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इजरायल-हमास के संघर्ष पर भारत में सियासत शुरू, कांग्रेस के प्रस्ताव से पार्टी के भीतर मतभेद उजागर

कांग्रेस ने इजरायल-हमास संघर्ष पर क्या कहा?

दरअसल, कांग्रेस ने इजरायल और हमास के बीच संघर्ष में आम नागरिकों के मारे जाने पर दुख जताते हुए सोमवार को कहा कि युद्ध को जन्म देने वाले सभी मुद्दों सहित सभी लंबित मुद्दों पर बातचीत शुरू करने की जरूरत है. कांग्रेस वर्किंग कमेटी ने बैठक में पारित प्रस्ताव भी तत्काल संघर्ष विराम की भी अपील की. कांग्रेस वर्किंग कमेटी ने कहा है कि वह फिलिस्तीनी लोगों के जमीन, स्वशासन और आत्म-सम्मान के साथ जीने के अधिकारों के लिए अपने दीर्घकालिक समर्थन को दोहराती है.

कांग्रेस के प्रस्ताव में कहा गया है, ‘वर्किंग कमेटी पश्चिम एशिया में छिड़े युद्ध और एक हजार से अधिक लोगों के मारे जाने पर गहरा दुख जाहिर किया है. वह फिलिस्तीनी लोगों के जमीन, स्वशासन, और आत्म-सम्मान और गरिमा के साथ जीने के अधिकारों के लिए अपने दीर्घकालिक समर्थन को दोहराती है.’

बीजेपी ने कांग्रेस को घेरा

बीजेपी सांसद तेजस्वी सूर्या ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट के जरिए कांग्रेस को घेरा है. सूर्या ने कहा, “इजरायल युद्ध पर कांग्रेस की वर्किंग कमेटी का प्रस्ताव इस बात का सबसे अच्छा उदाहरण है कि मोदी के पीएम बनने से पहले कैसे भारतीय विदेश नीति कांग्रेस की अल्पसंख्यक वोट बैंक की राजनीति की बंधक थी.”

अगले साल होने वाले चुनाव से पहले कांग्रेस पर तंज कसते हुए बीजेपी सांसद ने आगे कहा, “… अगर हम 2024 में सतर्क नहीं रहे, तो चीजें कितनी जल्दी धरातल पर लौट जाएंगी, इसका अंदाजा लगाया नहीं जा सकता.”

मनोज तिवारी ने भी कसा तंज

बीजेपी नेता मनोज तिवारी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस आतंकियों का समर्थन कर रही है. उन्होंने कहा कि इतना भयानक इशारा है कि कांग्रेस पार्टी आतंकियों का समर्थन कर रही है. उन्होंने कहा कि हमास के इजरायल पर हमला करने के जैसे-जैसे वीडियो सामने आए हैं. वहां बहन-बेटियों के साथ जो हुआ है. लोगों की गर्दनें काटी गईं हैं. इसके बाद भी कांग्रेस हमास के समर्थन में फिलिस्तीन के समर्थन में आज बयान दे रही है. तिवारी ने कहा कि इसका मतलब साफ है कि ये लोग आतंकियों के समर्थक हैं. देश ये देखकर स्तब्ध है.

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पार्टी के भीतर विभाजन को उजागर करता है कांग्रेस का बयान

सूत्रों ने कहा है कि कांग्रेस का बयान पार्टी के भीतर विभाजन को उजागर करता है. वर्किंग कमेटी की बैठक में इजरायल-हमास युद्ध पर प्रस्ताव को सभी ने पूरी तरह से स्वीकार नहीं किया था. सूत्रों ने कहा कि कांग्रेस प्रमुख मल्लिकार्जुन खरगे विशेष रूप से इसे प्रस्ताव में शामिल नहीं करना चाहते थे, क्योंकि पार्टी का फोकस जातिगत सर्वे की मांग पर ध्यान केंद्रित करना था.

सूत्रों के मुताबिक, जो बयान जारी किया जाना था, वह एक चुनाव पूर्व प्रस्ताव था. इसमें कहा गया था कि अगर कांग्रेस अगले साल सत्ता में आती है, तो वह राष्ट्रीय जाति जनगणना कराएगी. साथ ही केंद्र की बीजेपी सरकार द्वारा पारित महिला आरक्षण विधेयक में अन्य पिछड़ा वर्ग या ओबीसी के लिए कोटा लागू करेगी.

इजरायल-हमास संघर्ष को लेकर जारी प्रस्ताव पर कांग्रेस के एक धड़े में असहमति इस बात पर थी कि पार्टी ने हमास लड़ाकों के आतंकी गतिविधियों का जिक्र नहीं किया. हमास के लड़ाके शनिवार को इजरायल में घुस गए और ताबड़तोड़ रॉकेट हमले किए गए. लड़ाको ने एक म्यूजिक फेस्टिवल में करीब 300 लोगों की हत्या कर दी. इसमें बड़ी तादाद में महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग शामिल थे.

फ़िलिस्तीन पर कांग्रेस का बयान (चाहे वह जारी किया जाना था या नहीं) बीजेपी द्वारा पार्टी को घेरने के मकसद से भारत में आतंकी हमले का एक वीडियो शेयर किए जाने के कुछ दिनों बाद आया है. बीजेपी ने वीडियो शेयर करते हुए लिखा था- “इजरायल आज जो झेल रहा है, वही भारत ने 2004-14 के बीच झेला. कभी माफ मत करो, कभी मत भूलो…”

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इसके बाद दूसरा वीडियो हमला हुआ, जिसमें बीजेपी ने हमास के हमले की तुलना मुंबई पर 26/11 के आतंकवादी हमलों से की. बीजेपी ने कहा, “इजरायल ने अभी-अभी युद्ध की घोषणा की है… कमज़ोर कांग्रेस के नेतृत्व में भारत ने क्या किया?” ?…वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं ने तो पाकिस्तान को दोषमुक्त भी कर दिया.”

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