देश

कर्नाटक: सावरकर के बोर्ड पर उत्तर कन्नड़ में बवाल, आपस में भिड़े BJP वर्कर्स और पंचायत सदस्य

बीजेपी कार्यकर्ताओं ने तर्क दिया कि वीडी सावरकर के नाम का बोर्ड पंचायत की मंजूरी से लगाया गया था. उन्होंने दक्षिणपंथी झंडे वाले ध्वजस्तंभ को हटाने का विरोध किया. वहीं, अधिकारियों ने दावा किया कि वीडी सावरकर के नाम का बोर्ड लगाने के लिए ग्राम पंचायत से कोई परमिशन नहीं मांगी गई थी.

एक ग्रामीण ने कहा, “ऐसा मत सोचो कि हम चुप बैठे हैं. हमारे पास अनुमति है. क्या यह पाकिस्तान का झंडा है, जो हमने लगाया है? आपको इसे गिराने का आदेश किसने दिया?” 

पूरे मामले पर जिला पंचायत प्रमुख ने पंचायत के तहत आने वाले क्षेत्र में बनी ऐसी सभी संरचनाओं के लिए नोटिस जारी करने का फैसला लिया है. जिला पंचायत प्रमुख ने कहा कि संरचनाओं के लिए स्थानीय प्रशासन या स्थानीय तालुकों से परमिशन लेनी होगी. अगर 15 दिनों के अंदर जरूरी दस्तावेज पेश नहीं किए गए, तो संरचनाओं को ढहा दिया जाएगा.

जिला परिषद के प्रमुख ईश्वर कुमार ने कहा, “हमने उस पंचायत में ऐसी सभी संरचनाओं को नोटिस जारी करने का निर्णय लिया है. अगर उनके पास स्थानीय प्रशासन या स्थानीय तालुकों का परमिशन लेटर है, तो उन पर विचार किया जाएगा. ऐसा नहीं होने पर परमिशन के दस्तावेज पेश करने के लिए 15 दिन का समय दिया जाएगा.”

पिछले हफ्ते मांड्या जिले के केरागोडु गांव में एक स्थानीय धार्मिक संगठन के फहराए गए भगवा हनुमान ध्वज को उपद्रवियों ने उतार दिया था, जिसके कारण आसपास के इलाकों में भारी विवाद हो गया था. जिला प्रशासन से इसकी शिकायत की गई, जिसके बाद झंडा हटा दिया गया.

यह भी पढ़ें :-  नहीं रहे पूर्व PM मनमोहन सिंह, 92 साल की उम्र में निधन

ये भी पढ़ें:-

मध्यप्रदेश: 7 क्षेत्रीय भाषाओं में बच्चों को दी जाएगी प्राथमिक शिक्षा, पाठ्यक्रम में जुड़ेगा “सावरकर का चैप्टर”

विपक्षी एकता पर जमकर बरसे पीएम मोदी, बोले- “एक चेहरे पर कई चेहरे लगा लेते हैं लोग”

सरबजीत के बाद वीर सावरकर बनेंगे रणदीप हुड्डा, ‘स्वतंत्र वीर सावरकर’ की रिलीज डेट आई सामने

Show More

संबंधित खबरें

Back to top button