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Republic Day 2025 : "बाइक पर दूध बेचने जात हुए दिखी लड़की…" पशुपालन की झांकी पर टिकी रही सबकी निगाहें


नई दिल्ली:

आज भारत अपना 76वां गणतंत्र दिवस मना रहा है और इस मौके पर कर्तव्य पथ पर गणतंत्र दिवस परेड का आयोजन किया गया था. परेड में हर साल कुछ न कुछ खास होता है जो बाद में लोगों के लिए चर्चा का विषय बन जाता है. हर साल की तरह इस साल भी कई चीजें पहली बार हुईं और झाकियों ने भी लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा. इसी बीच पशुपालन विभाग की झांकी पर लोगों की निगाहें टिकी कि टिकी रह गईं. ऐसा इसलिए क्योंकि इस झांकी में एक लड़की बाइक पर दूध बेचने के लिए जाते हुए नजर आ रही है. यह दर्शाता है कि खेती-किसानी और पशुपालन अब केवल पुरुषों का काम नहीं है. महिलाएं भी इसमें बढ़चढ़ कर दिलचस्पी ले रही हैं और मुनाफा भी कमा रही हैं. 

स्वर्णिम भारत और विकास पर आधारित थी झांकी 

पुशपालन और डेयरी विभाग की झांकी में आगे का हिस्सा दूध के बर्तन से दूध को बहते हुए दर्शा रहा है, जो श्वेत क्रांति 2.0 की झलक दिखा रहा है. साथ ही यह दुग्ध उत्पादन में भारत के अव्वल स्थान की भी झलक दिखाता है. इके बीच के हिस्से में बछड़े के साथ पंढरपुरी भैंस दिख रही है. बता दें कि यह भारत की भैसों की 70 से अधिक देसी नस्ल में से एक है. एक महिला किसान को इस भैंस की देखभाल करते हुए भी दिखाया गया है. साथ ही पशु चिकित्सक भी टीके के साथ दिखाई दे रहे हैं. इसके अलावा दो महिलाएं पारंपरिक बिलोना विधि से घी को मथते हुए दिखाया गया है. 

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ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करती महिलाएं 

बता दें कि सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था में महिलाओं की हिस्सेदारी को और अधिक बढ़ाने में लगी हुई है. हाल ही के वरषों में महिलाएं खेती और पशुपालन के क्षेत्र में दिलचस्पी लेने लगी हैं और इसमें आगे भी बढ़ रही हैं और अच्छा मुनाफा कमा रही हैं. सरकार इसी कड़ी में महिलाओं के लिए लखपति दीदी जैसी कई योजनाएं भी लेकर आई है. साथ ही प्रगतिशील महिला किसानों और पशुपालकों को सरकार पुरस्कार और प्रोत्साहन राशि भी देती रहती है. 



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