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नीतीश कुमार के NDA में जाने से विपक्षी गठबंधन पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा : सचिन पायलट

नीतीश कुमार के NDA में जाने से विपक्षी गठबंधन पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा : सचिन पायलट

जयपुर: अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के महासचिव सचिन पायलट ने बुधवार को कहा कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) में शामिल होने के कदम से विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा. उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को धार्मिक मुद्दों के बजाय केंद्र सरकार के दस वर्ष के रिपोर्ट कार्ड के आधार पर चुनाव लड़ना चाहिए.

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पायलट ने टोंक में संवाददाताओं को संबोधित करते हुए, ”यह बात बिल्कुल सही है कि नीतीश कुमार पाला बदल कर एक बार फिर भाजपा के साथ चले गये… लेकिन मैं समझता हूं कि हमारे गठबंधन ‘इंडिया’ का जो गठजोड है.. हमारा सीट-शेयरिंग है.. हम इकठ्ठा चुनाव लड रहे हैं और जिन मुद्दों को लेकर सामने आये हैं उसमें कहीं कोई फर्क पड़ेगा.” उन्होंने कहा हम पूरी मजबूती से लोकसभा चुनाव लडेंगे.”

टोंक से विधायक पायलट शादी समारोह में भाग लेने के लिए अपने निर्वाचन क्षेत्र के दौरे पर थे. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी की यात्रा लगातार चल रही है और यात्रा को जो अपार समर्थन मिल रहा है उससे भाजपा भयभीत है. राहुल गांधी ने जो मुद्दे उठाए हैं वो मार्मिक मुद्दे हैं.. जनता के मुद्दे हैं और उन्ही मुद्दों को जनता पसंद कर रही है.

उन्होंने कहा,”भाजपा को धार्मिक मुद्दों के बजाय केंद्र सरकार के रिपोर्ट कार्ड के आधार पर चुनाव में जाना चाहिए.” पायलट ने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर का जो निर्माण हुआ है, वो इस देश की सर्वोच्च अदालत के निर्णय के बाद हुआ है. जब उच्चतम न्यायालय ने वो निर्णय दिया तो सबने स्वागत किया.

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उन्होंने कहा कि भगवान राम का अगर भव्य मंदिर का निर्माण हुआ है, उसमें सबको खुशी है सब उसमें शामिल है लेकिन उस निर्माण का श्रेय लेना.. भगवान राम को सीमित नहीं किया जाना चाहिए. भगवान राम कण कण में विद्यमान है. भगवान राम किसी दल, एक समुदाय या एक सरकार, एक नेता, एक पार्टी, एक देश के नहीं है… पूरे ब्रह्माड के हैं.”

उन्होंने कहा कि उन्हें सीमित कर देना और उन्हें राजनीतिक नजरिये से देखना मैं गलत मानता हूं. पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना (ईआरसीपी) को लेकर हुए ज्ञापन समझौते (एमओयू) को विधानसभा के पटल पर रखा जाना चाहिए और उस पर चर्चा की जानी चाहिए.

पायलट ने कहा कि ईआरसीपी एक बड़ा मुद्दा था, जो लंबित था लेकिन सरकार ने राजनीतिक कारणों से लोकसभा चुनाव से पहले एमओयू पर हस्ताक्षर किए.

(इस खबर को The Hindkeshariटीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)

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