देश

"CJI से करें अनुरोध…", लोकसभा से निष्कासन के मामले पर जल्द सुनवाई को लेकर महुआ मोइत्रा से SC

महुआ मोइत्रा (फाइल फोटो)

नई दिल्ली:

Cash For Query Case: लोकसभा से निष्कासन के मामले में महुआ मोइत्रा (Mahua Moitra) को फिलहाल सुनवाई की कोई तारीख नहीं मिली है. महुआ मोइत्रा ने इस मामले की जल्द सुनवाई के लिए चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया चंद्रचूड़ (CJI ) से मांग की है. CJI ने महुआ के वकील से कहा है कि वह जल्द सुनवाई की मांग को लेकर एक ईमेल करें. इसके बाद याचिका को सूचीबद्ध करने पर विचार करेंगे. बता दें कि इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने जल्द सुनवाई की मांग पर CJI के पास जाने को कहा था.

यह भी पढ़ें

बता दें कि जस्टिस एसके कौल ने महुआ की याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा था कि वो जल्दी सुनवाई के लिए सीजेआई से अनुरोध करें. सीजेआई ही जल्द सुनवाई पर फैसला लेंगे. इस चरण में मैं फैसला नहीं लेना चाहता ( शुक्रवार उनका आखिरी कार्यदिवस है).  सिंघवी ने महुआ मोइत्रा की याचिका को कल या परसों सूचीबद्ध करने का अनुरोध किया था.

बता दें कि महुआ के वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने जल्द सुनवाई की मांग की थी. जस्टिस संजय किशन कौल ने कहा कि चीफ जस्टिस आपकी मांग पर विचार करेंगे.  बेंच ने सीजेआई की बेंच में अपनी मांग रखने को कहा है. रिश्वत लेकर संसद में सवाल पूछने  के मामले में शुक्रवार (8 दिसंबर) को महुआ मोइत्रा की लोकसभा सदस्यता खत्म कर दी गई थी. लोकसभा स्पीकर ओम बिरला (Om Birla) नेथिक्स कमेटी (Ethics Committee) की रिपोर्ट पर वोटिंग कराई, जो ध्वनिमत से पास हो गया. लोकसभा से निष्कासन के बाद महुआ ने कहा कि एथिक्स कमेटी ने मुझे झुकाने के लिए बनाई गई अपनी रिपोर्ट में हर नियम तोड़ दिया. ये बीजेपी के अंत की शुरुआत है. महुआ मोइत्रा लोकसभा के फैसले के खिलाफ संविधान के अनुच्‍छेद-226 के तहत हाईकोर्ट भी जा सकती थीं, लेकिन उन्‍होंने अनुच्‍छेद -32 के तहत सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. 

यह भी पढ़ें :-  "लोकसभा चुनाव 2024 में 400 से ज़्यादा सीटें जीतेगी BJP..." : कैलाश विजयवर्गीय

ऐसे गई महुआ की सांसदी 

महुआ मोइत्रा को संसद में रिश्वत लेकर सवाल पूछने के आरोप में दोषी पाया गया. भाजपा सांसद विनोद कुमार सोनकर की अध्यक्षता वाली आचार समिति ने गत नौ नवंबर को अपनी एक बैठक में मोइत्रा को ‘पैसे लेकर सदन में सवाल पूछने’ के आरोपों में लोकसभा से निष्कासित करने की सिफारिश वाली रिपोर्ट को स्वीकार किया था.

Show More

संबंधित खबरें

Back to top button