देश

सिर पर लाल पट्टा इनाम 20 लाख, बस सवार यात्री ने बताया हुलिया… ये है रियासी का दशहतगर्द

जोर से बोलो जय माता की, चलो बुलावा आया है माता ने बुलाया है, यही नारे लगाते हुए बस में सवार भक्त माता वैष्णों के दरबार की तरफ बढ़ रहे थे. तमाम भक्त माता की भक्ति में डूबे थे, बस पहाड़ों के घुमावदार रास्तों पर सांप की तरह लहरते हुए आगे बढ़ रही थी. तभी अचानक से सिर पर लाल पट्टा बांधे, मुंह पर कपड़ा बांधे आतंकी माता के भक्तों के रास्ते में आकर उन पर अंधाधुंध फायरिंग कर देते हैं. अचानक से फायरिंग होते देख किसी को कुछ समझ नहीं आता. जब तक कि लोग कुछ समझ पाते तब तक आतंकियों की गोली बस ड्राइवर को जा लगती है और बस खाई में गिर जाती है. हर कोई बस में चीख-चिल्ला रहा था. बस के खाई में गिरने पर भी दहशतगर्द ऊपर से ही बस पर गोलियां बरसाते रहे, लेकिन तब तक कई लोग गोलियों की चपेट में आने से दम तोड़ चुके थे. इस कायरतापूर्ण हमले को जिन आतंकियों ने अंजाम दिया, उनमें से एक का स्केच जारी कर दिया गया है. आतंकी के बारे में सूचना देने वाले को 20 लाख रुपये का इनाम देने की घोषणा की. जिस दहशतगर्द ने मासूमों की जान लेकर पूरे देश को गमगीन कर दिया, वो कैसा दिखता था इस बारे में आतंकी हमले में जिंदा बचे लोगों ने बताया.

इस हमले में जिंदा बचे शख्स के विवरण के आधार पर आतंकी का स्केच तैयार किया गया है. उन्होंने लोगों से सूचना मुहैया कराने की अपील की. आतंकियों का ये हमला कितना बर्बर था, इसके बारे बस में सवार शख्स ने बताया कि बस आई में गिर गई इसके बावजूद भी आतंकी लोगों पर गोलियां बरसाते रहे. आतंकी हमले में जिंदा बचे शख्स ने बताया कि उसने लाल रंग का मफलर पहने एक नकाबपोश हमलावर को बस पर फायरिंग करते देखा था. तेरयाथ के अस्पताल में भर्ती बनारस के एक घायल तीर्थयात्री ने बताया कि हमें शाम चार बजे निकलना था, लेकिन बस शाम साढ़े पांच बजे निकली और अचानक बस पर फायरिंग की गई.

Latest and Breaking News on NDTV
आतंकी हमले में जिंदा बचे शख्स ने बताया कि उसने लाल रंग का मफलर पहने एक नकाबपोश हमलावर को बस पर फायरिंग करते देखा था.

ड्राइवर के साथ बैठे शख्स ने आतंकियों के बारे में क्या बताया

आतंकियों ने जिस बस को अपना टारगेट बनाया, उसमें उत्तर प्रदेश के संतोष कुमार भी थे. उन्होंने बताया, ‘‘मैं बस चालक के पास में ही बैठा था और वाहन घने जंगलों से नीचे की जा रही थी, तभी मैंने देखा कि सेना जैसे कपड़े पहने और काले कपड़े से अपना चेहरा व सिर ढके एक आतंकी बस के सामने आया और उसने ओपन फायरिंग शुरू कर दी.’ उन्होंने कहा कि गोलीबारी में चालक को गोली लगी और बस खाई में गिर गई, बस पर कई मिनट तक गोलीबारी हुई. इसके बाद स्थानीय लोग घटनास्थल पर पहुंचे और पीड़ितों की मदद की.

यह भी पढ़ें :-  "जम्मू-कश्मीर में सितंबर 2024 तक चुनाव कराएं": सुप्रीम कोर्ट का चुनाव आयोग को निर्देश

संतोष ने बताया कि मैं बस चालक के पास में ही बैठा था और बस घने जंगलों से नीचे की जा रही थी, तभी मैंने देखा कि सेना जैसे कपड़े पहने और काले कपड़े से अपना चेहरा व सिर ढके एक व्यक्ति बस के सामने आया और उसने ओपन फायरिंग शुरू कर दी.

बस में बैठे सौरव ने लोगों को बचाने के लिए मचाया शोर

आतंकी हमले की शिकार हुई बस में सवार 21 वर्षीय सौरव गुप्ता ने अन्य यात्रियों को आगाह करने के लिए शोर मचाया था, लेकिन तभी एक गोली उनकी गर्दन के पिछले हिस्से में आ लगी. बस पर हुए आतंकी हमले में मारे गए नौ तीर्थयात्रियों में सौरव भी शामिल थे. सौरव के पिता कुलदीप गुप्ता और परिवार के अन्य सदस्य शव को एंबुलेंस से दिल्ली लेकर आए. मंगलवार को उत्तर-पूर्वी दिल्ली के मंडोली इलाके में उनके घर के पास अंतिम संस्कार किया गया.

आतंकी हमले की शिकार हुई बस में सवार 21 वर्षीय सौरव गुप्ता ने अन्य यात्रियों को आगाह करने के लिए शोर मचाया था, लेकिन तभी एक गोली उनकी गर्दन के पिछले हिस्से में आ लगी. इस आतंकी हमले में मारे गए 9 तीर्थयात्रियों में सौरव भी शामिल थे.

सौरव के चाचा मनोज गुप्ता ने कहा कि शिवानी ने अपनी आंखों के सामने अपने पति को मरते हुए देखा, वह बेसुध है. ‘उन्होंने बताया, ‘‘जब आतंकवादियों ने बस पर हमला किया, तब सौरव चालक के पीछे खिड़की वाली सीट पर बैठे थे. जैसे ही गोलीबारी शुरू हुई, उन्होंने शोर मचाया, लेकिन उन्हें गोली लग गई. गोली उनकी गर्दन के पिछले हिस्से में लगी, क्योंकि वह खिड़की के पास बैठे थे.”

यह भी पढ़ें :-  पटना के NMCH अस्पताल में एक व्यक्ति की मौत के बाद उसकी आंखें निकाली गईं, आरोप पर जांच शुरू

Latest and Breaking News on NDTV

आतंकियों की खोज के लिए कड़ी मशक्कत जारी

जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में श्रद्धालुओं की बस पर किए गए हमले में शामिल आतंकवादियों का पता लगाने के लिए व्यापक अभियान चलाया जा रहा है और सुरक्षा बलों की 11 टीमें काम कर रही हैं तथा पोनी तेरयाथ इलाके की कई तरफ से घेराबंदी की गई है. जम्मू और राजौरी जिले में हाई अलर्ट घोषित कर दिया है तथा जांच तेज़ कर दी है और इलाके में तलाशी ली जा रही है. अधिकारियों के मुताबिक, 20 से ज्यादा लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है.

उधमपुर-रियासी रेंज के पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) रईस मोहम्मद भट ने कहा कि पुलिस, सेना, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के 11 दल फरार हुए आतंकवादियों को खत्म करने के लिए दो छोर पर काम कर रहे हैं और सुरक्षा बलों को कुछ सुराग मिले हैं. सूत्रों ने बताया कि सुरक्षा बलों को संदेह है कि पाकिस्तानी आतंकवादी राजौरी और रियासी के पहाड़ी इलाकों में छुपे हुए हैं और उन्होंने क्षेत्र में तलाश अभियान तेज कर दिया है.

ड्रोन, खोजी कुत्तों और चॉपर की ली जा रही मदद

उन्होंने बताया कि ऐसी रिपोर्ट हैं कि आतंकियों के एक स्थानीय मददगार सहित चार आतंकवादी इस हमले में शामिल थे जिसे लश्कर-ए-तैयबा के कमांडर अबू हमजा के निर्देश पर अंजाम दिया गया. ड्रोन और खोजी कुत्तों सहित निगरानी उपकरणों से लैस सुरक्षाकर्मियों ने सोमवार को बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान चल रहा है. इलाके में गतिविधियों पर नज़र रखने के लिए एक हेलीकॉप्टर को भी काम पर लगाया गया था.

यह भी पढ़ें :-  "बंकरों ने हमारी जान बचाई": पाकिस्‍तान की गोलाबारी के बाद जम्मू-कश्मीर के ग्रामीण

(भाषा इनपुट्स के साथ)


NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

Show More

संबंधित खबरें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button