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हरियाणा और पंजाब के लोग रामोत्सव में डूबे, लंबी प्रतीक्षा का अंत हुआ : मुख्यमंत्री खट्टर

खट्टर ने करनाल में एक कार्यक्रम में ‘प्राण प्रतिष्ठा’ का सीधा प्रसारण देखा, जहां उन्होंने एक मंदिर में पूजा-अर्चना भी की. उन्होंने ‘जय श्रीराम’ के नारे लगाए और ‘राम भजनों’ की धुन पर नृत्य किया. उन्होंने कहा कि देश और दुनियाभर के करोड़ों लोगों की इच्छाएं आज पूरी हो गई हैं क्योंकि अयोध्या में भव्य राम मंदिर के निर्माण के साथ 500 साल का लंबा इंतजार समाप्त हो गया है.

अयोध्या स्थित भव्य राम मंदिर में सोमवार को रामलला के नवीन विग्रह की प्राण प्रतिष्ठा की गई. इस अवसर पर आयोजित समारोह में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी भाग लिया. इस अवसर पर पंजाब और हरियाणा में भी धार्मिक उत्साह देखने को मिला. विभिन्न शोभायात्राओं के दौरान लोग धनुष-बाण से युक्त भगवा ध्वज के साथ लोग ‘राम आएंगे, मेरे घर राम आएंगे’ समेत अन्य भजन गाते दिखे. दोनों राज्यों में सड़कों पर श्रद्धालुओं का हुजूम दिखा.

कांग्रेस नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘भगवान श्री राम सभी की आस्था के प्रतीक हैं और हम सबकी उनमें आस्था है. सियावर रामचन्द्र की जय.’ हरियाणा लोकहित पार्टी के प्रमुख और विधायक गोपाल कांडा ने सिरसा में प्राण प्रतिष्ठा अवसर को देश के लिए एक ऐतिहासिक घटना बताया. उन्होंने एक शोभा यात्रा में भाग लिया और भगवान राम की 31 फुट ऊंची एक मूर्ति का अनावरण किया.

अमृतसर में एक शोभायात्रा के दौरान गूंजते ‘जय श्रीराम’, ‘जय सियाराम’ के नारों के बीच इसमें भाग लेने वाले श्रद्धालुओं में से एक ने कहा, ‘‘यह हर किसी के लिए एक भावनात्मक और खुशी का क्षण है क्योंकि यह दिन 500 साल के इंतजार के बाद आया है.”

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सजे-धजे मंदिरों में पुजारियों ने पूजा-अर्चना की. इस अवसर पर कई स्थानों पर ‘हवन’ भी आयोजित किए गए. भव्य आयोजन को चिह्नित करने के लिए, पंजाब और हरियाणा में कई स्थानों पर मंदिरों की ओर जाने वाली सड़कों को नया रूप दिया गया.

लोगों को ‘प्राण प्रतिष्ठा’ समारोह के प्रसारण को देखने में सक्षम बनाने के लिए कुछ मंदिर के परिसरों में विशाल एलईडी स्क्रीन लगाई गईं. भीषण ठंड और शीतलहर के बावजूद भक्त चंडीगढ़, अंबाला, कुरुक्षेत्र, करनाल, पानीपत, गुरुग्राम, रोहतक, फरीदाबाद, अमृतसर, लुधियाना, जालंधर, पटियाला और पठानकोट सहित कई स्थानों पर मंदिरों में पूजा करने के लिए कतार में लगे रहे.

वहीं, एक शोभायात्रा में हिस्सा लेने वाले केंद्रीय मंत्री सोम प्रकाश ने कहा कि भगवान राम देश की सामूहिक चेतना और मानवता का प्रतिनिधित्व करते हैं. मंत्री ने कहा, ‘‘राम सबके हैं और हम इस ऐतिहासिक अवसर का हिस्सा बनकर भाग्यशाली हैं क्योंकि यह पल 500 साल के लंबे इंतजार और लगातार संघर्ष के बाद आया है.”

दोनों राज्यों में कई दुकानदारों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों ने ‘लंगर’ आयोजित किए और चाय, फल तथा बिस्कुट वितरित किए. दोनों राज्यों और उनकी साझा राजधानी चंडीगढ़ में उत्सव का माहौल होने के कारण मिट्टी के दीये और सजावटी लड़ियां खरीदने के लिए बाजारों में लोगों की भीड़ दिखी.

विभिन्न संगठनों के स्वयंसेवकों ने घर-घर जाकर लोगों को ध्वज और दीये बांटे. खट्टर ने पहले कहा था कि अयोध्या में राम मंदिर प्रतिष्ठा समारोह पूरे देश में दीवाली त्योहार की तरह मनाया जाएगा. पंचकूला में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक और हरियाणा विधानसभा के अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता ने ‘प्राण प्रतिष्ठा’ समारोह के उपलक्ष्य में लोगों के बीच ‘लड्डू’ बांटे.

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हरपाल सिंह चीमा, चेतन सिंह जौरमाजरा, लालचंद कटारूचक, अमन अरोड़ा और ब्रम शंकर जिम्पा सहित पंजाब के कई मंत्रियों ने भी अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों में धार्मिक कार्यक्रमों में भाग लिया. वरिष्ठ कांग्रेस नेता और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने भी गुरदासपुर के कादियां में मंदिरों में आयोजित धार्मिक कार्यक्रमों में भाग लिया और लोगों को बधाई दी. अमृतसर में दुर्गियाना मंदिर और भगवान श्री वाल्मीकि मंदिर में विशेष धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए.

(इस खबर को The Hindkeshariटीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)

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