जनसंपर्क छत्तीसगढ़

प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना से ग्रामीण परिवारों को मिल रही बड़ी राहत….

रायपुर: प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता और आमजनों के जीवन में आर्थिक मजबूती का आधार बन रही है। इस योजना से प्रदेश के ग्रामीण एवं शहरी दोनों ही उपभोक्ताओं को सीधे तौर पर लाभ मिल रहा है। लोग अब बिजली बिल की चिंता से मुक्त होकर सौर ऊर्जा के माध्यम से स्वच्छ और सस्ती ऊर्जा का उपयोग कर रहे हैं।

इसी क्रम में सक्ती जिला अंतर्गत ग्राम जर्वे के किसान श्री राजकुमार मनहर इस योजना से लाभान्वित हुए हैं। उन्होंने जून 2025 में अपने घर की छत पर 2 किलोवाट क्षमता का रूफटॉप सोलर पैनल स्थापित कराया। इस पर लगभग 1 लाख 26 हजार रुपये की लागत आई, जिसमें से 60,000 रुपये की सब्सिडी केंद्र सरकार से मिल चुकी है और 30,000 रुपये की सब्सिडी राज्य सरकार से मिलने की प्रक्रिया में है।

श्री मनहर ने बताया कि सोलर पैनल लगने के बाद उनका बिजली बिल पूरी तरह से शून्य हो गया है। पहले उन्हें हर महीने 300 से 400 रुपये तक का बिल देना पड़ता था, लेकिन अब बिजली खर्च की कोई चिंता नहीं रही। उन्होंने इसे किसानों और ग्रामीण परिवारों के लिए एक “क्रांतिकारी योजना” बताते हुए अन्य उपभोक्ताओं से भी इसका लाभ उठाने की अपील की।

योजना के तहत एक किलोवाट सोलर पैनल पर 30,000 रुपये केंद्र सरकार और 15,000 रुपये राज्य सरकार की सब्सिडी,दो किलोवाट पर 60,000 रुपये केंद्र और 30,000 रुपये राज्य सब्सिडी और तीन किलोवाट पर 78,000 रुपये केंद्र और 30,000 रुपये राज्य सब्सिडी दी जा रही है।

सोलर प्लांट से न केवल घरेलू बिजली जरूरतें पूरी हो रही हैं, बल्कि अतिरिक्त उत्पादन से उपभोक्ता “ऊर्जादाता” भी बन सकते हैं। पंजीयन के लिए उपभोक्ता ऑनलाइन पोर्टल https://pmsuryaghar.gov.in, पीएम सूर्यघर मोबाइल एप, सीएसपीडीसीएल की वेबसाइट या टोल फ्री नंबर 1912 का उपयोग कर सकते हैं।

यह भी पढ़ें :-  RI परीक्षा को लेकर सदन में गहमा गहमी: विधायक मूणत ने राजस्व मंत्री को घेरा…

इस योजना के चलते प्रदेशभर में ग्रामीण और शहरी परिवार तेजी से सौर ऊर्जा को अपना रहे हैं। इससे पर्यावरण संरक्षण, ऊर्जा आत्मनिर्भरता और आर्थिक बचत – तीनों ही लक्ष्यों की पूर्ति एक साथ हो रही है। आने वाले समय में यह योजना राज्य को स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने की दिशा में अहम भूमिका निभाएगी।

Show More

संबंधित खबरें

Back to top button