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राधिका खेड़ा भाजपा की भाषा बोल रही हैं, उनका कांग्रेस छोड़ना पूर्व नियोजित था: छत्तीसगढ़ कांग्रेस

राधिका खेड़ा भाजपा की भाषा बोल रही हैं, उनका कांग्रेस छोड़ना पूर्व नियोजित था: छत्तीसगढ़ कांग्रेस

रायपुर:

छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की नेता रहीं राधिका खेड़ा के पार्टी के एक सहयोगी पर दुर्व्यवहार का आरोप लगाने और पद से इस्तीफा देने के एक दिन बाद पार्टी की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष दीपक बैज ने खेड़ा पर भारतीय जनता पार्टी की भाषा बोलने का आरोप लगाया और कहा कि उन्होंने जानबूझकर विवाद की साजिश रची है. लोकसभा चुनाव के लिए छत्तीसगढ़ में पार्टी की संचार और मीडिया समन्वयक रहीं खेड़ा ने अपने इस्तीफे में दावा किया है कि अयोध्या में भगवान राम के मंदिर जाने के बाद उनकी आलोचना की गई और इसके कारण उन्हें छत्तीसगढ़ कांग्रेस कार्यालय में हुई घटना में न्याय नहीं मिला.

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खेड़ा और छत्तीसगढ़ कांग्रेस संचार प्रकोष्ठ के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला के बीच 30 अप्रैल को हुए कथित विवाद के बाद यह मामला सामने आया. रायपुर में संवाददाताओं से बातचीत में बैज ने आशंका जताई कि यह मामला भाजपा की पूर्व नियोजित साजिश है और दावा किया कि खेड़ा पार्टी की भाषा बोल रही हैं.

बैज ने कहा, ”यह घर का मामला था और इसे मंदिर और धर्म से जोड़ना उचित नहीं है. पार्टी के अंदर ही मामला सुलझ जाता.” खेड़ा के आरोपों के बारे में पूछे जाने पर, बैज ने कहा, ”यह एक मनगढ़ंत कहानी है और एक नया विवाद पैदा करने का जानबूझकर किया गया प्रयास था.. यह पूर्व-योजना के तहत जानबूझकर भाजपा के इशारे पर किया गया था.”

बैज ने कहा कि पार्टी छोड़ना खेड़ा का निजी फैसला था लेकिन वह इंतजार कर सकती थीं क्योंकि पार्टी में (झगड़े के) मामले की जांच चल रही थी और फैसला आना बाकी था.सोमवार को दिल्ली में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए खेड़ा ने आरोप लगाया कि जब से वह अपनी मां के साथ अयोध्या में राम मंदिर गई हैं, तब से कांग्रेस पार्टी उनसे नफरत करने लगी है.

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खेड़ा ने दावा किया कि शुक्ला ने 30 अप्रैल को पार्टी कार्यालय में उनके साथ दुर्व्यवहार किया लेकिन पार्टी नेताओं ने इस पर कोई कार्रवाई नहीं की.वहीं इन आरोपों का खंडन करते हुएशुक्ला ने कहा कि खेड़ा की कहानी की पटकथा अरविंदर सिंह लवली (दिल्ली कांग्रेस के पूर्व प्रमुख) के कांग्रेस छोड़ने के बाद लिखी गई.

शुक्ला ने कहा, ”इस कहानी की पटकथा उस दिन से लिखी गई थी जब अरविंदर सिंह लवली ने कांग्रेस छोड़ी थी. उन्होंने तब मुझे बताया था कि वह लवली के कदम से निराश हैं. मैंने उससे कहा था कि वह तनाव न ले.”कांग्रेस नेता ने कहा, ”उन्होंने सिर्फ ‘विक्टिम कार्ड’ खेला और मेरा इस्तेमाल किया.”

(इस खबर को The Hindkeshariटीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)

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