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स्पेन में भारतीय चेस प्लेयर्स के लैपटॉप-पासपोर्ट समेत कीमती समान चोरी, आयोजकों ने उड़ाया मजाक, जानिए पुलिस ने क्या कहा?

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार पहली घटना 19 दिसंबर को उस कमरे में हुई जिसमें संकल्प गुप्ता और दुष्यंत शर्मा साथ रह रहे थे. इस वारदात के तीन दिन बाद, एक ही दिन में कुछ ही घंटों के अंतराल में दो अलग-अलग अपार्टमेंटों को निशाना बनाया गया, पहले मौनिका अक्षय सहित पांच खिलाड़ियों द्वारा शेयर किए गए अपार्टमेंट और  उसके बाद उस अपार्टमेंट में जिसमें अर्पिता मुखर्जी और विश्वा शाह थीं.

हैरान करने वाली बात यह है कि ये तीनों ही अपार्टमेंट आयोजकों द्वारा आधिकारिक आवास के तौर पर आइडेंटिफाई किए गए थे. इसके साथ ही इवेंट स्थल से ये महज दो किलोमीटर के अंदर थे. हालांकि भारतीय प्लेयर्स के अलावा अभी तक किसी अन्य देश के खिलाड़ियों ने इस तरह की शिकायत दर्ज नहीं कराई है.

ग्रैंडमास्टर संकल्प गुप्ता का कहना है कि “मैंने अपना लैपटॉप, लैपटॉप चार्जर और एयरपॉड (Air Pod) खो दिया. मेरे रूममेट दुष्यंत का पासपोर्ट खो गया और उसे टूर्नामेंट से बाहर होना पड़ा, वहीं अगले दिन उसे भारतीय वाणिज्य दूतावास जाना पड़ा ताकि वह संबंधित डॉक्यूमेंट बनवाकर भारत वापस लौट सके.”

संकल्प और दुष्यंत जब अपना मैच खेल रहे थे तभी उनके कमरे में सेंध लगाई गई, जबकि दूसरी घटना तब हुई जब पांचों खिलाड़ी 45 मिनट की वॉक के लिए गए थे. वहीं तीसरी घटना में तब घटी जब खिलाड़ी तीन घंटे की छोटी सी नींद ले रहे थे.  

संकल्प का कहना है कि “यह बहुत ही अजीब था कि उन्होंने (चोरों ने) मेरा एयरपॉड ले लिया, लेकिन मेरे रूममेट का एयरपॉड छोड़ दिया. उन्होंने मेरे रूममेट का पासपोर्ट चुरा लिया, लेकिन मेरा पासपोर्ट वहीं छोड़ दिया. मैं अभी भी अपने एयरपॉड्स की लोकेशन ट्रैक कर सकता हूं, वे पिछले तीन दिनों से उसी स्थान पर हैं. मैं जानता हूं कि वे बार्सिलोना में कहां हैं, वे ला मीना में हैं. मैंने पुलिस को यह बताया और पूछा कि क्या मुझे सामान वापस लाने के लिए खुद जाना चाहिए. लेकिन पुलिस ने हमें बताया कि यह बार्सिलोना के सबसे खतरनाक इलाकों में से एक है और उन्होंने हमें वहां जाने से मना कर दिया.”

आयोजकों ने क्या कहा?

एक स्टेटमेंट के जरिए भले ही आयोजकों ने खिलाड़ियों के साथ सहानुभूति व्यक्त करने की कोशिश की है, लेकिन उन्होंने इन घटनाओं से प्रभावित खिलाड़ियों पर दोष मढ़ने का परोक्ष प्रयास भी किया है. आयोजकों ने कहा है कि, “…यह अंदाजा लगाया गया है कि दरवाजे या खिड़कियां बंद करने में चूक होने की वजह से भी ये घटनाएं हो सकती हैं.” बयान में यह भी कहा गया है कि आयोजकों ने पहली घटना के बाद उस क्षेत्र में गश्त करने के लिए एक सुरक्षा गार्ड को काम पर रखा था और जिस अपार्टमेंट में चोरी की तीसरी घटना हुई, वहां सीसीटीवी की निगरानी थी, सीसीटीवी में किसी को भी अपार्टमेंट में घुसते हुए नहीं पकड़ा गया.

सब कुछ ठीक से बंद करने के बाद भी हुई वारदात

मौनिका का कहना है कि “चूंकि संकल्प के साथ हुई घटना के बारे में हमने सुना था, इस वजह से हम पहले से ही काफी ज्यादा सतर्क थे. इसलिए जब हम टहलने गए तो यह पहले यह सुनिश्चित कर लिया था कि सभी दरवाजे और खिड़की ठीक से बंद हैं कि नहीं. इसके अलावा, एक व्यक्ति अपार्टमेंट में सो रहा था. अगर वह व्यक्ति वहां नहीं होता तो हम पांचों अपना सामान खो देते. जब हम वापस आये तो मेरा लैपटॉप व पर्स और मेरी रूममेट श्रीजा शेषाद्री का फोन गायब था. वहीं जब हम बालकनी में गए तो मेरा पर्स और पासपोर्ट वहां फेंका हुआ था. वे पैसे और चांदी के गहने ले गए, लेकिन किस्मत से मेरा पासपोर्ट वहीं रह गया.”

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पुलिस ने क्या कहा?

मौनिका का कहना है कि “भले ही आयोजकों ने हमें शिकायत दर्ज करने में मदद की, लेकिन पुलिस ने हमारे मुंह पर कहा था कि इससे कोई फायदा नहीं होगा.”

दो चोरी के बाद कैसे हुई तीसरी घटना?

संकल्प का कहना है कि पहली और दूसरी घटना के बाद हम सभी भारतीय खिलाड़ी काफी ज्यादा अलर्ट थे. लेकिन उसके बावजूद भी तीसरी घटना हो गई. संकल्प ने कहा “अर्पिता और विश्वा के अपार्टमेंट में खिलाड़ी सुबह 3:00 बजे सोने चले गए. जब वे सुबह 6.30 बजे उठे, तो उनके मोबाइल फोन, जो उसी कमरे में और उनके बगल में रखे हुए थे वे गायब थे. इस घटना में चीजें बहुत खराब हो सकती थीं क्योंकि अपार्टमेंट में महिलाएं मौजूद थीं. वो सो रही थीं.”

संकल्प ने कहा, ”मुझे जिस बात पर सबसे ज्यादा गुस्सा आ रहा है, वह यह है कि बाद में हमें इंटरनेट पर अपार्टमेंट के लिए जो रिव्यू मिले, उनमें कहा गया था पहले भी ऐसी ही घटनाएं हो चुकी हैं, यह कोई पहली या इकलौती घटना नहीं थी. लेकिन इसके बाद भी उनके पास कोई  उपाय नहीं थे.”

खिलाड़ियों का कहना है कि लगभग 2 किलोमीटर के क्षेत्र में गश्त करने के लिए केवल एक सुरक्षा गार्ड था और वहां बहुत कम सीसीटीवी कैमरे मौजूद थे. मौनिका ने कहा “चूंकि ये अपार्टमेंट आयोजकों के ऑफिशियल थे, ऐसे में जब हमने आयोजकों से हमारी खोई हुई चीजों के लिए मुआवजा (Compensation) मांगा, तो उन्होंने हमारा मजाक उड़ाते हुए कहा कि वे डिनर उपलब्ध कराकर इसकी भरपाई करेंगे.” 

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