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रूस-अमेरिका के बीच सऊदी में 12 घंटे की वार्ता खत्म, यूक्रेन युद्ध रोकने पर कहां तक बनी बात? 

यूक्रेन में आंशिक युद्धविराम पर रूसी और अमेरिकी अधिकारियों के बीच सऊदी अरब में चल रही बैठक 12 घंटे की बातचीत के बाद खत्म हो गई है. रूस की सरकारी मीडिया ने यह खबर दी है. हालांकि एक तरफ तो सीजफायर को लेकर बैठक चल रही थी वहीं दूसरी तरफ रूस-यूक्रेन बॉर्डर पर दोनों तरफ से हमले जारी हैं.

यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की ने कहा कि जब अमेरिका और यूक्रेन के बीच रियाद के एक लक्जरी होटल में बैठक हो रही थी, तब उत्तरपूर्वी यूक्रेन के सुमी पर सोमवार को एक रूसी मिसाइल हमले में 17 बच्चों सहित लगभग 90 लोग घायल हो गए.

वहीं इस बीच, रूसी मीडिया ने कहा कि “विशेष सैन्य अभियान के क्षेत्र में” यानी यूक्रेन में उनकी कार पर हमला होने से दो पत्रकारों और उनके ड्राइवर की मौत हो गई.

रूस-अमेरिका के बीच कहां तक पहुंची बात?

एएफपी की रिपोर्ट के अनुसार रूस की सरकारी TASS समाचार एजेंसी ने एक सूत्र के हवाले से कहा कि अमेरिका के साथ बैठक “12 घंटे से अधिक के परामर्श” के बाद समाप्त हो गई है. बातचीत में क्या सहमति बनी, इसपर एक संयुक्त बयान मंगलवार को जारी किया जाएगा.

इस महीने जेद्दाह में पिछले दौर की वार्ता में यूक्रेन अमेरिका द्वारा प्रस्तावित 30-दिनों के युद्धविराम पर सहमत हुए था. इस प्रस्ताव को बाद में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने खारिज कर दिया था.

अब रूस और अमेरिका के अधिकारी काला सागर पहल (ब्लैक सी इनिशिएटिव) को फिर से बहाल करने की संभावनाओं पर बातचीत कर रहे हैं. यह समझौता यूक्रेन के बंदरगाहों से लाखों टन अनाज और अन्य खाद्य के निर्यात की अनुमति देता है.

क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने अपनी हर दिन ब्रीफिंग में कहा, “काला सागर पहल का मुद्दा और इस पहल को रिन्यू करने से संबंधित सभी पहलू आज के एजेंडे में हैं. यह राष्ट्रपति ट्रंप का प्रस्ताव था और राष्ट्रपति पुतिन इस पर सहमत हुए. इसी लक्ष्य के साथ हमारे प्रतिनिधिमंडल ने रियाद की यात्रा की.”

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दिमित्री पेसकोव ने रविवार को रूस की सरकारी मीडिया से कहा था कि हम अभी इस रास्ते (सीजफायर) की शुरुआत में हैं. आगे कठिन बातचीत होनी है.

जबकि पुतिन ने ट्रंप के साथ एक लंबी फोन कॉल में, पूर्ण और तत्काल 30 दिनों के सीजफायर के प्रस्ताव को खारिज कर दिया था. उन्होंने इसके बजाय पावर प्लांट्स पर हमलों को रोकने का प्रस्ताव रखा.

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