के लापता होने की सूचना उनके परिवारों के सदस्यों ने दी.

केंद्रीय जांच ब्यूरो के दिनेश आचार्य ने बुधवार को संवाददाताओं से कहा कि चारों का अभी तक कुछ पता नहीं चला है. उन्होंने कहा, “जब तक हम यह नहीं जानते कि लापता लोग किस स्थिति में हैं, हम इसे हत्या कहने की स्थिति में नहीं हैं.”

बोमजन के खिलाफ आरोप बढ़ते जा रहे थे लेकिन भागने से पहले तक उससे बड़ी संख्या में अनुयायी जुड़े हुए थे.  एक बार जंगल में उसके ध्यान के अद्भुत चमत्कारों को देखने के लिए हजारों लोग एकत्र हुए थे.

बोमजन 16 साल की उम्र में पूर्वी नेपाल के जंगल में घूमने गया था और नौ महीने तक गायब रहा था. इसके बाद बौद्ध भिक्षुओं ने उसकी सुरक्षित वापसी के लिए प्रार्थना की थी और बाद में उसकी चौबीसों घंटे निगरानी रखी. 

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