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देश

मोदी की वापसी से 4 जून को Nifty पहुंचेगा 23,000 के पार: बर्नस्टीन


नई दिल्ली:

जैसे-जैसे लोकसभा चुनाव का आखिरी चरण नजदीक आ रहा है, बाजार में तेजी आने लगी है. मार्केट में उतार-चढ़ाव भी देखने को मिल रहा है, जिसके बीच बर्नस्टीन ने निफ्टी में शॉर्ट टर्म उछाल का अनुमान लगाया है. ब्रोकरेज फर्म बर्नस्टीन (Bernstein) ने निफ्टी के 23,000 तक पहुंचने का अनुमान जताया है. जब लोकसभा चुनाव के नतीजे आएंगे, उसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) और मौजूदा NDA सरकार आने की भारी संभावना नजर आ रही है. ब्रोकरेज फर्म के मुताबिक, मैक्रो-इकोनॉमिक की ग्रोथ के लिए मोदी की वापसी बड़ी वजह होगी.

21 मई को जारी किए गए ब्रोकरेज नोट में बर्नस्टीन ने कहा कि चुनाव या इसके एक हफ्ते के अंदर निफ्टी 23,000 का आंकड़ा पार कर सकता है. वैल्यूएशन और इसके होने के बीच मुनाफावसूली भी दिखाई दे सकती है. ब्रोकरेज ने कहा, इंफ्रास्ट्रक्चर, मैन्युफैक्चरिंग, घरेलू साइकिल और कुछ फाइनेंशियल शेयर इस तेजी में अपनी बड़ी भूमिका निभा सकते हैं. वहीं, कंज्यूमर और IT शेयरों पर दबाव दिख सकता है. ब्रोकरेज के मुताबिक, अगले कुछ दिन के लिए स्मॉल और मिडकैप का परफॉर्मेंस लार्ज कैप के मुकाबले बेहतर हो सकता है.

चुनाव के नतीजों के आधार पर निवेशक बाजार से अपनी पोजीशन एग्जिट कर सकते हैं या फिर नए शेयर ले सकते हैं. सरकार रिपीट होने के अनुमान का असर इक्विटी मार्केट में साफ नजर आया. नवंबर और दिसंबर में बाजार रिकॉर्ड ऊंचाई तक जा रहा था. ब्रोकरेज ने कहा, ‘एक ही चीज पर बार-बार खेलते रहने से परिणाम में कुछ बदलाव नहीं दिखता. इसलिए हम मैक्रो, अर्निंग ग्रोथ, वैल्यूएशन के तर्कसंगत होने पर फोकस करते हैं’.

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ब्रोकरेज ने BJP के 300-350 सीट तक आने की बड़ा अनुमान जताया है. इसके चलते बाजार में रैली आ सकती है. बर्नस्टीन के मुताबिक, सरकार का अगले 100 दिन का एजेंडा भी बाजार में तेजी की एक वजह बन सकता है. नोट में कहा गया, ‘हम शॉर्ट टर्म के लिए इक्विटी मार्केट में तेजी का अनुमान जता रहे हैं’.



दोबारा सत्ता में आना अहम
सरकार की पॉलिसी का पूरे देश पर असर पड़ता है. बर्नस्टीन के मुताबिक, इसी के चलते भारतीय बाजार जैसा इमर्जिंग मार्केट में एशियाई बाजार से कंपटीशन कर सकता है. इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण, मैन्युफैक्चरिंग बढ़ाना, एक्सपोर्ट आधारित फ्रैंचाइजी तैयार करना, रोजगार उपलब्ध कराना और महंगाई से निपटने जैसे कुछ जरूरी कदम हैं. रिफॉर्म साइकिल से एग्जिक्यूशन साइकिल की तरफ भारत के बढ़ने में केंद्र में एक ही सरकार का बने रहना बहुत फायदेमंद रहेगा.

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