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प्रदेश-व्यापी सुशासन तिहार के दूसरे दिन भी लोगों का दिखा उत्साह: गांव-गांव, शहर-शहर में लोग समाधान पेटियों में जमा कर रहे आवेदन…

रायपुर: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में जनता-जनार्दन की समस्याओं के निदान और उनसे रूबरू मुलाकात के लिए सुशासन तिहार का प्रदेशव्यापी शुभारंभ 08 अप्रैल से हो गया है। तीन चरणों में आयोजित होने वाला यह सुशासन तिहार 31 मई तक चलेगा। प्रथम चरण में 8 अप्रैल से 11 अप्रैल तक आम जनता से ग्राम पंचायतों एवं नगरीय निकायों के कार्यालयों में सीधे आवेदन लिए जा रहे हैं। सुशासन तिहार को लेकर लोगों में आज दूसरे दिन भी जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है, और लोग अपनी समस्याओं से संबंधित आवेदन लेकर उसे ग्राम पंचायत और नगर पंचायत कार्यालयों में लगी समाधान पेटी में जमा कर रहे है।

नारायपुर जिले के देवगांव, गौरदंड, फरसगांव, कापसी, सुलेंगा, धौड़ाई, कुढ़ार गांव, सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के ग्राम पंचायत कोतमरा, कटेली और भोथली में, अंबिकापुर जिले में विकाखण्ड बतौली और सीतापुर के खड़गवां, भटको, कुनकुरी देवगढ़ और सोनतराई ग्राम पंचायत में लोगों ने उत्साहपूर्वक अपनी समस्याओं को लेकर आवेदन दिया। कमिश्नर और कलेक्टर सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी सुशासन तिहार की व्यवस्था का जायजा लेने के साथ लोगों को उनकी समस्याओं के निराकरण के लिए बिना किसी हिचक के आवेदन पत्र देने की भी समझाइश दे रहे हैं।

सुशासन तिहार के अंतर्गत ऑनलाइन आवेदन पोर्टल एवं कॉमन सर्विस सेंटर के जरिए भी आवेदन प्राप्त किए जाने की व्यवस्था है। विकासखंडों और जिला मुख्यालयों में भी आवेदन प्राप्त करने हेतु समाधान पेटी रखी गई है, जहां लोग अपनी समस्याओं के संबंध में आवेदन डाल रहे है। जनसमान्य की समस्याओं से संबंधित आवेदनों को भरने के लिए ग्राम पंचायतों एवं नगरीय निकायो के कार्यालयों में अधिकारी-कर्मचारी की ड्यूटी भी लगाई गई है, ताकि लोगों को अपनी समस्याओं से संबंधित आवेदन देने में किसी भी तरह की परेशानी न हो। कई जिलों में आवेदन पत्र तैयार करने में सहायता के लिए दिव्यांग संगवारी और संगवारी दीदी भी तैनात किए गए है।

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उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ राज्य सरकार द्वारा सुशासन एवं पारदर्शिता के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में सुशासन तिहार-2025 का आयोजन एक महत्वपूर्ण पहल है। सुशासन तिहार-2025 के तहत सभी प्राप्त आवेदनों की सॉफ्टवेयर में प्रविष्टि कर संबंधित विभागों को सौंपा जाएगा, और एक माह के भीतर उनका निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि सुशासन तिहार 2025 का उद्देश्य जनसामान्य की समस्याओं का प्रभावी एवं त्वरित समाधान, शासकीय कार्यों में पारदर्शिता और जनता से सीधा संवाद स्थापित करना है। मुख्यमंत्री श्री साय ने पूर्व में ही सभी जिला कलेक्टरों को निर्देश दिए हैं कि वे सुशासन तिहार के सुव्यवस्थित आयोजन और इसके अंतर्गत प्राप्त होने वाले आवेदनों के तत्परता से निराकरण को सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि राज्य और जिला स्तर पर निराकरण की स्थिति और गुणवत्ता की समीक्षा भी की जाएगी।

सुशासन तिहार के तीसरे चरण में प्रत्येक जिले की 8 से 15 ग्राम पंचायतों के मध्य समाधान शिविर आयोजित होंगे। नगरीय निकायों में भी आवश्यकतानुसार शिविरों का आयोजन किया जाएगा। शिविरों में आमजन को उनके आवेदन की स्थिति से अवगत कराया जाएगा, तथा यथासंभव आवेदन का त्वरित निराकरण भी वहीं किया जाएगा। शेष समस्याओं का निराकरण एक माह के भीतर कर सूचना दी जाएगी। समाधान शिविरों में जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी जाएगी और हितग्राहीमूलक योजनाओं के आवेदन प्रपत्र भी उपलब्ध कराए जाएंगे।

इस अभियान में सांसदों, विधायकों और अन्य जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है। मुख्यमंत्री, मंत्रीगण, मुख्य सचिव, प्रभारी सचिव एवं वरिष्ठ अधिकारी स्वयं शिविरों में उपस्थित रहकर आमजन से संवाद करेंगे, और विकास कार्यों व योजनाओं से मिल रहे लाभ का फीडबैक लेंगे। साथ ही औचक निरीक्षण के माध्यम से चल रहे निर्माण कार्यों की वास्तविक स्थिति और गुणवत्ता का भी मूल्यांकन किया जाएगा।

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