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सुरक्षित कृषि, समृद्ध किसान : धमतरी में ‘प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना’ बनी किसानों का संबल….

रायपुर: ​बदलते मौसम, अनियमित वर्षा और प्राकृतिक आपदाओं के दौर में खेती-किसानी को जोखिममुक्त बनाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता रही है। इस दिशा में ‘प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना’ (PMFBY) किसानों के लिए एक अभेद्य आर्थिक सुरक्षा कवच बनकर उभरी है। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में इस योजना के प्रति किसानों का विश्वास न केवल सुदृढ़ हुआ है, बल्कि इस वर्ष भागीदारी के मामलों में एक नया रिकॉर्ड स्थापित हुआ है।

खरीफ वर्ष 2026 में धमतरी जिले के 80 हजार 920 किसानों ने 84,277.75 हेक्टेयर कृषि रकबे का बीमा कराकर अपनी फसलों को सुरक्षित किया है। यह आंकड़ा पिछले पांच वर्षों में सर्वाधिक है, जो कृषि क्षेत्र में बढ़ते विश्वास और योजनाबद्ध खेती की ओर एक बड़ा कदम है।

पिछले वर्ष की तुलना में उल्लेखनीय उछाल

धमतरी जिले में गत वर्ष खरीफ 2025 में जिले के 71 हजार 572 किसानों ने 75,977.28 हेक्टेयर क्षेत्रफल का बीमा कराया था। इस वर्ष योजना से 9 हजार 348 अधिक किसान जुड़े हैं, वहीं बीमित रकबे में भी 8,300 हेक्टेयर से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई है। आंकड़ों के आईने में देखें तो धमतरी जिले में फसल बीमा के प्रति किसानों का रुझान लगातार बढ़ रहा है। वर्ष 2022 में जहां 68 हजार 425 किसानों ने अपनी फसलों का बीमा कराया था, वहीं वर्ष 2023 में यह संख्या बढ़कर 73 हजार 264 तक पहुंच गई। हालांकि वर्ष 2024 में 72 हजार 81 और वर्ष 2025 में 71 हजार 572 किसानों ने बीमा का सुरक्षा कवच चुना, जो लगभग एक समान सहभागिता को दर्शाता है।

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धमतरी जिले में खरीफ 2026 में प्रशासनिक प्रयासों और किसानों की बढ़ती जागरूकता के कारण एक नया इतिहास रचा गया। इस वर्ष यह आंकड़ा सीधे छलांग लगाते हुए 80 हजार 920 तक पहुंच गया, जो बीते पांच वर्षों में बीमित किसानों की अब तक की सर्वोच्च रिकॉर्ड संख्या है। यह रुझान स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि जिले के किसान अब अतिवृष्टि, सूखा या कीट प्रकोप जैसे संभावित जोखिमों के प्रति अधिक सतर्क और जागरूक हो रहे हैं।

​जमीनी अभियानों और प्रशासनिक प्रयासों का असर

रिकॉर्ड संख्या में किसानों के पंजीयन के पीछे जिला प्रशासन और कृषि विभाग की ठोस रणनीति और जन-जागरूकता अभियान की बड़ी भूमिका रही है। कलेक्टर  के मार्गदर्शन में कृषि विभाग द्वारा ग्राम पंचायत स्तर पर विशेष शिविरों का आयोजन किया गया। इन शिविरों में किसानों को बीमा की पात्रता, प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेज और अंतिम तिथि की पारदर्शी जानकारी दी गई। किसानों को दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें, इसके लिए चॉइस सेंटर (CSC) तथा एडीसीसी (ADCC) बैंक शाखाओं के माध्यम से सुगम पंजीयन की व्यवस्था की गई।

फसल बीमा योजना प्राकृतिक आपदाओं की स्थिति में किसानों को मिलती है आर्थिक राहत

अनिश्चित मौसम से आर्थिक सुरक्षा के महत्व को रेखांकित करते हुए किसानों को समय पर पंजीयन कराने हेतु प्रोत्साहित किया गया। किसानों की मेहनत और उनकी फसलों की सुरक्षा जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना प्राकृतिक आपदाओं की स्थिति में किसानों को आर्थिक राहत प्रदान करती है। इस वर्ष रिकॉर्ड संख्या में किसानों का जुड़ना प्रशासन, कृषि विभाग और किसान भाइयों के साझा प्रयासों का प्रतिफल है।

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​समृद्ध ग्रामीण अर्थव्यवस्था की दिशा में मजबूत कदम

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना केवल नुकसान की भरपाई का माध्यम नहीं है, बल्कि यह किसानों में आत्म-निर्भरता और मानसिक शांति का संचार करती है। धमतरी जिले में खरीफ 2026 के दौरान बीमित रकबे और किसानों की संख्या में आई यह ऐतिहासिक तेजी सुरक्षित कृषि, सशक्त किसान और राज्य की समृद्ध ग्रामीण अर्थव्यवस्था के संकल्प को और अधिक मजबूती प्रदान करती है।

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